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कम खर्च वाली पंचायतों की बनेगी फेहरिस्त

Hardoi

Updated Sat, 27 Oct 2012 12:00 PM IST
हरदोई। दो हाथों को काम देने वाली मनरेगा पर जिले में भले ही किसी स्तर से भी ढीला पोली हो रही हो लेकिन शासन स्तर पर अब सख्ती ही सख्ती दिख रही है। मनरेगा में जहां एक ओर शासन स्तर से काम करवाने एवं ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम के बदले दाम देने के निर्देश दिए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर मनरेगा का उद्देश्य न पूरी करने वाली ग्राम पंचायतों पर नकेल क सने की भी पूरी तैयारी है जिसके बाद कम खर्चीली या मनरेगा में पूरी तरह फि सड्डी साबित हो रही ग्राम पंचायतों की पूरी फेहरिस्त सीडीओ ने तलब कर ली है। सभी खंड विकास अधिकारियों को इस ओर 29 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। उनका कहना है कि इसकी सूची शासन को भी अवगत कराई जाएगी।
केंद्र सरकार के अड़ियल रवैयें के बाद राज्य सरकार भी मनरेगा को लेकर सख्त कदम उठाने को न सिर्फ मजबूर नजर आ रही है बल्कि जिलों में भी गाइड लाइन देकर उन पर ही काम करने के लिए निर्देशित कर रही है। इसी क्रम में जिले में भेजे गए शासन के निर्देशों में जिले के हाकिमों को पूरी तरह से पारदर्शिता बरतते हुए समीक्षा करने के लिए निर्देशित किया गया है। शासन की तरफ से इस जिले के जिलाधिकारी को भेजे गए निर्देशों में निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में उपलब्ध धनराशि की इस प्रकार से समीक्षा करें कि किन ग्राम पंचायतों में 50 हजार से 1 लाख तक, 1 लाख से 2 लाख तक का तथा 2 लाख से अधिक धनराशि जिनके पास अवशेष हैं तो ऐसी ग्राम पंचायतों का विवरण 29 अक्तूबर तक भिजवाए।
सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्धारित तिथि तक सूची भिजवाने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह शासन की तरफ से यह भी जिलों को निर्देशित किया गया है कि मस्टररोल की फीडिंग अपेक्षाकृत कम है जो मस्टर रोल निर्गत हो रहे हैं उनकी समयबद्ध तरीके से एक सप्ताह में फीडिंग हो जाए। इस कार्य का प्रभावी पर्यवेक्षण खंड विकास अधिकारी या कार्यक्रम अधिकारी द्वारा सुनिश्चित कराया जाए। लेबर बजट जो बनाया जाए, उसमें यह भी देखने के लिए निर्देशित किया गया है कि माहवार वास्तविक मांग क्या है। इसको दृष्टिगत रखते हुए तद्नुसार ही बनाया जाए। भारत सरकार द्वारा इस पर आक्रोश व्यक्त किया गया है। कि लेबर बजट बनाते समय माहवार डिमांड को ध्यान में नहीं रखा जाता है। जिस समय कृषि क्षेत्र में कार्य चल रहा होता है उन दिनों रोजगार की मांग कम होती है। इसको ध्यान में रखा जाए। मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार द्विवेदी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए अनुपालन करने को कहा है।
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