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माडल विद्यालय की राह में रोड़ा बनी जमीन

Hardoi

Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
हरदोई। जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में जमीन रोड़ बन रही है। जिले में माडल विद्यालय और बालिका छात्रावास के लिए जमीन न मिलने के कारण उनका अनुमोदन नहीं हो पा रहा है। जिले में 19 में से मात्र तीन विद्यालय व छात्रावास के लिए ही जमीन उपलब्ध हो सकी है। इस कारण जिले छह ब्लाक के विद्यार्थी इस लाभ से वंचित रह जाएंगे।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले के प्रत्येक ब्लाक में एक माडल विद्यालय खोला जाना है। इन माडल विद्यालयों में आवासीय शिक्षा की व्यवस्था होगी। क्षेत्र के विद्यार्थियों को कक्षा एक से बारह तक की नि: शुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए रहने खाने, कापी किताबें, ड्रेस आदि की व्यवस्था विभाग की ओर से की जाएगी। माडल विद्यालय के भवन बनाने के लिए पहले पांच एकड़ भूमि निर्धारित की गई थी। मगर भूमि की व्यवस्था न होने पर उसे तीन एकड़ कर दिया गया। तीन एकड़ भूमि पर विद्यालय की इमारत तीन करोड़ दो लाख की लागत से बनाई जाएगी। मगर जिले के 19 ब्लाकों में से मात्र तीन ब्लाकों में ही माडल विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध हो सकी है। इनमें ब्लाक टड़ियावां में सिकरोहरी, ब्लाक कोथावां में जरौआ और ब्लाक भरावन में खसरौल शामिल हैं। अन्य ब्लाकों के लिए जमीन नहीं मिल सकी थी। इस कारण अन्य ब्लाकों में माडल विद्यालय संचालित नहीं हो सकेंगे। इससे इनका लाभ क्षेत्र के विद्यार्थियों को नहीं मिल सकेगा। इसी प्रकार प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय पर बालिका छात्रावास खोला जाना है। इसके लिए प्रत्येक छात्रावास के लिए आधा एकड़ जमीन की आवश्यकता है। जिले के उन्नीस ब्लाकों में से मात्र तीन के लिए जमीन मिल सकी है। इनमें ब्लाक अहिरोरी, संडीला और टोडरपुर शामिल है। जमीन न मिलने के कारण छात्रावास का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इससे क्षेत्र की बालिकाएं इस लाभ से वंचित रह जाएगी।
इस संबंध में जिला समन्वयक प्रमोद कुमार ने बताया कि माडल विद्यालय व छात्रावास के लिए जमीन देने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है और जिलाधिकारी से भी मुलाकात की गई थी। इसके अलावा सभी खंड विकास अधिकारी को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा गया है। जिन माडल विद्यालय और छात्रावास के लिए जमीन मिल गई है उनका निर्माण कार्य धनराशि अवमुक्त होते ही शुरू कर दिया जाएगा।
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