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निर्माण को नाबार्ड से मिलेगा अनुदान

Hardoi

Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
हरदोई। ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज भंडारण के लिए गोदाम निर्मित हो सके तथा ग्रामीणों को भंडारण करने के लिए समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक नाबार्ड द्वारा भंडारण गृहों के निर्माण के प्रति लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रोत्साहन के तौर पर प्रोजेक्ट राशि पर 25 से 33 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा। नाबार्ड की इस योजना का लाभ बैंकों के माध्यम से लिया जा सकता है।
जिले में योजना परवान चढ़ी और लोगों ने भंडारण ग्रह निर्माण के प्रति रुचि दिखाई तो आगामी समय में यहां भंडारण गृहों का टोटा समाप्त हो जाएगा। खेती किसानी करने वालों के अनुमान के मुताबिक जिले में हर वर्ष औसतन डेढ़ से पौने दो करोड़ कुंतल गेहूं एवं सवा करोड़ कुंतल धान का उत्पादन होता है। इसमें करीब 85 फीसदी अनाज की बिक्री होती हो जाती है जिस हिसाब से हर वर्ष औसतन एक करोड़ से डेढ़ करोड़ कुंतल तक गेहूं एवं 80 से 95 लाख तक धान की बिक्री होती है। इसके अलावा निकटवर्ती जनपदों से सटे गांवों से भी अनाज बिक्री के लिए आ जाता है। मगर इसके सापेक्ष भंडारण व्यवस्था नहीं है। सूत्रों के अनुसार जिले में सरकारी क्षेत्र एवं निजी क्षेत्र के भंडारण गृहों को मिलाकर भंडारण क्षमता करी सवा लाख एमटी है। इसमें भी भंडारण गृहों में पहले से ही अनाज स्टोर होने के कारण किसानों को अपना अनाज रखने के लिए जगह नहीं मिल पाती है।
किसानो को अपना अनाज रखने के लिए भंडारण गृह नहीं मिल पाते हैं। गांवों में भंडारण गृहों का पूरी तरह से अभाव है ऐसे में किसान अगर अपने अनाज को बाजार चढ़ने की उम्मीद में रोकना चाहे तो उनके सामने भंडारण की समस्या आती है कि आखिर वे सुरक्षित ढंग से अपने अनाज का भंडारण कहां करें। यही कारण है कि भारत सरकार ने भंडारण गृहों के निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए भंडारण योजना शुरू की है। योजना के तहत किसान, एनजीओ, उद्यमी, समूह आदि भंडारण गृह निर्माण करा सकते हैं। भंडारण गृह निर्माण कराने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर बैंकों में देना होता है जहां से मार्जिन मनी के इतर की राशि पर कर्ज स्वीकृत होता है तथा प्रोजेक्ट राशि पर नाबार्ड द्वारा सामान्य वर्ग के लोगाें को 25 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए 33 फीसदी अनुदान दिए जाने की व्यवस्था है। इस संबंध में नाबार्ड के डीडीएम राजीव मोहन ने कहा कि भारत सरकार की यह योजना काफी अच्छी है और लोगों को इसका लाभ बैंकाें के माध्यम से उठाना चाहिए।
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