आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

जिला जेल में नौ महिला बंदियों की गोद में हैं नौ बच्चे

Hardoi

Updated Thu, 09 Aug 2012 12:00 PM IST
हरदोई। यह किस्मत का खेल ही है कि मासूमों को उनके जन्म की सजा भुगतनी पड़ रही है। जिला कारागार में नौ मासूम बिना किसी वजह के सजा भुगत रहे हैं। आठ का जन्म तो घर में हुआ लेकिन मां के साथ सलाखों के पीछे पहुंच गए तो एक मासूम ने जेल में जन्म लिया और अब जेल ही उनकी दुनिया बन गई है।
जिला कारागार में करीब 1300 बंदियों में 48 महिला हैं। इन महिला बंदियों में नौ महिलाओं के साथ उनके मासूम बच्चे भी सजा काट रहे हैं। महिला बंदियों में पुष्पा की गोद में उसकी तीन वर्षीय मासूम पुत्री कल्पना है तो रूबी की गोद में उसका दो वर्ष का पुत्र गोविंद। मोनी की गोद में ढाई वर्ष की पुत्री महक खेल रही है। बिल्लू की गोद में चार वर्ष की पुत्री सिया है। सोहाना अपनी तीन वर्ष की पुत्री आकृति के साथ सजा काट रही है। विट्टन की गोद में साढ़े तीन साल का पुत्र कपिल, संगीता की गोद में चार वर्ष की पुत्री शालिनी और किरन की गोद में साढ़े चार साल की पुत्री अंजली है। संतोष कुमारी ने अभी पांच दिन पूर्व जेल में ही एक पुत्र को जन्म दिया है। इन नौ महिलाओं में दो पर हत्या, तीन पर अपहरण और चार पर दहेज हत्या का आरोप है। फिलहाल उन्होंने जुर्म किया या नहीं इसका निर्णय तो बाद में होगा लेकिन इन महिलाओं के साथ उनके बच्चे सलाखों में कैद हैं और जेल की ऊंची दीवार तक ही उनकी दुनिया सिमट कर रह गई है।


इनसेट
नौ बच्चों को मिली 48 माताएं
हरदोई। मां के साथ सलाखों में कैद मासूम को उनके जन्म की सजा मिल रही है, लेकिन ये मासूम महिला बंदियों का खिलौना बन गए हैं। उन्हें जन्म तो एक मां ने दिया लेकिन वह 48 माताओं की गोद में खेल रहे हैं। जेल में बंद महिला बंदियों में बहुत सी ऐसी हैं जोकि अपने छोटे छोटे बच्चों को घरों में छोड़कर आई हैं। वह महिलाएं इन बच्चों में अपने बच्चों की तस्वीर देख कर उन्हें दुलार दे रही हैं।
जेल अधीक्षक डा. एसआर सिंह के अनुसार महिला बैरक में बच्चों के रोने की आवाज तो सुनाई ही नहीं देती। अगर मां कुछ काम कर रही और बच्चा रोने लगा तो दूसरी महिला बच्चे को गोद में उठा लेती हैं।


इनसेट

जेल में जन्मा ललना, कृष्ण बनेगा या कंटक

हरदोई। जेल में परवरिश पा रहे बच्चे समाज में किस रूप में नजर आएंगे यह तो आने वाला समय ही बताएगा। नौ बच्चों में छह लड़कियां हैं और तीन लड़के। हालांकि इन सभी बच्चों में आठ बच्चे ऐसे हैं जो मां के साथ जेल की सलाखों तक पहुंचे हैं। किसी आरोप में मां जेल में आई तो दुधमुंहे भी जेल आ गए। लेकिन जेल में सजा काट रही एक महिला ने अभी पांच दिन पूर्व ही एक पुत्र को जन्म दिया है। जेल प्रशासन के अनुसार महिला हत्या के आरोप में जेल में है। जब वह आई थी तो गर्भवती थी और अब पुत्र को जन्म दिया है। हत्या जैसे मामले में उसके लंबे समय तक जेल में रहने की बात बताई जा रही है। जेल में जन्मा पुत्र समाज के लिए कृष्णा बनेगा या कटंक यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

इनसेट

जेल में जन्म लेने वाले बच्चों का होगा नामकरण संस्कार
हरदोई। गर्भवती महिला बंदी को जेल प्रशासन की तरफ से महिला बंदी रक्षकों की मौजूदगी में टीकाकरण कराने के साथ ही जिला महिला अस्पताल में प्रसव कराया जाता है। हालांकि बच्चे का जन्म भले ही जेल में हुआ हो लेकिन उसका जन्म स्थान जेल नहीं लिखा जाता है। जेल अधीक्षक डा. एसआर सिंह ने बताया कि जेल में बंद महिला के बच्चे का जन्म स्थान सिविल लाइन लिखा जाता है। वहीं बच्चों का नामकरण संस्कार भी कराने का इंतजाम है। बच्चे के नामकरण संस्कार की व्यवस्था जेल मैनुअल में है। हालांकि अभी तक इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता था लेकिन अब जन्माष्टमी से इसकी शुरूआत की जा रही है। अब जेल में जिस बच्चे का जन्म होगा उसका नामकरण संस्कार कराया जाएगा जिसके लिए कार्यक्रम आयोजित होगा। बच्चे के माता पिता के धर्म के अनुसार हवन पूजन के साथ ही उसके परिवारी जनों को भी बुलाया जाएगा और दावत भी की जाएगी।

इनसेट
बच्चों के लिए नहीं हैं क्रैच
हरदोई। जेल में बच्चों के विशेष इंतजाम का दावा किया जा रहा है। जेल प्रशासन के अनुसार बच्चों के लिए आधा लीटर दूध और उनकी माताओं को अलग से आधा लीटर दूध दिया जाता है। दूध के साथ ही माताओं को पौष्टिक आहार भी दिया जाता है। हालांकि बच्चों के खेलने के लिए खिलौने भी हैं लेकिन जेल में क्रैच की व्यवस्था नहीं है। जेल मैनुअल के अनुसार छोटे बच्चों के लिए खेल का पूरा सामान होना चाहिए। जिसके लिए एक पूरा क्रैच होता है। जेल अधीक्षक का कहना है कि क्रैच तो नहीं है लेकिन बच्चों के खिलौने पूरे हैं और आवश्यकता पढ़ने पर मंगवाए भी जाते हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

24 घंटे किसानों की मदद के लिए आया माय एग्री गुरु ऐप  

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Box Office : 'रंगून' की फीकी शुरुआत, छुट्टी वाले दिन भी 5 करोड़ पर सिमटी

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

अपने हर हीरो को निचोड़ डालती है कंगना, ये फिल्में हैं सबूत

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

सर्जरी कराकर फंसी आयशा टाकिया, फैंस बोले, 'अब आईना कैसे देखोगी ?'

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

वेट लॉस के लिए खाली पेट पानी पीना कितना सही, यहां जानिए

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Most Read

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

डिंपल यादव काे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान

keshav prasad maurya attacks on dimple yadav
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top