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पोखरे के नाम दर्ज हुई तकिया कवलदह की जमीन

Gorakhpur

Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST

गोरखपुर। पोखरे को पाटकर बना दी गई तकिया कवलदह कालोनी की जमीन फिर जलमग्न भूमि (पोखरे) के नाम दर्ज कर दी गई है। तालाब की जमीन पर कब्जा करने का मामला लम्बे समय से चल रहा था। हाल ही में एसडीएम सदर ने इस जमीन पर जितने लोगों ने रजिस्ट्री कराई थी उसे खारिज कर इसे जलमग्न भूमि के खाते में अंकित करने का निर्देश दिया था।
वहीं कालोनी के लोग अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने यह जमीन खरीदकर बकायदा इसकी रजिस्ट्री कराई है और बिजली का बिल और मकान का कर भी अदा करते हैं। अगर जमीन पोखरे की थी तो रजिस्ट्री के समय या फिर तमाम विभाग अभी तक क्या कर रहे थे, उन्होंने इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।
जिला प्रशासन ने जमीन के दस्तावेजों पर दर्जनों लोगों के नाम खारिज कर उसे पोखरे के नाम तो दर्ज कर दिया लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि अवैध हो चुकी इस कालोनी को लेकर क्या कार्रवाई होगी। यहीं नहीं तालाब की जमीन की रजिस्ट्री कर देने के इस माखेल में शामिल राजस्व विभाग के अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है लेकिन अभी तक इसकी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
एसडीएम सदर ज्ञानेश्वर प्रसाद का कहना है कि तकिया कवलदह की करीब सवा एकड़ जमीन को जलमग्न भूमि के नाम दर्ज कर दिया गया है। चूंकि अब इस जमीन पर काबिज सभी लोगों के नाम खारिज कर दिए गए है लिहाजा अब कालोनी अवैध हो गई है।

असुरन पोखरा
मेडिकल रोड पर विष्णू मंदिर के पीछे असुरन पोखरा को आवासीय बताकर पहले भू माफियाओं ने बेंच दिया और अब यहां कालोनी बन गई है। दो साल पहले इसे लेकर काफी बवाल हुआ और यहां की जमीन को पोखरे के नाम दर्ज की गई। यहां के निवासियों के अनुरोध और जमीन बेचने वाले व्यक्ति द्वारा पोखरे की जमीन के बराबर कहीं और जमीन देने के लिखित आश्वासन पर अधिकारियों ने कार्रवाई रोक दिया लेकिन पोखरा नहीं खोदा गया। इसे लेकर अधिकारी अब फिर सक्रिय हो रहे हैं।


सुमेर सागर
शहर के बीचोबीच सुमेर सागर पोखरा कालोनी का रूप ले चुका है। इस पोखरे में आधा शहर का गंदा पानी जमा होता था जिस कारण बरसात के समय में आसपास के मोहल्लों में पानी नहीं लगता था। अब इस पोखरे को पाटा जा चुका है लेकिन यहां की जमीन आज भी पोखरे के नाम दर्ज है। इस पोखरे को खाली करवाने की कई कोशिशें हुईं। अधिकारी एक बार फिर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
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