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मौसम के तेवरों से किसान परेशान

Hardoi

Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
हरदोई। मौसम के तेवरों को देखते हुए फलों एवं फूलों की खेती करने के साथ आलू आदि सब्जियों का उत्पादन करने वाले किसान चिंतित होने लगे हैं। दरअसल पिछले पांच दिनों से लगातार पड़ रहे कोहरे एवं बादलों से पाला पड़ने लगा है जिससे फलों के साथ ही फूल एवं सब्जियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे किसान भी परेशान हैं। आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़ गई है। कोहरे एवं पाले के प्रभाव से मटर, टमाटर एवं पत्ता गोभी, फूल गोभी एवं बैंगन की सब्जियां भी अकड़ने लगी है। इन सब्जियों की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही इनके आकार पर मौसम के तेवर ग्रहण लगा रहे हैं जिससे इनकी उत्पादकता पर विपरीत असर पड़ने की चिंता से सब्जियां उगाने का काम करने वाले किसानों में परेशानी दिखने लगी है। इसके साथ ही फलों में अमरूद तथा केला आदि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र के जानकारों ने आलू का झुलसा रोग से बचाने के लिए प्रचलित प्रमाणित किस्म की दवाओं का मानक के अनुसार छिड़काव की सलाह दी है वहीं अन्य सब्जियों के लिए सिंचाई आदि के माध्यम से बचाव की सलाह दी है। उद्यान निरीक्षक हरिओम ने बताया कि जिले में इस वर्ष करीब 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू तथा 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों द्वारा मटर, गोभी, टमाटर, मिर्च, बैगन आदि सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आलू में झुलसा रोग लगने का प्रमुख कारण मौसम में कोहरे एवं पाला पड़ना होता हैं। बदली छाए रहने एवं बूंदाबांदी होेने पर आलू फसलों में झुलसा रोग लगने लगता हैं। कोहरे एवं पाले के कारण आलू में झुलसा रोग लगने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में किसानों को सजग रहकर इस ओर विशेष जानकारी शहर के बावन रोड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से की जा सकती है। बताया कि मौसम के तेवर काफी तीखे होने के कारण मटर, टमाटर, पत्ता गोभी, फूल गोभी, टमाटर आदि सब्जियों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है जिससे इनकी उत्पादन मात्रा में विपरीत असर पड़ सकता है। इसलिए इस ओर सजगता के साथ जानकारी रखना आवश्यक है। अमरूद केला आदि फलों एवं गेंदा गुलाब आदि फूलों पर ठंड के असर को कम करने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र से परामर्श लेकर आवश्यकतानुसार सिंचाई आदि करनी चाहिए।
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