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कहीं ख्वाब न रह जाए उज्जवल भविष्य

Firozabad

Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
फीरोजाबाद। शिक्षा के मंदिरों में शिक्षकों का अकाल चल रहा है। शिक्षकों का समायोजन होने के बाद भी जिले में 209 विद्यालय एकल चल रहे हैं। स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था ठप पड़ी है। जबकि जिले में 125 विद्यालयों में शिक्षकों के अभाव के चलते ताले पड़े हैं।
शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया एक माह पूर्व पूरी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी जिले में शिक्षकों की खासी कमी चल रही है। जिले में 209 एकल विद्यालय है। जिससें केवल एक शिक्षक ही सैकड़ों छात्रों का भविष्य बनाने में जुटा हुआ है। जबकि शासन के हिसाब से 40 छात्रों पर एक शिक्षक की नियुक्ति होनी चाहिये लेकिन शिक्षकों की मनमानी व कार्यालय में सेंटिग कर वह अपना स्थानांतरण गांव व दूरदराज के इलाकों में नहीं करवाना चाहते है।
पूरे जनपद के नौ विकास खंडों में 125 विद्यालय बंद पड़े हैं। अरांव के प्राथमिक विद्यालय नगला हीरामन, प्राथमिक विद्यालय सिरौलिया, प्राथमिक विद्यालय ककराला, इब्राहिमपुर में शिक्षकों के अभाव में ताला लगा है। इन विद्यालय में शिक्षा विभाग के पास शिक्षामित्र भी नहीं है। जबकि नगला राई, भानूपुरा, नगला कोठी, नगला सिया, नगला बास, गढ़ी पेंगू, नगला राई, सोथरा प्रथम, सोथरा द्वितीय स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है। एक ही शिक्षामित्र इन स्कूलों में है। वह भी अपने समय के हिसाब से खोलते व बंद करते है। यह तो सिर्फ एक बानगी भर है। शासनादेश के मुताबिक प्राइमरी विद्यालय में तीन शिक्षक व तीन शिक्षक जूनियर में होने चाहिये, लेकिन यहां पर शासनादेश को ताक पर रखा जा रहा है।

शिक्षकों की परेशानी विभाग ने न जानी
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। शिक्षा के मंदिर में गुरुओं की परेशानी शायद विभाग को नहीं दिखती। पांच तक के स्कूली छात्रों को ठीक ढंग से बैठा ही ले। पढ़ाई तो एक किनारे। उसमें भी मिड- डे मील, स्कूल खरीददारी, स्टेशनरी व अन्य काम से उसे आये दिन शिक्षक को बीएसए कार्यालय व खंड शिक्षाधिकारी के पास जाना पड़ता है। जिसके कारण एकल स्कूल भी आये दिन बंद रहते हैं।

क्या कहते हैं बीएसए
बीएसए जितेंद्र सिंह यादव का कहना है कि शिक्षकों की कमी पूरे जनपद में चल रही है। बंद विद्यालयों को अतिशीघ्र खुलवाया जायेगा। जिन विद्यालयों में शिक्षक अधिक है। उन विद्यालयों के शिक्षकों को वहां पर भेजा जायेगा।
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