आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

डेढ़ करोड़ की ‘मरीचिका’ में सुलगी धरती

Hardoi

Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
‘मध्यम बोरिंग योजना पिछले कुछ वर्षों से जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही थी। किसानों में ही नहीं, 75 हजार रुपए तक का अनुदान देने वाली जिले की पहली ऐसी योजना बनने के कारण अफसरों में भी इस योजना को लेकर चर्चाएं आम हो गई थी, पर इस वित्तीय वर्ष जैसे इस योजना को नजर सी लग गई। लक्ष्य साधने के बाद भी डेढ़ करोड़ रुपए में से एक फूटी कौड़ी भी जिले को नसीब नहीं हुई। आलम यह हुआ कि बजट के अभाव में योजना का दम निकलने के साथ ही धरती का भी कलेजा सूख गया और इस सुलगती धरती को देखकर 217 अन्नदाताओं के भविष्य भी धुआं हो गए। अब सबकी नजरें जिला योजना पर लगी हुई हैं, कि शायद ‘कुछ’ हो जाए।’
हरदोई। लघु सिंचाई विभाग में मध्यम गहरी बोरिंग योजना में अभी तक लक्ष्य में कमी से कई दर्जन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था, पर अबकी जिले के किसानों की मांग के लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया है। अबकी वित्तीय वर्ष में 217 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया था। यानी एक पर 75 हजार का अनुदान देने से एक करोड़ 62 लाख से ज्यादा के बजट की जरूरत थी और इतना लक्ष्य मंजूर भी किया गया था।
इससे कम से कम इन 217 किसानों के परिवार अपने उज्ज्वल भविष्य को लेकर खुशियां मनाते हुए बजट का इंतजार ही कर रहे थे और इंतजार इतना लंबा होता चला गया कि तब तक उनकी धरती का कलेजा पूरा ही सूख गया। बजट न आने से भले ही योजना को इस बार मुंह की खानी पड़ी हो, पर पिछले सालों और विभागीय दावों को परखे तो पता चलता है कि इससे पूर्व जिलों के किसानों को अपने खेतों में सिंचाई को या तो बारिश, नहर की राह ताकनी पड़ती थी। बोरिंग आदि पर भी जिले का अन्नदाता निर्भर रहते हैं। जिसके बाद लघु एवं सीमांत कृ षक निशुल्क बोरिंग योजना पर ही निर्भर रहते थे, पर उसका पूरा लाभ अनुसूचित जाति के किसानों को ही मिल पा रहा था।
विभागीय अफसरों की मानें तो जब से जिले में योजना को लागू किया गया है, तब से जिन किसानों को इस योजना में चयन हुआ, उनके चेहरे खिल से गए हैं, क्योंकि यही एक ऐसी योजना है, जिसमें सबसे ज्यादा अनुदान 75 हजार तक का दिया जा रहा था। इसमें जाति पात का भी कोई बंधन नहीं था और सभी वर्गों को सामान्य रूप से एक ही लाभ दिया जा रहा था। शर्त इतनी रखी गई थी कि कृषक के पास 5 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि न हो।
इंसेट---
‘अब तक कर रहे बजट आने का इंतजार’
‘लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मध्यम बोरिंग योजना में वित्तीय वर्ष में 217 का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें बजट का ही अब तक इंतजार किया जा रहा है। किसानों द्वारा ड्राफ्ट आदि भी जमा किए गए हैं। फिर भी किसानों को हताश होने की जरूरत नहीं है। जिला योजना में तो इस बार और लक्ष्य साधा ही जाएगा। बजट मिलते ही बोरिंग कराने का काम तेज कर दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 10-11 में 185 एवं 11-12 में 219 लक्ष्य रखा गया था। इस बार 217 की मंजूरी प्राप्त हुई।’
इंसेट
मध्यम गहरी बोरिंग योजना की प्रक्रिया
हरदोई। योजना में 31 से 60 मीटर तक की गहराई का छह इंच पीवीसी पाइप से बोरिंग कार्य होता है। बोरिंग की सफलता सुनिश्चित करने को ग्राउंड वाटर सर्वे को 1500 रुपए का ड्राफ्ट किसान को जमा करना होता है। सर्वे में बोरिंग के सफल पाने की दशा में आगणन बनाकर किसान को दिया जाता है। जिसकी 50 फीसदी राशि ड्राफ्ट द्वारा लघु सिंचाई विभाग में जमा करनी होती है। नलकूप की लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 75 हजार रुपए जो कम होगा वह राशि अनुदान में मिलती है। इसके बाद भी यदि कृषक द्वारा जल वितरण प्रणाली का निर्माण किया जाता है, तब नाली निर्माण की लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम दस हजार रुपए जो कम होगा, उस राशि का अनुदान देय होगा।
इंसेट
मध्यम के अलावा निशुल्क बोरिंग योजना भी
हरदोई। लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए मध्यम बोरिंग के अलावा निशुल्क बोरिंग योजना का भी क्रियान्वयन किया जाता है। इसमें चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में किया जाता है। उसी का चयन होगा, जिसने कभी इस योजना का लाभ न लिया हो। कृषक की न्यूनतम जोत सीमा .2 हेक्टेयर निर्धारित है। लाभार्थी के नाम जॉबकार्ड होना चाहिए। सामान्य जाति के कृषक का नाम बीपीएल सूची में होना जरूरी है। सामान्य जाति के लघु कृषक को बोरिंग पर पांच हजार तो पंपसेट पर 45 सौ रुपए का अनुदान। सामान्य जाति के सीमांत कृषक को बोरिंग पर सात हजार व पंपसेट पर छह हजार एवं अनुसूचित जाति के लघु या सीमांत कृषक को बोरिंग पर दस हजार या पंपसेट पर नौ हजार रुपए का अनुदान दिया जाता है। विभाग ने इस योजना में 81 से ज्यादा किसानों को लाभान्वित किया है।
इंसेट---
बिजली लाइन खिंचवाने का भी मिलता लाभ
हरदोई। आने वाले समय में जिन किसानों ने योजना का लाभ तो लिया है, पर बिजली विभाग द्वारा उनकी लाइन को खिंचवाने को परेशानी हो रही या फिर उनकी लाइन बिछाने को एक लाख तीस हजार का स्टीमेट बनाया जा रहा, तो ऐसे कुछ किसानों को विभाग राहत दे सकता है। सहायक अभियंता का कहना है कि बिजली विभाग से मांग की जा रही कि यदि लाभ दिया गया तो किसानों को ट्रांसफार्मर बिजली विभाग की ओर से मुफ्त योजना के तहत प्रदान किया जाए।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

marrakech sulgi earth

स्पॉटलाइट

जानिए किसने खोजी थी बाबा अमरनाथ की गुफा?

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

इस NRI लड़की के लिए जॉन ने बिपाशा को दिया था धोखा, गुपचुप तरीके से कर ली थी शादी

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

नहाते वक्त कहीं आप भी तो नहीं कर रहें ये गलतियां

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

अबकी गुस्सा हो जाऊं तो ऐसे मनाना...डियर ब्वाय फ्रेंड

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

सलमान जैसे कई स्टार्स की ये गंदी आदतें भूलकर भी न अपनाएं, कर देंगी आपकी हेल्थ चौपट

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

Most Read

उत्तराखंड के लोकगायक नरेंद्र स‌िंह नेगी को पड़ा हार्ट अटैक, हालत गंभीर

uttarakhand folk singer narendra singh negi admitted in hospital
  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

ईद पर शबाना के SMS से DM का दिल पसीजा, तोहफे में दी ईदी

Eid Mubarak Shabana sent SMS to Varanasi DM, got Idi in gift
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

आसाराम को आया गुस्सा, पुलिस को दिखाई आंख, जानिए क्यों...

asaram angry on police, why
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

विधानसभा में दो युवकों ने पर्चे फेंके ,अध्यक्ष ने जेल भेजा

ruckus created by 2 angry aap workers inside delhi assembly, level corruption against satyendra jain
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

आउटसोर्सिंग पर नियुक्त डेढ़ हजार कंप्यूटर शिक्षकों को झटका

Himachal Government extension to IT company NIELIT
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top