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गेहूं खरीद का हाल : दर्जनों क्रय केंद्रों की अब तक नहीं हुई बोहनी

Ghazipur

Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
बोरे के अभाव में जिले में गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है। हालत यह है कि खरीद शुरू हुए एक महीना से भी ज्यादा का समय बीतने केबाद भी अभी तक जो खरीद हुई है वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि दर्जनों केंद्रों की अभी बोहनी तक नहीं हुई है। ऐसे में निर्धारित अवधि में गेहूं खरीद का लक्ष्य प्राप्त करना विभागीय अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। हालांकि विभागीय अधिकारी लक्ष्य पूरा कर लेने का दावा कर रहे हैं।
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गाजीपुर। शासन की तरफ से जिले को इस वर्ष 30993 टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले में विभिन्न संस्थाओं के 53 क्रय केंद्रों को लक्ष्य का आवंटन कर गेहूं खरीद की जिमम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें मार्केटिंग के 15, पीसीएफ के 22, यूपीएसएस और एनसीसीएफ के पांच-पांच, नेफेड और कर्मचारी कल्याण निगम के तीन-तीन क्रय केंद्र शामिल हैं। 1285 रुपये प्रति कुंतल गेहूं की दर निर्धारित की गई है। गेहूं की खरीद पहली अप्रैल से 30 जून तक की जाएगी। एक महीना से भी ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन जिले में खरीद की हालत दयनीय बनी हुई है। 35 दिन गुजर जाने के बाद अब तक 1064.350 टन गेहूं की खरीद की जा सकी है। यह खरीद 227 किसानों से की गई। हैरान करने वाली बात तो यह है कि दर्जनों केंद्र ऐसे हैं जिनकी आज तक बोहनी नहीं हो सकी है। इसमें पीसीएफ और कर्मचारी कल्याण निगम के सभी क्रय केंद्र शामिल हैं। खरीद की इस दयनीय स्थिति के पीछे बोरे की कमी को वजह बताया जा रहा है। बताया गया है कि जिले के 13 सौ गांठ बोरे की दरकार है जबकि अभी तक 75 गांठ बोरे ही उपलब्ध है। इस संबंध में डिप्टी आरएमओ रविन्द्र पांडेय ने बताया कि बोरे की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। उन्होंने शासन की तरफ से निर्धारित अवधि तक लक्ष्य पूरा कर लेने की उम्मीद जताई।
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तीन इनसेट

अबकी एक नई संस्था को खरीद की जिम्मेदारी
जिले में इस बार एक नई संस्था को गेहूं खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एनसीसीएफ धान खरीद केबाद इस वर्ष पहली बार जिले में गेहूं की खरीद करेगा। इस संस्था के पांच केंद्रों को खरीद का जिम्मा सौंपा गया है। संस्था की तरफ से 75.300 एमटी गेंहू की खरीद की गई है। यह खरीद 15 किसानों से हुई है।


खरीद में फिसड्डी पीसीएफ और निगम
गेहूं खरीद में पीसीएफ और कर्मचारी कल्याण निगम फिसड्डी साबित हो रहा है। खरीद शुरू होने के 35 दिन बाद भी इन दोनों संस्थाओं के क्रय केंन्द्रों पर छटांक भर भी खरीद नहीं हुई है। पीसीएफ के 22 क्रय केंद्रों को 7438 टन तथा कर्मचारी कल्याण निगम के 3 केंद्रों को 1240 टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

लक्ष्य किया गया है निर्धारित
मार्केटिंग के 15 क्रय केंद्रों को 11984 टन का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष 172 किसानों से 828.05 टन की खरीद हुई है। इसी तरह यूपीएसएस के 3 केद्रों ने 7 किसानों से 31.50, नेफेड ने 5 केंद्रों ने 33 किसानों से 129.500 तथा एनसीसीएफ के5 केंद्रों ने 15 किसानों से 75.300 टन गेहूं की खरीद की है। पीसीएफ के 22 केन्द्रों को 7438 तथा कर्मचारी कल्याण निगम के 3 केन्द्रों को 1240 टन की खरीद करनी है। लेकिन अभी तक इनके केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है।

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कोटेशन

क्रय केंद्रों पर एक किसान से अधिकतम 50 कुंतल गेहूं क्रय किया जाए। सीमांत एवं लघु कृषकों के हित को ध्यान में रखते हुए बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए यह आवश्यक है कि क्रय सीमा निर्धारित कर दी जाए। अगर किसी किसान को 50 कुंतल से अधिक गेहूं बिक्री करनी है तो उन्हें संबंधित उपजिलाधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक होगा। एक किसान का एक ही खतौनी पर गेहूं क्रय किया जाएगा। खतौनी एवं किसान परिचयपत्र संबंधित नकल उपलब्ध कराने के बाद ही गेहूं क्रय की कार्रवाई की जाएगी। अगर कही भी बिचौलियों के माध्यम से गेहूं खरीदने की बात सामने आती है तो केंद्र प्रभारी एवं क्रय एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीएन सिंह, डीएम

मंडलायुक्त को कराया अवगत
गाजीपुर। सांसद राधेमोहन सिंह ने जिले के क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद न होने तथा किसानों को हो रही असुविधा के संबंध में कमिश्नर वाराणसी को अवगत कराया है। कहा कि क्रय केंद्रों के प्रभारी बोरा न होने का बहाना बनाकर किसानों के साथ टाल-मटोल कर रहे हैं। इस संबंध में कमिश्नर ने कहा कि सभी केंद्रों पर बोरा उपलब्ध है। एक-दो दिन के अंदर पर्याप्त बोरा उपलब्ध करा दिया जाएगा। सांसद ने यह भी कहा कि किसानों ही गेहूं खरीदी जाए। बिचौलिओं के क्रय केंद्रों से दूर करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने क्रय केंद्रों पर होने वाली परेशानियों को उनके मोबाइल नंबर 09013180341 पर सूचित की अपील की है ताकि उनकी परेशानियों को दूर कराया जा सके।

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सबकी समस्याएं अपनी अपनी

जंगीपुर : पीसीएफ को नहीं मिला बोरा
कहने को तो पीसीएफ का क्रय केंद्र खुल गया है लेकिन खरीद का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। बकौल प्रबंधक बोरे के अभाव से गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि आज तक केंद्र पर एक भी बोरा नहीं आया है। उधर हाटशाखा स्थित मार्केटिंग केंद्र पर 820.50 कुंतल गेहूं खरीद कर ली गई है। एएसएमआई सरोज केअनुसार बोरे की कमी नहीं है।
बिरनो : खरीद की गति धीमी
मार्केटिंग के मरदह स्थित सेंटर पर गेहूं की खरीद तो शुरू हो गई है लेकिन वह रामभरोसे चल रही है। अभी तक 403 कुंतल 50 किग्रा गेहूं की खरीद कर ली गई है। खरीद का काम धीमी गति से चलने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है।
मुहम्मदाबाद : नहीं शुरू हुई खरीद
तहसील क्षेत्र में विभिन्न संस्थाओं के 22 क्रय केंन्द्र खोले गए हैं। सुल्तानपुर सहकारी समिति क्रयकेन्द्र पर अब तक एक हजार कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। केंद्र के प्रभारी नरेन्द्र कुमार प्रधान ने बताया कि पीसीएफ के डीएस ने बी क्लास बोरी खरीद कर उसमें गेंहू खरीदने का निर्देश दिया था, जिसके अनुसार खरीददारी शुरू ी गई है।
दिलदारनगर: खरीद के इंतजार में हैं किसान
नवीन कृषि मंडी में गेहूं क्रय केंद्र पर खरीद बेहद धीमी गति से चल रही है। कभी बोरे का अभाव तो कभी विभागीय कर्मियों की मनमानी इसके पीछे का कारण है। पंकज सिंह, शिवपूजन, जावेद खां, रणजीत, देवनाथ, सेराज, सियाराम, केदार, संतोष, उमाशंकर, आरिफ ने बताया कि कई दिनों से वह तौल का इंतजार कर रहे हैं। उधर विपणन अधिकारी कमलेश ने बताया कि बोरे के अभाव में खरीद नहीं हो रही थी। करहिया के मनिया साधन सहकारी लिमिटेड पर बोरे के अभाव में खरीदारी प्रारंभ नहीं हुई है। श्रीकांत उपाध्याय, अजय सिंह, महातिम यादव, कृपाल कुशवाहा, ओमप्रकाश सिंह ने चेतावनी दिया कि अगर जल्द खरीद नहीं शुरू की गई तो किसान चुप नहीं बैठेंगे।

भदौरा: क्रय केंद्र पर लटका है ताला
विकासखंड के गोड़सरा स्थित साधन सहकारी समिति में पिछले कई दिनों से ताला बंद चल रहा है। शनिवार को भी इस क्रय केंद्र पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। ऐसे में गेहूं बेचने के लिए आए किसानों को पिछले कई दिनों से इस भीषण गर्मी और चिलिचिलाती धूप में उल्टे पांव वापस घर जाना पड़ रहा है जबकि क्रय केंद्र के परिसर खरीदे गए धान के बोर लावारिस हाल में पड़े हैं। बारिश में ये बोरे कई बार भीग भी चुके हैं।

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आनन-फानन में लगाया कांटा
संवाददाता
जमानिया। स्थानीय नगर के राजकीय गेहूं क्रय केंद्र में शनिवार को कांटा नहीं लगाया गया था। इस बाबत जब मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया तो क्रय केंद्र पर हड़कंप मच गया और आनन फानन में कांटा लगा कर तौल शुरू की गयी । वहीं किसान संजय उपाध्याय, केश नाथ यादव, मुन्ना तिवारी, राजेन्द्र उपाध्याय, शिव भगवान सिंह, रामाश्रय, प्रवीण आदि किसानाें ने बताया कि कई दिनाें से गेहूं क्रय केन्द्र पर लाकर तौल का इंतजार कर रहे हैं, परन्तु कर्मचारियाें कि वजह से खरीद नहीं हो पा रही है। किसानों ने बताया कि एक कांटा पर लगभग तौल 300 कुंतल होनी चाहिए, परन्तु क्रय केंद्र में 40 से 50 कुंतल की गेहूं तौल की जा रही है। वहीं बिचौलियाें से गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों का यह भी आरोप है कि एसएमआई के क्रय केन्द्र पर मौजूद न होने से भी किसानो को परेशानी का सामना करना पड रहा है। भाजपा के नगर अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता का आरोप है कि आढ़तियाें की फाइल को प्रमाणित करने के लिए सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। इस संबंध में एसएमआई मिथिलेश सिंह से बात करने का प्रयास किया गया परन्तु उन्हाेंने फोन नहीं उठाया।
इनसेट
दुबिहां: किसानों का दर्द सुनिए
स्थानीय क्षेत्र में गेंहू की पैदावार कर किसान खून के आंसू बहाने को मजबूर हो गए हैं। वजह क्षेत्र में लगातार दो वर्षों से गेंहू की खरीद कर रही एजेंसी यूपीएसएस इस बार किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। पिछले साल किसानों की गेंहू खरीद के लिए केंद्र रामदासपुर कमसड़ी में बनाया गया था। इसके बाद उसको हटाकर कहां कर दिया गया है किसानों को पता नहीं चल पा रहा है। कमसड़ी गांव निवासी हरिशंकर राय का कहना है कि 1 अप्रैल से गेंहू की खरीद चालू हो गई है लेकिन हम अपना गेंहू कहां ले जाकर बेंचे पता नहीं। यहीं बात असावर गांव निवासी सुखराम तिवारी का भी कहना है। हरदासपुर निवासी उमाशंकर राय उन्होंने कहा कि गेंहू को सरकारी रेट पर बेचना टेड़ी खीर साबित हो रहा है। बिचौलिए मनमाने ढंग से गेंहू की खरीद कर रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी किसानों की सुधि नहीं ले रहे हैं।
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