आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बीस साल पुराने मामले में बादशाह सिंह कोर्ट में पेश

Hamirpur

Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
1992 में भाजपा विधायक रहते विवादित मार्ग से जुलूस निकालने पर हुआ था मुकदमा
मौदहा (हमीरपुर)। लैकफेड घोटाले में लखनऊ जेल में निरूद्ध पूर्व श्रममंत्री कुंवर बादशाह सिंह को सोमवार को कसबा स्थित मुंसिफ मजिस्ट्रेट जूनियर डिवीजन न्यायालय में 20 साल पुराने एक मामले की सुनवाई के लिए हाजिर हुए। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने न्यायालय कक्ष के दरवाजे बंद कराकर सुनवाई की। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी निर्धारित की है।
मौदहा विधानसभा से भाजपा के विधायक रहे कुंवर बादशाह सिंह पर वर्ष 1992 में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। तब दशहरा के दौरान विवादित मार्ग से विमान (जुलूस) निकालने के मामले ने तूल पकड़ा और कसबे में भारी तनाव व्याप्त हो गया था। उस समय पुलिस ने बादशाह सिंह सहित 13 लोगों के विरूद्ध बलवा, सरकारी कार्य में बाधा व सरकारी संपत्ति की क्षति पहुंचाने आदि धाराओं में मामला दर्ज किया था। सरकार बनाम डा.आदर्श कुमार सक्सेना का यह मामला सुनवाई पर भी अभी तक नहीं आ सका। सोमवार को इस मामले में मुंसिफ मजिस्ट्रेट जूनियर डिवीजन न्यायालय के न्यायाधीश डा.सुरेश कुमार ने उनकी हाजिरी की तारीख निश्चित की थी।
दोपहर बाद भारी पुलिस बल के साये में बादशाह सिंह को मुंसिफ मजिस्ट्रेट जूनियर डिवीजन न्यायालय में पेश किया गया। समर्थकों का भारी हुजूम देखते हुए न्यायाधीश ने अदालत के दरवाजे बंद करवा दिए। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अगली सुनवाई 10 जनवरी तय की। इसके बाद पुलिस कोर्ट के पिछले दरवाजे से पूर्व मंत्री को वज्रवाहन तक ले गई। यहां उन्होंने समर्थकों का अभिवादन किया तथा पत्रकारों से कहा कि उनके व उनके परिवार ने कभी कोई गलत काम नहीं किया है। फिर भी उनके बड़े भाई को हत्या के एक मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। लैकफेड मामले में भी वह पूरी तरह बेगुनाह है। उन्हें ईश्वर, न्यायालय व जनता पर पूरा विश्वास है।
नहीं हो सके अभी तक सभी गवाहों के बयान
पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने लगाया अभियोजन पर लापरवाही का आरोप
मौदहा (हमीरपुर)। सोमवार को जिस मुकदमे में पूर्व श्रममंत्री बादशाह सिंह को लखनऊ जेल से स्थानीय अदालत में हाजिरी दर्ज कराने आना पड़ा, उस मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि अभियोजन पक्ष की लापरवाही के चलते अभी तक सभी गवाहों के बयान तक नहीं कराए जा सके है। इस पुराने मामले में उनके मुवक्किलों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह मामला कसबे के रावणवध दशहरा से जुड़ा हुआ है। घटना 16 नवंबर 1991 की है, जिसमें श्रम मंत्री बादशाह सिंह सहित 13 लोग नामित किए गए थे। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान एक को बेगुनाह ठहराते हुए 12 के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत कर दी। कस्बे के कुम्हरौड़ा मार्ग से दशहरा का विमान निकालने पर विवाद हुआ था। जिससे सांप्रदायिक तनाव की स्थित पैदा हो गई थी। बाद में मामला तूल पकड़ा और कर्फ्यू जैसी स्थित पैदा हो गई। तब पुलिस ने बलवा, सरकारी कार्य में बाधा व सरकारी संपत्ति पहुंचाने सहित कई धाराओं पर मुकदमा दर्ज हुआ था। अदालत में यह मुकदमा अपराध संख्या 319/394 में चल रहा है। इसमें 15 गवाह है जिसमें उस समय तैनात उप जिलाधिकारी डीएन त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी पूरन सिंह व मुकदमे का वादी कोतवाल सिरिल प्रसाद कांस्टेबिल श्यामलाल गुप्ता, प्रेमचंद्र सचान घटना में चुटहिल हुए थे। इनके अलावा अन्य गवाह भी थे। अभी तक 10 गवाहों के ही बयान दर्ज हो सके है। आरोपी पक्ष की पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं आदित्य त्रिपाठी व शिववीरेंद्र भटनागर वुा राहुल द्विवेदी ने बताया कि अभियोजन पक्ष की लापरवाही के चलते इस मुकदमे में अभी तक सभी गवाहों के बयान तक नहीं कराए जा सके हैं, जिससे इस प्रकरण का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि इस मामले में न्यायालय ने कई बार अभियोजन पक्ष को कड़े आदेश भी जारी किए और आज भी कोई गवाह अदालत में नहीं आ सका और आरोपी पक्ष की मात्र हाजिरी ही हो सकी।
बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी
मौदहा (हमीरपुर)। महोबा के खरेला निवासी कुंवर बादशाह सिंह चार बार विधायक रहे। भाजपा से तीन बार विधायक रहने के बाद बसपा में पुन: विधायक चुने जाने पर प्रदेश सरकार में श्रम मंत्री बनाए गए। इस बार के चुनाव में पुन: भाजपा के टिकट पर महोबा से चुनाव लड़े और हार गए। इतना ही नहीं बादशाह ने अपना निजी संगठन बुंदेलखंड इंसाफ सेना का गठन कर इसके जरिए बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी।
बादशाह सिंह के खिलाफ लोकायुक्त में मामला दर्ज दर्ज कराया गया। मौजूदा समय में वह लैकपेड के मामले में लखनऊ की जेल में बंद है। लेकिन उनकी लोकप्रियता आज भी कम नहीं है। इसके चलते बिना किसी प्रचार के स्थानीय अदालत में आने की खबर सुनते ही हजारों लोग उमड़ पड़े। इसमें न सिर्फ हमीरपुर जनपद के बल्कि महोबा, बांदा आदि स्थानों के उनके समर्थक बड़ी संख्या में आए। बादशाह सिंह पहली बार मौदहा विधानसभा क्षेत्र से 1991 में भाजपा से विधायक बने। 2007 में बसपा से विधायक बने और प्रदेश सरकार में श्रममंत्री बने। वर्ष 2001 में बुंदेलखंड इंसाफ सेना का गठन किया। बुंदेलखंड के सभी जिलों के अलावा मप्र के बुंदेलखंड में भी इस संगठन को फैलाया।
बादशाह सिंह पर समर्थकों ने फूलों की बारिश की
मौदहा (हमीरपुर)। पूर्व श्रम मंत्री कुंवर बादशाह सिंह के 20 साल पुराने एक मामले की सुनवाई के लिए आने पर हजारों समर्थकों ने फूलों की बारिश करते हुए उनके वज्रवाहन को घेर लिया। समर्थकों की भीड़ इस कदर थी कि कचहरी तक का आधा किमी का रास्ता चलने में एक घंटा से अधिक समय लग गया।
लैकफेड मामले में लखनऊ जेल में निरुद्ध पूर्व श्रममंत्री के आने की सूचना कई दिनों से चर्चा का विषय बनी थी। जिसके चलते आज सुबह से ही हजारों की संख्या में उनके समर्थक एकत्र होना शुरू हो गए। कचहरी के निकट मंडी समिति में भी बड़ी संख्या में वाहनों के साथ वहां समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। दिन के करीब 2:15 बजे जैसे ही यह पता चला कि बादशाह सिंह पुलिस के वज्रवाहन से अदालत लाने वाली है। तभी अदालत से करीब एक किमी दूर से ही उनके समर्थक कानपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग के कसबा स्थित बड़ा चौराहा के दोनों तरफ खड़े हो गए। वाहनों का निकलना भी भीड़ के चलते मुश्किल हो गया। जैसे ही वज्रवाहन दिखा, समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए वाहन को घेर लिया और उस पर फूलों की बरसात करने लगे। यहां तक की अदालत का आधा किमी मार्ग तय करने में वज्रवाहन को एक घंटे का समय लग गया। लोग इस वाहन को घेर बादशाह सिंह की झलक देखना चाह रहे थे। जैसे ही अदालत के निकट वज्र खड़ा हुआ। लोगों का हुजूम एकत्र हो गया। 50 मीटर की दूरी तय करने में पुलिस बल व साथ आए अन्य सुरक्षा बल को पसीना आ गया। समर्थकों में उनके प्रतिनिधि रहे नत्थू सिंह, अनिल अग्रवाल, हरीशरण सिंह, इंद्रजीत सिंह, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि बाल्मीक गोस्वामी, नेशनल कालेज के प्रवक्ता सुनील गुप्ता, टिकरी प्रधान कल्लू सिंह, चांदी के प्रधान मुखिया भदौरिया, रामदेव सिंह टिकरी, मुन्ना सिंह मसगवां, राजू सिंह खरेला, मौलाना शकील चरखारी, कलंदर मियां मौदहा, भोला प्रधान परछा, जलाल प्रधान कम्हरिया, नागेंद्र सिंह कुसमरा, कल्लू सिंह कुंडौरा, राजासिंह करहिया, देव सिंह नदेहरा, मनोज सिंह पचखुरा, संतोष सिंह बजेहटा, जयनारायण सिंह चिल्ली, राजकिशोर सिंह पाटनपुर, राममूरत सिंह, लतीफ बच्चा, डंडा गुरु, वीरेंद्र सिंह श्रीनगर, प्रमोद सिंह रघुवंशी खरेला, देवेंद्र अवस्थी पुन्नियां आदि रहे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

ऐश्वर्या राय सोशल मीडिया से रहेंगी दूर, पति अभिषेक ने लगाया बैन, वजह चौंका देगी

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

'बाहुबली-2' का मोशन पोस्टर रिलीज

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Film Review: मैं 'रंगून' जाऊं कि नहीं, तय करें...

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

सौ साल की हुई पहली डबल रोल फिल्म

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

यात्रा करते समय आती हैं उल्टियां? अपनाएं ये तरीके

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

डिंपल यादव काे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान

keshav prasad maurya attacks on dimple yadav
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

ये है अंतहीन प्राकृतिक शिवलिंग, 50 साल पहले जमीन से निकला था बाहर

endless shivling in kanpur
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top