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सख्त नियम दिला सकते हैं जाम से निजात

Firozabad

Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
फीरोजाबाद। शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था से हर कोई परेशान है। हर वर्ग के अपने-अपने तर्क हैं। लोगों के सुझाव भी हैं कि किस तरह से ट्रैफिक व्यवस्था सुधर सकती है।
फोटो अजय सिंघल
युवा उद्योगपति अजय सिंघल कहते हैं कि जाम की समस्या नियमों को सख्ती से लागू करने पर ही हल हो सकती है। नियमों के अनुपालन में लचर रवैया ही जाम की समस्या को बढ़ाए हुए है। व्यवस्था इतनी बिगड़ चुकी है कि सख्ती से ही उसे सुधारा जा सकता है।

फोटो अरूण गर्ग
चूड़ी व्यापारी अरुण गर्ग कहते हैं कि प्रमुख चौराहे पर पिकेट लगाई जाए। पिकेट वसूली करने की बजाए ईमानदारी से ट्रैफिक कंट्रोल करे। पहले हल्ला गाड़ी चलती थी, जो रास्ते पर खडे़ वाहन और अन्य अतिक्रमण उठा ले जाती थी। ऐसी व्यवस्था फिर से होनी चाहिए।

फोटो ऊषा यादव
सुहाग नगर निवासी ऊषा यादव का तर्क है कि संसाधन और फोर्स की कमी को पूरा किए बगैर जाम की समस्या से निजात नहीं मिल सकता। जाम से व्यापारी वर्ग ही नहीं महिलाओं, युवतियों तथा बच्चों को भी परेशानी होती है। बहुत से काम ऐसे होते हैं, जिनके लिए महिलाएं खुद ही बाजार जाती हैं।

फोटो नरेश चंद्र शर्मा
अधिवक्ता नरेश चंद्र शर्मा का कहना है कि जब तक कानून सख्त नहीं होगा तब तक समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। जाम की समस्या से सभी परेशान होते हैं। खुद अधिकारी भी कभी-कभी जाम की समस्या से रूबरू होते हैं।

फोटो राजीव बंसल
स्वर्णकार राजीव बंसल कहते हैं कि जाम की समस्या का हल नहीं है। जिस अनुपात से आबादी और वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उस हिसाब से रोड चौड़े नहीं हुए। जाम का असर व्यापार पर पड़ता है।

ये हैं शहर के लोगों के सुझाव
- शहर में वन-वे व्यवस्था लागू हो।
- सेंट्रल चौराहे से इमामबाड़ा तक हथठेल तथा चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित हो।
- दोपहर दो से रात सात बजे तक सेंट्रल चौराहा, गंज चौराहा, घंटाघर, इमामबाड़ा तथा शास्त्री मार्केट के बाहर पुलिस तैनात हो।
- गली बौहरान में प्रवेश करने वाले लोगों को सब्जी मंडी की तरफ तथा इमामबाड़ा में प्रवेश करने वालों को छोटे चौराहे पर निकाला जाए।
- सदर बाजार के फुटपाथ को खाली कराया जाए।
- दोनों तरफ के फुटपाथ पर तीन-तीन फुट रोड बना दिया जाए।
- नो एंट्री तथा नो पार्किंग के नियम का सख्ती से पालन हो।
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