आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

उफनाईं नदियों ने बढ़ाई ‘धुकधुकी’

Hardoi

Updated Sun, 05 Aug 2012 12:00 PM IST
हरदोई/सवायजपुर। पंचनदियों से घिरे कटियारी क्षेत्र मेें गंगा के साथ रामगंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है, जिससे लोग दहशत मेें है। रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवोें के लोगों ने घरों को खाली कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है। शनिवार को सवायजपुर के गोरियां गांव में नदी किनारे बसे लोग दहशत में दिखे। इस गांव में नदी के तेज बहाव से कटान भी शुरू हो गया है। उधर, प्रशासन का कहना है अभी नदी का जलस्तर ज्यादा नहीं बढ़ा और न ही कोई नुकसान होने की जानकारी मिली है।
वर्ष10 एवं 11 में आई बाढ़ से मिले जख्म अभी भी लोगों के भर नहीं पाए हैं। इन वर्षों में आई बाढ़ से बडे़ पैमाने पर तबाही मची थी। यही कारण है कि नदियों के किनारे बसे गांवों में झुग्गी झोपड़ी डालकर तथा ईंट गारे से घरौंदा बनाकर रहने वाले अभी से ही तबाही के प्रति सशंकित होकर अपने और अपनों का सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने को जुट गए हैं। आलम यह है कि ईंटों को बाढ़ में बहने से बचाने को लोग अपने घरौंदों को तोड़ने लगे हैं, ताकि ईंटों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए। इस समय नदियों के किनारे बसे गोरिया, साई, बरहुली, बारमऊ, नंदना, ढकपुरा, नगरियां, मंसूरपुर, बेहटा, श्रीमऊ, श्यामपुर, पथ्थरपुरवा, खेरा, सुदनीपुर, खद्दीपुर, लखमापुर, बाबपुर गांवों के कुछ हिस्सों के अलावा मजरों के लोग बाढ़ से सशंकित हैं।
उधर, अबकी बाढ़ आने पर बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही राहत शिविरों को लेेकर चुनौती होगी। पिछली बार हरपालपुर से लेकर चौसार तक में राहत शिविर बना दिए गए थे तथा वहां तक सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता था, पर अबकी लमकन के पास पुल क्षतिग्रस्त होने से सांडी के आगे हरपालपुर तथा चौसार आदि कटियारी क्षेत्र में पहुंचने को सड़क मार्ग का सहारा नहीं मिल पाएगा। इसी तरह से बिलग्राम से कन्नौज मार्ग क्षतिग्रस्त होने से यह सड़क मार्ग भी बाढ़ के दौरान उपयोग नहीं हो पाएगा, जिससे काफी मुश्किलें होंगी। पांच नदियों से घिरे पंचनद कटियारी क्षेत्र वर्ष 10 में आई बाढ़ काफी भयावह थी। एक पखवाड़े से ज्यादा समय तक रही बाढ़ से एक अरब से ज्यादा संपत्तियों का नुकसान हुआ था।
इसके अलावा सैकड़ों लोग बेघर होकर खाने को मोहताज हो गए थे। वर्ष 11 में भी बाढ़ ने एक सप्ताह तक तबाही मचाई थी तथा करीब पचास करोड़ का नुक सान होने का आकलन किया गया था।
इंसेट
इन गांवों पर सबसे ज्यादा पड़ता असर
हरपालपुर। भीषण बाढ़ आने पर सबसे ज्यादा गांव सांडी, हरपालपुर, बिलग्राम, मल्लावां, माधौगंज ब्लाक क्षेत्र के प्रभावित होते हैं। कटियारी क्षेत्र गर्रा, गंभीरी, गंगा, रामंगा, नीलम नदियों से प्रभावित होता है। सबसे ज्यादा बाढ़ से तबाही बारामऊ, ढकपुरा, मुरवा शहाबुद्दीनपुर, आलमपुर, अरबल, चंद्रमपुर, कटरीछोछपुर, दहेलिया, नोनखारा,बेडीजोर, बेहथर, बेहटालाखी, बेहटा मुडिया आदि के अलावा छोटे छोटे मजरों में होती है।
इंसेट
बाढ़ को लेकर सजग है प्रशासन
‘एडीएम राकेश मिश्र ने कहा कि फिलहाल जिले में बाढ़ के हालात नहीं हैं, फिर भी अहतियातन हर स्तर पर सजगता बरतने के निर्देश अफसरों, कर्मियों को दिए गए हैं। बाढ़ आने पर हालात कुछ भी हो पूरी सजगता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।’
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

rivers ' dhukdhuki '

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

सपा-कांग्रेस का हुआ गठबंधन, सपा- 298, कांग्रेस-105 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

congress sp alliance sealed
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

माया का पलटवार, ‘सपा का काम कम, अपराध ज्यादा बोलता है’

mayawati criticizes on akhilesh manifesto
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top