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सहजना पंप कैनाल पर संकट के बादल

Hamirpur

Updated Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
बेतवा नदी की जलधारा दूर जाने से आया संकट
पौथिया (हमीरपुर)। पंप कैनाल के निकट बेतवा नदी की मौरंग इकट्ठा हो गई। जलधारा दूर जाने से सहजना पंप कैनाल पर पानी का संकट गहरा गया है। पंप कैनाल चालू करने का समय होने के बावजूद अभी भी इसे संचालित करने के लिए विभागीय अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। इससे पलेवा का इंतजार कर रहे किसानों में रोष है। किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पंप केनाल को शीघ्र चलाया जाए। ताकि समय से बुआई हो सके।
तहसील क्षेत्र के कीरतपुर गांव के निकट सहजना पंप केनाल बेतवा नदी पर स्थापित है। इस कैनाल को चालू करने के लिए अभी तक प्रयास शुरू नहीं किए गए है। वहीं बेतवा नदी ने जलधारा छोड़कर पंप कैनाल के आसपास रेत छोड़ दी गई है। जिससे इस वर्ष भी पंप केनाल को संचालित करने के लिए पानी का संकट गहरा गया है। अगर पंप कैनाल को चालू करना पड़ा तो एक बार फिर जलधारा को मोड़कर लाने के लिए रेत हटाकर नाला बना पानी लाना पड़ेगा। लेकिन अभी तक विभाग द्वारा इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसान बाबू, अनिल, रामबाबू, सुखदेव, वीरेंद्र, राकेश, काशी आदि ने पंप कैनाल को दशहरे तक चालू करने की मांग की है। उधर पंप कैनाल के अवर अभियंता कमलेश कुमार का कहना है कि 1 नवंबर तक नहरों को चालू किया जाना है। बेतवा नदी की जलधारा को मोड़ने के लिए सीडीओ से धन की मांग की गई है। कहा कि पहले बजट मिले इसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा।
बुआई का उचित समय
किसान पप्पू दीक्षित का कहना है कि मौजूदा समय बुआई के लिए उचित है। लेकिन पंप केनाल के न चलने से पलेवा नही हो पा रहा है। जिससे बुआई पिछड़ती जा रही है। जिसका असर पैदावार में दिखाई देगा। अगर समय रहते पंप केनाल नही चालू किया गया तो किसान आंदोलन करने पर मजबूर होगे।
बिना पानी नहीं हो सकेगी बुआई
किसान गंगा प्रसाद का कहना है कि नवरात्रि के समय बुआई का कार्य शुरू कर दिया जाता है। किसान बीज निकाले रखे है। लेकिन उसके सामने मजबूरी है कि बिना बारिश या नहर से पानी लगाकर खेतों में बीज नही डाल सकता। क्योंकि खेतों की नमी जुताई में ही समाप्त हो गई है।
विभाग के भरोसे है किसान
किसान सूरजपाल का कहना है कि वह विभागीय अधिकारियों के भरोसे है। जब तक नहर नही चालू करेगे। तब तक इंतजार करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता भी नही है। किसान अगर समय से बुआई कर देता है तो उसके खेतों की पैदावार ठीक ठाक हो जाती है। अगर पिछड़ गया तो पैदावार में बहुत फर्क पड़ जाता है।

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