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रिकार्ड बना रही गेहूं खरीद

Hardoi

Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
हरदोई। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद नए रिकार्ड बना रही है। अभी तक करीब 1 लाख 15 एमटी गेहूं की खरीद गेहूं समर्थन मूल्य योजना के तहत हुई है, जो अब रिकार्ड बनाने जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यहां पहली बार सरकारी गेहूं खरीद का आंकड़ा 1 लाख 10 हजार एमटी के पार पहुंचा है। देश को आजादी मिलने के बाद से यह खरीद अब तक की सबसे बड़ी सरकारी खरीद है।
पिछले साल करीब 1 लाख एमटी गेहूं की खरीद हुई थी। नोडल अधिकारी एवं एडीएम राकेश मिश्रा ने भी खरीद को सबसे बड़ी खरीद बताते हुए कहा कि 30 जून तक खरीद जारी रहेगी और खरीद का आंकड़ा 1 लाख 20 हजार एमटी के पार पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि बारदानें की कमी को दूर किया जा रहा और क्रय केंद्रों पर फिर से खरीद शुरू हो गई है। इस साल जिले में सरकारी गेहूं खरीद का लक्ष्य 1 लाख 5500 एमटी रखा गया था। जिसके सापेक्ष अभी तक सरकारी क्रय केंद्रों ने 81,527 व आढ़तियों ने 33,865 एमटी की खरीद की है।
शासन द्वारा पहली बार जिले में अन्य प्रदेशों की तर्ज पर समर्थन मूल्य योजना के तहत आढ़तियों के माध्यम से भी गेहूं की खरीद कराई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि आढ़तियों के माध्यम से भी खरीद कराने से ही जिले में गेहूं की खरीद नए रिकार्ड बनाने जा रही है। आंकड़ों से साफ है कि अगर क्रय केंद्रों के माध्यम से ही केवल खरीद होती, तो अभी तक लक्ष्य ही नहीं पूरा हो पाता। यह अलग है कि खरीद को लेकर अनियमितताओं के आरोप खूब लगे हैं। किसानों को अपना गेहूं तौलवाने को कचहरी में प्रदर्शन करने से लेकर गेहूं से लदी ट्रालियां तक लानी पड़ी और मंडी में किसानो के साथ मारपीट भी हुई।
इसके बाद भी लक्ष्य से ज्यादा खरीद होने एवं खरीद का नया रिकार्ड बनने को लेकर खरीद एजेंसियों के अफसर काफी खुश नजर आ रहे हैं। उधर, जिले में गेहूं की सरकारी खरीद रिकार्ड बनाने की ओर अग्रसर है, पर इस खरीद को लेकर किसानों का पुरसाहाल नहीं है। आलम यह है कि गेहूं तौलाने से लेकर भुगतान लेने तक किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। अधिकांश क्रय केंद्रों के बैंक खातों में पैसा न होने से किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। हालत इतनी खराब है कि गेहूं बेचने के 30 से 40 दिनों बाद भी किसानों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
सबसे ज्यादा भुगतान यूपीएसएस में किसानों का फंसा हुआ है, फिर भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है। इस संबंध में गेहूं खरीद की नोडल एजेंसी विपणन विभाग के डिप्टी आरएमओ बीपी सिंह ने कहा कि इस मामले में एजेंसियों को चेतावनी दी गई है। एक सप्ताह में भुगतान की स्थित न सुधरी तो कार्रवाई कराई जाएगी।
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