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सड़कों पर गूंजते हार्न बन रहे कानों के लिए मुसीबत

Firozabad

Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
फीरोजाबाद। लोगों की श्रवण क्षमता लगाता प्रभावित हो रही है, लगातार बढ़ता ध्वनि प्रदूषण लोगों के कान के पर्दों को तो प्रभावित कर ही रहा है सड़कों पर दिन रात बजते प्रेशर हार्न समस्यां बन रहे है।नीतियों की उलट बांसी ऐसी है कि प्रदूषण बोर्ड जिस शोर को ध्वनि प्रदूषण की श्रेणी में मानता है, उस सीमा से अधिक को परिवहन विभाग मानकनुरुप मानता है। प्रेशर हार्न तो उससे कई गुणा अधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाते है।
जरा देर के लिए लाल बत्ती या चौराहे पर अथवा किसी और कारण से जरा सा ब्रेक लगा नहीं कि तेज प्रेशर हार्न गूंजने लगते है।इससे बड़ी विड़ंबना क्या होगी कि आगरा इटावा कानपुर हाईवे फीरोजाबाद शहर के बीच से होकर गुजरता है लेकिन शहर में कहीं भी ध्वनि निषेध क्षेत्र घोषित नहीं है। हालात यह है कि आवासीय क्षेत्र में 65 डेसीबल से अधिक के शोर को ध्वनि प्रदूषण माना जाता है, जबकि परिवहन विभाग का कहना है कि दुपहिया वाहन का हार्न से होने वाले शोर का मानक 80 डेसीबल है तथा इससे अधिक आवाज वाले हार्न पर वह कार्रवाई दुपहिया के खिलाफ कर सकते है। बाकि वाहन तो और भी अधिक शोर मचाते है। नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डाक्टर मनोज चतुर्वेदी का कहना है कि बढ़ते शोर के कारण लोगों की सुनने और सोचने की क्षमता प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि कान ही मानव शरीर का ऐसा अंग है, जो 24 घंटे काम करता है। ऐसे में बढ़ता शोर और खासकर प्रेशर हार्न उसे ही प्रभावित कर रहे है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि ध्वनि आवासीय क्षेत्र में 65, व्यवसायिक क्षेत्र में 75 और औद्योगिक क्षेत्र में 85 डेसीबल से अधिक ध्वनि प्रदूषण की श्रेणी में आती है। तीनों ही क्षेत्रों में मौजूदा समय में फीरोजाबाद में इससे अधिक प्रदूषण है।फीरोजाबाद-एआरटीओ सुभाष यादव का कहना है कि निर्धारित मानक से अधिक प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, इस माह दस चालान किए गए। कंपनी तो हार्न मानक के अनुसार लगाकर भेजती है लेकिन बाद लोग प्रेशर हार्न लगवाते है। साइलेंट जोन के बारे में टीएसआई मनोज वर्मा का कहना है कि जनपद में कई क्षेत्र ऐसे हैं, जो साइलेंट जोन की परिधि में आते है, लेकिन पूर्व में तैनात अधिकारियों द्वारा साइलेंट जोन का प्रस्ताव तैयार कर नहीं भेजा गया है।
इसलिए अभी तक जनपद में साइलेंट जोन नहीं बनाए जा सके।
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