आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

हरे चारे का टोटा, दूध का संकट

Hardoi

Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
हरदोई। गर्मी बढ़ने के साथ ही हरे चारे का टोटा पड़ गया है, जिससे दुधारू पशुओं का दूध 40 फीसदी तक क म हो गया है, जिससे दूध की मांग को पूरा करने को दूधियों ने मिलावट का खेल काफी तेज कर दिया है। दूध में पानी मिलाने के साथ ही उसे गाढ़ा करने को घातक रासायनिक चीजों का उपयोग किया जा रहा है।
जिले में 1101 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें प्रति ग्राम पंचायत सर्दी, बारिश के मौसम में 5 से 6 सौ लीटर दूध का उत्पादन होता है। जिले में 7 पालिका एवं 6 पंचायत क्षेत्र हैं, जहां औसतन हर रोज 1 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है। इस तरह सर्दी, बारिश के मौसम में जिले भर में करीब 6 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसमें करीब 30 फीसदी दूध लोग अपने प्रयोग तथा खोया एवं घी आदि बनाने को रोक लेते हैं और करीब 4 लाख लीटर दूध की हर रोज बिक्री दूधियों एवं डेरियों के माध्यम से होती है। 40 लाख आबादी वाले इस जिले में दूध की सबसे ज्यादा मांग नगरीय क्षेत्रों में होती है।
हरदोई शहर में दूध की मांग हर रोज 50 हजार लीटर है, जिसकी पूर्ति में करीब 10 फीसदी हिस्सा सहकारी डेयरी पराग एवं 40 फीसदी पूर्ति नगर क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों द्वारा एवं 50 फीसदी पूर्ति आसपास के गांवों के दूधियों एवं पैकेट बंद दूध से होती है। इस समय सिर्फ हरदोई शहर में ही पराग डेयरी को छोड़कर शेष सभी पूर्ति करने वाले दुग्ध विक्रेताओं की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है। जिस तरह से गर्मी में 40 फीसदी तक दुग्ध उत्पादन घटा है, उसके सापेक्ष दूध की मांग घटी नहीं, बल्कि बढ़ी है। जिसकी पूर्ति को मिलावट की जा रही है। यही हाल संडीला, शाहाबाद, सांडी, पिहानी, बिलग्राम, मल्लावां आदि क्षेत्रों का है।
पंचायत क्षेत्रों में गोपामऊ, कछौना, पाली, बेनीगंज, पाली तथा कुरसठ एवं माधौगंज में भी दूध की मांग को पूरा करने को मिलावट हो रही है। ज्ञात हो कि गांवों से लेकर नगरों में दूध की खरीद कर रही निजी क्षेत्र की कंपनियों से मांग के सापेक्ष यहां दूध की उपलब्धता कम हो रही और मिलावट से मांग को पूरा किया जा रहा है। उधर, पराग डेयरी के वरिष्ठ प्रबंधक एससी सिंह कहते हैं कि गर्मी में दूध का उत्पादन 40 फीसदी तक गिर जाता है और इसे रोकने को पशुपालकों को दुधारू पशुओं को हरा चारा देने की व्यवस्था करने के साथ पौष्टिक दाना आदि देना चाहिए। दूध खरीदने वाले इसकी शुद्धता की जांच फूड सेल में या पराग डेयरी में करा सकते हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Bigg Boss : मनवीर से अंडे फुड़वाएंगे शाहरुख, सलमान हो जाएंगे हैरान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

इन प्राकृतिक तरीकों से घर पर बनाएं ब्लीच, त्वचा को नहीं होगा नुकसान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सोई हुई लड़कियों को गंदे तरीके से उठाते हैं लड़के, देखिए जापान का अजीब गेम शो

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने हासिल किया ऐसा मुकाम, पहली ही कोशिश में बना सीए

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

पीरियड्स के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम, पड़ सकते हैं भारी

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

...तो सीएम हरीश रावत इन दो सीटों से चुनाव में ठोकेंगे ताल?

harish rawat may contest in election from two seats
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top