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खुले में गेहूं, बारिश करेगी बंटाधार

Hardoi

Updated Fri, 01 Jun 2012 12:00 PM IST
हरदोई। जिले में खाद्यान्न बैंक न होने तथा खाद्यान्न भंडारण को समुचित गोदाम न होने का खामियाजा किसानों से लेकर केंद्र प्रभारियों को भुगतना पड़ता है। भंडारण की समस्या को उगाही का जरिया बनाने से जहां सरकारी खरीद के खाद्यान्न की डिलीवरी को सुविधा शुल्क देना पड़ता है, तो उस सुविधा शुल्क की भरपाई से लेकर बढ़ने वाले ट्रांसपोर्ट के खर्चे का भार केंद्रों पर किसानों से वसूला जाता है।
यहां होने वाले गेहूं की खरीद के सापेक्ष भंडारण क्षमता 60 फीसदी भी नहीं है। ऊपर से गोदामों में पहले से ही भंडारित रहने वाले पुराने गेहूं एवं चावल से गोदामों में पूरी क्षमता भंडारण को नहीं मिल पाती है। ऐसे में भंडारण की समस्या को दूर करने को निजी क्षेत्र से गोदाम किराए पर लेने के साथ ही खरीद के दौरान पीडीएस का खाद्यान्न का उठान अग्रिम रूप से कराने के बाद भी भंडारण की समस्या बनी रहती है। लगभग 25 हजार एमटी खाद्यान्न के बोरे साल भर इधर से उधर चक्कर लगाते रहते हैं। ऐसे में अगर खुले में गेहूं को लगाना पड़ा, तो बारिश से भीग कर गेहूं के सड़ने के आसार प्रबल हो जाएंगे। सरकारी खाद्यान्न के भंडारण को जिले में पांच सरकारी गोदाम है एवं गोदाम टीन शेड वाला है। इन पांचों गोदामों की कुल भंडारण क्षमता करीब 60 एमटी हजार है, जबकि इस साल गेहूं खरीद का लक्ष्य 1 लाख 5500 एमटी है, जिससे साफ है कि खरीद लक्ष्य के सापेक्ष भंडारण क्षमता 60 फीसदी नहीं है, जबकि इन गोदामों में गेहूं खरीद शुरू होने से पहले करीब 35 हजार एमटी गेहूं एवं चावल का भंडारण था। ऐसे में गेहूं की खरीद शुरू होने के बाद अप्रैल, मई एवं जून का पीडीएस का खाद्यान्न का उठान करा 30 हजार एमटी भंडारण की क्षमता बनाई गई। अभी तक करीब 80 हजार एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है और इन भंडारण ग्रहों में 55 हजार एमटी गेहूं का भंडारण किया गया है। शेष गेहूं के भंडारण को अब तक निजी क्षेत्र के गोदाम किराए पर लिए जा चुके है। इसके बाद भी भंडारण की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अब प्रशासन जुलाई तथा अगस्त माह को पीडीएस खाद्यान्न का उठान कराकर गोदामों में बीस से 25 हजार की भंडारण क्षमता बनाने की दिशा में काम कर रहा, ताकि गेहूं खरीद का लक्ष्य 1 लाख 55 हजार एमटी का भंडारण पूरा किया जा सके। गेहूं की खरीद 30 जून तक होनी है। ऐसे में लक्ष्य से ज्यादा गेहूं की खरीद होने पर या पीडीएस का उठान रुकने पर गेहूं को गोदामों के बाहर खुले में लगवाना पड़ेगा और बारिश से गेहूं को भीगने से बचाने को भगवान से ही दुआ करनी पड़ेगी।
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