आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

अब बरसात में नहीं टपके गी कारागार की छत

Ghazipur

Updated Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। इलाहाबाद परिक्षेत्र के डीआईजी जेल बीके जैन ने शनिवार को सूबे की अति संवेदनशील कारागार के बाद आदर्श जेल का दर्जा प्राप्त करने वाली गाजीपुर जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय, बिजली, बैरकों की दशा, जेल के भवनों का निरीक्षण कर कार्यालय के अभिलेखों का भी अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने बंदियों से उनकी समस्याएं भी सुनीं। डीआईजी ने जेल की जर्जर छतों को अविलंब मरम्मत कराने, शौचालयों में टाइल्स लगाने तथा जेल में पीने के पानी के लिए समर सेबल पंप लगवाने के लिए जेल प्रशासन को अविलंब प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है।
डीआईजी जेल, बीते शुक्रवार की ही रात करीब साढ़े आठ बजे इलाहाबाद से गाजीपुर पहुंचे थे। रात्रि विश्राम के बाद शनिवार की सुबह आठ बजे वह जिला कारागार पहुंचे। इस पर जेल प्रशासन के अधिकारी चौकन्ने हो गए। जो जहां था, वहीं अपनी ड्यूटी में मुस्तैद हो गया। औपचारिक बातचीत के बाद डीआईजी ने जेलर एसके अवस्थी, डिप्टी जेलर आरके सिंह तथा आरके मिश्रा के साथ जेल का निरीक्षण किया। बैरकों में बनवाई गई फर्श, साफ सफाई, पाकशाला, शौचालयों के निरीक्षण में मिली कुछ खामियों को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए। बंदियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं से अवगत होने के बाद निराकरण का भी आश्वासन दिया। जेल के जर्जर भवनों को भी डीआईजी ने देखा। जेलर ने डीआईजी को बताया कि अंग्रेजो के जमाने 1869 में बनी इस जेल के अधिकांश भवन जर्जर हो गए हैं। बरसात में छतें टपकती हैं। ऐसे में बैरकों में पानी भा जाता है जिसको लेकर बंदी हो-हल्ला भी करते हैं। यही नहीं जेल में एक ही ट्यूबबेल है। इसी से बागवानी और बंदियों को नहाने, और पीने का पानी मुहैया कराया जाता है। सुविधा को देखते हुए कम से कम एक समर सेबल पंप लगवाया जाना जरूरी है। यही नहीं शौचालयों की दशा भी ठीक नहीं है। ऐसे में टाइल्स लगवाया जाना चाहिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी ने जेल प्रशासन के अधिकारियों को छतों की मरम्मत, समर सेबल पंप लगवाने और शौचालयों में अच्छी किस्म की टाइल्स लगवाने के लिए स्टीमेट तैयार कर प्रस्ताव भेजने को कहा। डीआईजी ने बताया कि स्टीमेट के साथ प्रस्ताव मिलते ही इसके लिए अविलंब धन स्वीकृत कराया जाएगा। ताकि बरसात से पहले छतों का टपकना बंद हो जाए।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

prisons roofing

स्पॉटलाइट

नहीं लिया है जियो प्राइम ऑफर, तो यह खबर कर देगी खुश

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

सलमान के चलते घुटनों पर बैठ फूट-फूटकर रोए थे करण जौहर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

पीरियड्स के दर्द से छुटकारा दिलाएगा पपीता, ये नुस्खे भी हैं कारगर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

ये हैं वो सस्ती कारें जिनका माइलेज है शानदार

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

दिल्ली पुलिस महिला कर्मियों के लिए रखेगी 'नाम शबाना' की स्पेशल स्क्रीनिंग

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

Most Read

सीएम बनते ही याेगी ने लिया बड़ा फैसला, हांफने लगी यूपी की पुलिस

cm yogi adityanath first decision for up police
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही सुपर एक्शन में योगी, युवाओं के लिए कर दिया ये बड़ा एेलान

cm yogi adityanath first action for youth
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

जानिए इस मुस्लिम युवती ने क्यों की हिंदू रीति से शादी

Muslim women marry Hindu Riti
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

सीएम ऑफिस के शुद्धिकरण पर लालू ने कसा तंज, बोले- योगी तो...

Lalu Yadav target cm yogi, what did he say about purification read
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top