आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

यूरिया की किल्लत ने बढ़ाई दुश्वारियां

Hamirpur

Updated Sat, 22 Dec 2012 05:30 AM IST
भरूआसुमेरपुर (हमीरपुर)। सहकारी समितियों में यूरिया खाद की कमी के चलते किसानों की लंबी लाइनें लग रही हैं। वहीं कुछ समितियां अपने खाताधारकों को खाद देने का बहाना बनाकर नगद खरीद करने वाले किसानों को टरका रहे हैं। खाद की कमी को देखते हुए खुले बाजार में दुकानदार किसानों से अधिक दाम वसूल रहे हैं। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। पलेवा व बुआई के बाद अब किसानों को पानी लगाने के साथ यूरिया खाद छिड़काने की जरूरत आ पड़ी है। लेकिन यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति न होने से किसान समितियों के चक्कर काट रहा है। कसबे की क्रय विक्रय सहकारी समिति में सिर्फ एक ट्रक व क्षेत्रीय सहकारी समिति में दो ट्रक खाद आई। खाद के आने की सूचना मिलने पर इन समितियों में सुबह से ही किसानों की लंबी लाइनें लग गईं। क्रय विक्रय सहकारी समिति जहां नगद दाम पर किसानों को खाद उपलब्ध करा रही है। आरोप है कि वहीं क्षेत्रीय सहकारी समिति अपने खाते धारकों को देने का बहाना कर चहेते किसानों को ही खाद दे रहे हैं। वहीं खुले बाजार में यूरिया खाद प्रिंट रेट से अधिक दामों पर बेंची जा रही है। समितियों में 304 रुपए की मिलने वाली यूरिया खाद बाजार में 420 से 425 रूपए में बेची जा रही है। कसबे में देखा जाए तो ज्यादातर खाद की दुकानें समितियों के नजदीक खुली हुई है। लेकिन इन दुकानों के लाइसेंस व नाम का अता पता नही है।
420 रुपए की दे रहे यूरिया की बोरी
टेढ़ा निवासी सुरेश मिश्रा बोले कि समितियों में यूरिया खाद 304 रुपए की मिल रही है। जबकि खुले बाजार में दुकानदार यूरिया खाद के 420 रूपए वसूल रहे है। इस तरह किसानों को अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार ने तत्काल खाद भेजने की मांग की।छोटा किसान होने के नाते नहीं दे रहे खाद
चंदपुरवा के किसान बलवंत का कहना है कि उसके पास चार बीघा खेती है। इसके लिए उसे दो बोरी खाद की जरूरत है। लेकिन लंबी लाइनों के चलते उसे खाद नहीं मिल पा रही है। कहा कि क्षेत्रीय सहकारी समिति में छोटे किसानों को खाद नहीं दी जा रही है। जो किसानों के साथ अन्याय है।
छिड़काव करना मजबूरी
पारा रैपुरा गांव के किसान ओमप्रकाश ने बताया कि उसे तीन बोरी खाद की जरूरत है। लेकिन खाद कम आने के चलते यूरिया के लिए मारामारी मची है। किसानों को पानी लगाने के साथ यूरिया छिड़काव करने की जरूरत होती है। लेकिन समय से खाद न मिलने से उसकी फसलो को नुकसान होगा।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

फिल्म 'अवतार' के 4 सीक्वल आएंगे, रिलीज डेट आई सामने

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

बंदर के पोज में क्यों बैठे हैं 'गुंडे', ट्विटर पर डाली फोटो

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

यूरिन इंफेक्शन से दूर रखेंगे ये सुपर फूड्स, ट्राई करके देखें

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

महिला बॉडीगार्ड ज्यादा रखने की कहीं ये वजह तो नहीं?

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

जानें कैसे 400 ग्राम दूध बचा सकता है आपको आने वाली दुर्घटनाओं से

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

यूपी डीजीपी का पद छोड़ते वक्त ये ट्वीट कर गए जावीद अहमद, आपने पढ़ा?

javeed ahmed tweets before leaving the post of UP dgp
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +

3 हजार ईंट लेकर पहुंचे मुस्लिम, बोले- बनाओ राममंदिर

muslims reach ayodhya with 3000 bricks for ram temple construction
  • शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का गरीबों को एक और तोहफा, अब मई से दोगुना मिलेगा...

The Yogi Government's gift to the poor, now it will double in May ...
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का बड़ा फरमान, पुलिसवाले बताएं-कितनी संपत्ति है और कितना कैश?

Yogi Sarkar big action against corrupt policemen, stirred up the issue
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार ने की आजम खां की सुरक्षा में कटौती

 UP govt reviews security of leaders.
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

मोदी की रैली के बाद ये दांव खेलने की तैयारी कर रही हिमाचल कांग्रेस

Himachal congress planning to invite Rahul gandhi to visit Himachal
  • सोमवार, 24 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top