आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

मुंह छिपाते रहे यूनिवर्सिटी के अधिकारी

Gorakhpur

Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST

गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में बुधवार को जो कुछ भी हुआ उसे सुनकर हर कोई हैरान है। एक महीना पहले से ही छात्रावास में बिजली की आपूर्ति खराब चल रही थी, बावजूद इसके समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। घटना के चार दिन पहले ट्रांसफार्मर जला। समस्याओं को लेकर छात्र धरने पर बैठे, लाठीचार्ज, हवाई फायरिंग तक हुई और यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से किसी के न जाने से सवाल खड़े होने लगे हैं। घटना के दूसरे दिन यूनिवर्सिटी का कोई अधिकारी छात्रों से मिलने नहीं गया। योगी आदित्यनाथ के हॉस्टल पहुंचने के बाद प्रॉक्टर हॉस्टल गए।
यूनिवर्सिटी छात्रावास में बिजली, पानी की किल्लत को लेकर नाम न छापने की शर्त पर छात्रों ने बताया कि एक माह पहले ही कुलपति, इंजीनियर को शिकायत दर्ज करा चुके थे। उस समय आश्वासन देकर वापस तो कर दिया गया लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
चार दिन पहले जब ट्रांसफार्मर जला तब भी अधिकारियों को समस्या बताई गई थी, किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर प्रशासन हमारी समस्याओं का समाधान कर दिया होता तो धरना, प्रदर्शन की नौबत नहीं आती। छात्रावासियाें में पुलिस की इस कार्यशैली और वीसी के बयान को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को तीन घंटे तक यूनिवर्सिटी हॉस्टल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा लेकिन यूनिवर्सिटी का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचने की हिम्मत न जुटा सका। सहायक नियंता डॉ. डीएन मौर्या भी तब पहुंचे जब सब मामला शांत हो गया था।

बात करने से बचते रहे वीसी
पूरे मामले पर जब वीसी प्रो. पीसी त्रिवेदी से यूनिवर्सिटी प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बात नहीं की। मोबाइल की घंटी बजती रही और उन्होंने रिसीव नहीं किया।

नियंता ने कहा ‘मैं कुछ नहीं बोलूंगा’
वीसी से बात न हो पाने के बाद जब नियंता प्रो. ओपी पांडेय से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ बोलने से मना कर दिया। यह पूछने पर कि पुलिस ने छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया है, नियंता ने कहा कि अखबारों में पढ़कर अज्ञात छात्राें पर मुकदमे की सूचना मिली। कार्रवाई सही हुई या गलत इसका जवाब देने में उन्होंने असमर्थता जताई।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

university officials

स्पॉटलाइट

इस तरह से रहना पसंद करते हैं नए नवेले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बारिश में कपल्स को रोमांस करते देख क्या सोचती हैं ‘सिंगल लड़कियां’

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

शाहरुख को सुपरस्टार बना खुद गुमनाम हो गया था ये एक्टर, 12 साल बाद सलमान की फिल्म से की वापसी

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बिग बॉस ने इस 'जल्लाद' को बनाया था स्टार, पॉपुलर होने के बावजूद कर रहा ये काम

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून फ्लोरल रंग में रंगी नजर आईं प्रियंका चोपड़ा

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

Most Read

यूपी: पेपर लीक गैंग ने लगाई दरोगा भर्ती में सेंध, पूरी परीक्षा रद्द

up police recruitment entire process cancel
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बुरे वक्त से निपटने के लिए लालू ने बनाया प्लान B, माया-मांझी का लेंगे सहारा!

RJD leader Lalu Prasad prepares plans alternate pact with Mayawati and Manjhi
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

अलगाववादियों को भारत सरकार से भी मिल चुके हैं पैसे: फारूक अब्दुल्ला

GOI too gave funds to separatists says farook abdullah
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर अड़े कर्मियों ने घेरा सचिवालय, सरकार को अल्टीमेटम

Employees Protest Over Old Pension Issue at Shimla.
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!