आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

उपचार नहीं, मिलता है यहां मौत का कार्ड!

Hardoi

Updated Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
‘जिला अस्पताल के बर्न वार्ड जख्मों पर नमक छिड़क रहा है। अस्पताल में भर्ती आग से जले मरीजों की जिंदगी पर लापरवाही भारी पड़ रही है। मरीज आते हैं, स्वस्थ होने को, इनफेक्शन जान ले रहा है। बर्न वार्ड का एसी खराब रहता है, जिससे मरीज तड़पते रहते हैं। मरीजों की पट्टी भी जानलेवा साबित हो रही है। बर्न वार्ड में पट्टी के लिए अलग से कोई चैंबर नहीं है, पर मरीजों की पट्टी सुरक्षित व विसंक्रमित स्थानों की बजाय कभी शव गृह के सामने नल पर तो कभी शौचालय में ले जाकर पानी डालते हुए की जाती है। उधर, हर माह सेप्टीसीमिया से करीब 5 से 7 मौतें होती हैं। जनवरी में चार, फरवरी में तीन, मार्च में छह, अप्रैल में पांच, मई में सात, जून में पांच और जुलाई में पांच लोगों की मौत हुई। उधर, वार्ड में मरीजों को पानी भी गंदा पीना पड़ता है। पानी की टंकी की सालों से सफाई नहीं हुई है। यही पानी मरीज पीते हैं और इसी से घाव पर धोने पड़ते हैं। पलंग काफी गंदे हैं, वार्ड में तीमारदारों की भीड़ रहती है। तीमारदार खुद गंदगी फैलाते रहते हैं, जिसका असर मरीजों पर पड़ता है।’
हरदोई। बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों के जख्मों पर सिल्वर सल्फाडाइजीन मरहम लगाया जाता है। मरहम पट्टी पर लपेट कर लेपा जाता है और यह पट्टी हटाई भी जाती है, जिससे पट्टी हटाने को पानी की जरूरत पड़ती है। एक ओर पानी डालते हुए दूसरी ओर पट्टी हटाई जाती है और बाद में साफ पट्टी पर मरहम लगाकर लपेट दिया जाता है। इसी में लापरवाही होती है।
बर्न वार्ड के पास पानी का इंतजाम नहीं है। परेशान तीमारदार पड़ोस में सुलभ शौचालय में मरीज को लेकर जाते हैं और वहीं पर फर्श पर लिटाकर उसकी पट्टी हटाते हैं, तो कई शव गृह के पास रखे नल के पास मरीज को लेकर जाते हैं। यह सब काम तीमारदार ही करते हैं। सोमवार को अमर उजाला ने अपनी आंखों से ऐसा ही मामला देखा, जिसमें मरीज के तीमारदार मरीज को चादर में लिटाकर सुलभ शौचालय ले जा रहे थे। पूछने पर बताया कि अंदर पानी में पट्टी बदलनी है। उधर, आग से जले मरीज के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है।
डॉक्टरों के अनुसार ऐसी हालत में मरीज को विसंक्रमित क्षेत्र में ही रखा जाता है, जिससे कोई भी वैक्टीरिया शरीर में प्रवेश न करे। आग से जले हुए मरीज के पहले ही सेल जलकर नष्ट हो जाते हैं। यही सेल पससेल्स बन जाते हैं, जो रक्त में जीवाणु पैदा करते हैं। पससेल्स से मरीज को सेप्टीसीमिया होता है और सेप्टीसीमिया से ही टाक्सीसीमिया हो जाता है और मरीज की मौत हो जाती है।
इंसेट---
केस 1-बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के एसडीएम कंपाउंड निवासी इमरान की पत्नी रेशमा (30) 28 जून को आग से झुलस गई थी। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बर्न वार्ड में भर्ती रेशमा की हालत काफी सुधर गई, पर उसे ऐसा इनफेक्शन फैला कि 16 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
के स 2-लोनार क्षेत्र के मुजाहिदपुर निवासी छोटे की पत्नी नन्हीं (20) 26 जून को आग से झुलस गई थी। उसे बर्न वार्ड में भर्ती कराया। उपचार के बाद जख्म ठीक भी हो गए, पर 17 जुलाई को इनफेक्शन से मौत हो गई। यह दोनों मामले तो महज बताने को हैं। ऐसे हर माह कई केस हो रहे हैं, जिसमें आग से झुलसे मरीज को जिला अस्पताल में उपचार को भर्ती कराया जाता है। जख्म तो उनके ठीक हो जाते हैं, पर इनफेक्शन उनकी जान ले लेता है।
इंसेट--
यह होनी चाहिए व्यवस्था---
बर्न वार्ड पूरी तरह विसंक्रमित होना चाहिए।
कर्मियों का हाथ और मुंह ढका होना चाहिए।
वार्ड में जाने के पूर्व विशेष कपड़े दिए जाते हैं।
बर्न वार्ड में गंदगी भी कतई नहीं होनी चाहिए।
पट्टी पूरी तरह से विसंक्रमित स्थान पर की जाए।
इंसेट--
अब इनकी सुनो---
‘सीएमएस डॉ. प्रेम नारायण का कहना है कि वार्ड का एसी ठीक है, चादरें रोजाना बदली जाती हैं। मरहम और पट्टी स्वास्थ्य कर्मचारी ही करते हैं। इसके लिए अलग से चैंबर की व्यवस्था होती है, पर अस्पताल में चैंबर नहीं है, जिससे वार्ड के अंदर ही पर्दा लगाकर मरीजों की पट्टी कराई जाती है। कुछ तीमारदार ही पट्टी छुड़ाते समय दर्द की बात कहते हुए अपने आप हटाने की जिद करते हैं और बाहर पट्टी करने ले जाते हैं। शौचालय में पट्टी की उन्हें जानकारी नहीं है, अगर ऐसा है तो कड़ाई करेंगे और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को भी सख्त हिदायत दी जाएगी कि वह मरीज की वार्ड में ही पट्टी करवाएं। लापरवाही पर कार्रवाई होगी।’
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

death card

स्पॉटलाइट

Toyota Camry Hybrid: नो टेंशन नो पोल्यूशन

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या करीना कपूर ने बदल दिया अपने बेटे तैमूर का नाम ?

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Oscars 2017: घोषणा किसी की, अवॉर्ड किसी को

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

कजरारे कजरारे के बाद फिर बेटे बहू के साथ दिखेंगे बिग बी

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या आप भी दवा को तोड़कर खाते हैं? उससे पहले पढ़ें ये खबर

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा मंत्री के काफिले पर हमला, 9 भाजपाई गिरफ्तार

attack on  sp minister awadesh prasad
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

सेना को अपशब्द कहने पर छात्र नेताओं में हुई मारपीट, कपड़े तक फाड़ डाले

clash in abvp sfs leaders at student center of punjab university due to use of word rapist for army
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

बदलेगा मौसम, हिमाचल के 10 जिलों में कल भारी ओलावृष्टि की चेतावनी

 Heavy HailStorm Forecast for Himachal from 28th Febrary.
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top