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1054 गांवों में कटिया से जल रहीं हाईमास्ट लाइटें

Gonda

Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
गोंडा। गांवों में एक भी हाईमास्ट लाइट का कनेक्शन नहीं है, फिर भी यह दिन में भी कभी कभार जलती दिख जाती है। जिले की 1054 ग्राम पंचायतों में खुलेआम कटिया से हाईमास्ट लाइटें जल रहीं हैं और धड़ल्ले से बिजली विभाग को चूना लगाया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक इन हाईमास्ट लाइटों से बिजली विभाग को रोजाना पांच से आठ लाख रुपये का चूना लग रहा है, जिसके बिजली के बिल के भुगतान का कोई अता-पता नहीं है। चार माह पहले अधिशासी अभियंता के अनुरोध पर डीएम ने सभी 1054 ग्राम पंचायतों के प्रधानों से गांव में जहां-जहां हाईमास्ट लाइटें लगीं हैं, उनका कनेक्शन लेने को कहा था। लेकिन अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत ने इसके लिए बीएल फॉर्म भरकर पेश नहीं किए।
शहरी क्षेत्र में जो भी प्रकाश के उपकरण गली-मोहल्लों, चौक-चौराहों या फिर किसी सार्वजनिक स्थल पर लगे होते हैं, उन पर खर्च होने वाले बिजली के समस्त भुगतान की जवाबदेही नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों की होती है, जो हर महीने बिजली के बिल का भुगतान कारपोरेशन को करती हैं, लेकिन गांवों और कस्बों में ऐसी व्यवस्था नहीं है। जिले की 1054 ग्रामपंचायतों में करीब 1871 राजस्व गांव हैं। जिनके अंतर्गत करीब दो दर्जन से अधिक छोटे-बड़े बाजार आते हैं। जहां कई विधायकों, सांसदों, विधान परिषद सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों की तरफ से एक नहीं बल्कि कई-कई हाईमास्ट लाइटें लगवाई गईं हैं। जिनका आज तक एक पैसा भी बिजली विभाग के खाते में नहीं जमा हुआ। यही नहीं पूर्ववर्ती प्रदेश सरकार में भी जिन-जिन अंबेडकर गांवों को संतृप्त किया गया था, वहां भी हाईमास्ट लाइटें लगवाई गईं थीं, लेकिन किसी भी जगह पर हाईमास्ट लाइट का कनेक्शन आज तक स्थाई नहीं हो सका। चार माह पहले अधिशासी अभियंता रामसरन ने मामले में डीएम से मुलाकात कर ग्राम पंचायतों में हाईमास्ट लाइटों का कनेक्शन स्थाई करवाए जाने का अनुरोध किया था। जिलाधिकारी ने डीपीआरओ के मार्फत सभी ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायत निधि से इसके लिए बिजली का कनेक्शन लिए जाने के निर्देश तो दिए, पर आज तक किसी भी प्रधान ने न हाईमास्ट लाइट के लिए बिजली का कनेक्शन लिया, न ही उसके बिल की अदायगी की कोई व्यवस्था बनाई। जिस कारण ग्राम पंचायतें हर रोज लगभग 5 से 8 लाख रुपये का चूना बिजली विभाग को लगाती आ रही हैं।
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