आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कस्तूरबा स्कूल में अब सिफारिश से प्रवेश

Hardoi

Updated Fri, 13 Jul 2012 12:00 PM IST
अतरौली (हरदोई)। समाज से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने के लिए केंद्र सरकार ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की स्थापना की थी। अब टेस्ट और सिफारिश के आधार पर प्रवेश की तैयारी चल रही है। वहीं, स्टाफ भी स्कूल में नहीं रुक रहा है। कस्तूरबा स्कूल अतरौली में छात्राओं के प्रवेश के लिए बोर्ड पर सूचना चस्पा कर दी गई है। विभागीय निर्देश के अनुसार तैनात स्टाफ को गांवों में जाकर वंचित बच्चों की तलाश करना है। किंतु यहां पर वंचितों की जगह सिफारिशों से काम चलाया जा रहा है। वंचित बच्चों के पास टीसी नहीं होती है। अतरौली में वार्डेन गिजाल फिरदौस का कहना है कि प्रवेश के लिए कम से कम एक वर्ष अंतर की टीसी चाहिए। अतरौली में 12 जुलाई को काउंसिलिंग की तर्ज पर प्रवेश लेने की तैयारी की गई है। जुलाई के दस दिन बीतने के बावजूद स्टाफ विद्यालय में रुक नहीं रहा है। मंगलवार को विद्यालय में प्रवेश कराने आई लालपुर मजरा दूलानगर की बालिका और उसके अभिभावक विद्यालय में ताला देखकर वापस चले गए। विद्यालय में सिर्फ दो चपरासी ही थे।
इंसेट
कक्षा 8 की मान्यता की समस्या
अतरौली (हरदोई)। ऐसा कोई शासनादेश पारित नहीं किया गया है, जिसके द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को कक्षा आठ की परीक्षा संपादित कराने से संबंधित मान्यता प्रदान की गई हो। इंटरनेट पर केंद्र की वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार यह एक शिविर व्यवस्था है, जो कि शिक्षा से वंचित बच्चों को शिविर में लाकर दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में पहुंचाने का कार्य करती है। कस्तूरबा स्कूल अतरौली के पहले बैच के बच्चों का नामांकन जूनियर हाईस्कूल अतरौली में कराया गया था और वहीं से कक्षा 8 की परीक्षा दिलाई गई थी, किंतु बाद में बिना किसी शासनादेश के कस्तूरबा स्कूल में ही परीक्षा संपादित करा दी गई। कस्तूरबा स्कूलों के प्रभारी व जिला समन्वयक जौहरी ने बताया कि मान्यता से संबंधित कोई शासनादेश नहीं मिला है।

इनसेट
नहीं मिलता पूरा पारिश्रमिक
अतरौली (हरदोई)। कस्तूरबा स्कूलों में तैनात वार्डेन और शिक्षकों को मानदेय दिया जा रहा है। कस्तूरबा स्कूल का संचालन मान्यता प्राप्त विद्यालय की पद्धति पर चलाया जाता है। सूबे के कई जिलों में कस्तूरबा स्कूलों का संचालन गैर सरकारी संस्थाओं के द्वारा किया जा रहा है। जबकि जिले में यह व्यवस्था बेसिक शिक्षा विभाग को दी गई है। किसी विद्यालय को मान्यता देने से पहले मिनिमम वेजेज एक्ट का पालन करने की बाध्यता संबंधित शपथपत्र निजी स्कूलों से विभाग द्वारा ले लिया जाता है। जबकि कस्तूरबा स्कूलों में एक्ट के प्रावधानों को नजर अंदाज किया जा रहा है।
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

यहां हुआ अनोखे बच्चे का जन्म, गांव वालों का डर 'कहीं ये एलियन तो नहीं'

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कोहली और KRK पीते हैं ऐसा खास पानी, एक बॉटल की कीमत 65 लाख रुपये

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कहीं गलत तरह से शैम्पू करने से तो नहीं झड़ रहे आपके बाल, ये है सही तरीका

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

मसाज करवाकर हल्का महसूस कर रहा था शख्स, घर पहुंचते हो गया पैरालिसिस

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

यहां खुद कार चलाकर ऑपरेशन थियेटर में जाते हैं बच्चे

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

Most Read

लाल किले के पास सेल्फी लेते-लेते ही चोरी हो गया यूक्रेन के राजदूत का मोबाइल

 Ukraine ambassador to India Igor Polikha's cellphone stolen while taking selfie near Red Fort
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का आदेश जारी, अभी करना होगा इंतजार

Arrears of seventh pay commission will be paid from December
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

प्रद्युम्न हत्याकांडः रायन स्कूल के मालिकों को पुलिस ने भेजा समन, 26 को पूछताछ

pradyuman murder: gurugram police summons pinto family for interrogation and all updates in the case
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, कल भी हो सकती है भारी बरसात

mercury dips as rains lashes out in delhi ncr, tomorrow also rains may come
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

112 साल बाद छत्तीसगढ़ में नजर आया सबसे छोटा हिरण, नाम है 'माउस डियर'

after 112 years Indian mouse deer spotted in Chhattisgarh
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!