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453 स्कूलों में 60 से कम बच्चे

Gonda

Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
गोंडा। तमाम कवायदों के बाद भी स्कूलों में बच्चों की संख्या नहीं बढ़ रही है। वर्ष 2011-12 में विद्यालयों में नामांकन की समीक्षा की गई तो पता चला कि जिले भर में 453 विद्यालय ऐसे हैं, जहां 60 से कम बच्चे हैं। अब इन विद्यालयों में छात्रों की मौजूदा स्थिति की जांच के आदेश दिए गए हैं। 31 अगस्त तक इस संबंध में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
16 अगस्त से जिले में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा हाउस होल्ड सर्वे चलाया जा रहा है, फिर भी हालात सुधरते नहीं दिख रहे हैं। हाल ही में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने लखनऊ में गोंडा के विद्यालयों की वर्ष 2011-12 के आधार पर नामांकन की समीक्षा की तो पता चला कि कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर 60 से कम बच्चे हैं। इसमें उच्च प्राथमिक स्तर पर बभनजोत में 9, बेलसर में 45, छपिया में 27, करनैलगंज में 15, हलधरमऊ में 13, इटियाथोक में 17, झंझरी में 50, मनकापुर में 25, मुजेहना में 8, नवाबगंज में 26, पड़रीकृपाल में 7, परसपुर में 48, रूपईडीह में 17, तरबगंज में 28, वजीरगंज में 33, कटराबाजार में 10, नगर क्षेत्र में एक विद्यालय शामिल हैं। प्राथमिक स्तर पर बभनजोत में एक, बेलसर में 8, छपिया में 4, करनैलगंज में 2, हलधरमऊ में 6, इटियाथोक में 2, झंझरी में 12, मनकापुर में दो, मुजेहना में एक, नवाबगंज में 2, पड़रीकृपाल में 3, परसपुर में 10, रूपईडीह में 7, तरबगंज में 8, वजीरगंज में 6 स्कूल हैं। अफसरों की मानें तो इसमें से कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर नामांकन शून्य है, जबकि कई विद्यालयों में 20 से भी कम छात्र हैं। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं, जहां पर 21 से 60 छात्र हैं। प्रमुख सचिव ने जारी निर्देश में कहा है कि जिन विद्यालयों में शून्य छात्र संख्या दर्शायी गई है, उनका निरीक्षण बीएसए एक सप्ताह के अंदर करेंगे। एक से 60 छात्र वाले विद्यालयों का निरीक्षण खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे। निरीक्षण के दौरान बच्चों के नामांकन की वास्तविक स्थिति के साथ ही नामांकन कम होने का कारण भी पता करेंगे और इसकी रिपोर्ट देंगे। विकास भवन स्थित कार्यालय में बीएसए वीरेन्द्र कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व नगर शिक्षा अधिकारी के साथ इस संबंध में बैठक कर आवश्यक निर्देश जारी किए। साथ ही इन विद्यालयों में बच्चों के नामांकन बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई पूरी करके 31 अगस्त तक रिपोर्ट देनी है।
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