आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

ठंडे बस्ते में डाल देते खाकी पर दर्ज मुकदमे

Firozabad

Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
फीरोजाबाद। दुराचार का मामला हो या फिर हत्या, आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का। सभी आरोप खाकी के दामन पर लगे और अभियोग भी दर्ज हुए, लेकिन मामलों की विवेचना की रफ्तार इतनी धीमी चली कि उनके खिलाफ आज तक कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस वालों पर दर्ज होने वाले मुकदमों में अक्सर प्रभावी कार्यवाही नहीं होती। इन मामलों में एफआर लगा दी जाती है या फिर ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं।
केस एक
अगस्त माह में टूंडला निवासी एक युवती को सिपाही ने शादी का झांसा देकर प्रेमजाल में फंसाया और होमगार्ड के साथ टूंडला क्षेत्र में उसकी अस्मत लूट ली। युवती ने सिपाही को नामजद करते हुए होमगार्ड के खिलाफ दुराचार का अभियोग दर्ज कराया था। युवती की तहरीर पर उसका मेडिकल कराने के बाद मामला भी दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपी के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई।
केस दो
थाना रामगढ़ में दो अगस्त की सुबह शब्बू रहमान ने पुलिस दुत्कार के चलते थाने में ही आग लगा ली थी। उपचार के दौरान मौत हो गई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष आकील गाजी के साथ पांच अन्य के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ। आकील गाजी आज तक गिरफ्तार नहीं किया, जबकि सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं।
केस तीन
हाल ही में थाना उत्तर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए हिस्ट्रीशीटर जीशान की मौत के मामले में एसओजी प्रभारी सहित चार पुलिस वालों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में भी पुलिस अधिकारी कोई ठोस कार्यवाही करने के बजाए यही कह रहे हैं पहले जांच होगी बाद में कोई कार्यवाही।

कानून खाकी के लिए नहीं ?
किसी आम आदमी के खिलाफ हत्या, दुराचार, मारपीट जैसे मामले दर्ज हो जाएं तो पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्यवाही करती है। जबकि कानून इस बात को कहता है कि विवेचना में जब तक कोई व्यक्ति दोषी नहीं पाया जाता, गिरफ्तारी नहीं की जा सकती, पर शायद कानून आम जनता पर लागू होते हैं खाकी पर नहीं।

जांच से पहले निलंबन नहीं: एएसपी
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। जीशान की हत्या का आरोप जिन दरोगाओं पर लगाया गया, वह पुलिस अफसरों की निगाह में फिलहाल निर्दोष हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच की जा रही है। दोषी पाए जाते है तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। एएसपी विपिन कुमार मिश्रा का कहना है कि आरोप लगने से कर्मचारी या अधिकारी दोषी नहीं होता है। जांच में यदि दोष सिद्ध होता है तब कार्यवाही होगी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

freezer type

स्पॉटलाइट

आखिर क्यों काट दिए गए 'रंगून' से 40 मिनट के सीन ? ये रही असली वजह

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'लाली की शादी में लड्डू दीवाना' का पोस्टर रिलीज, दिखा अक्षरा का नया अंदाज

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

बुधवार के दिन करें यह पांच काम, सुख-समृद्धि से भर जाएगी जिंदगी

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

इन छोटे-छोटे टिप्स से सोते समय भी वजन कर सकते हैं कम, जानिए कैसे

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'टॉयलेटः एक प्रेम कथा' का पहला लुक, दुल्हनिया संग नजर आए अक्षय

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

Most Read

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

‘मोदी जी मेरे बारे में उल्टा-सीधा बोलते हैं मुझे बुरा नहीं लगता बल्क‌ि मजा आता है’

rahul gandhi rally in raebareli
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

भितरघात की चिंगारी से झुलसती सपा

spark of sabotage scorched SP
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

मायावती: धर्म के नाम पर घट‌िया राजनीत‌ि कर रहे हैं नरेंद्र मोदी

mayawati lashes out on modi
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top