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नई आबादी में पानी से घिरे मकान

Firozabad

Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
फीरोजाबाद। नई आबादी का हाल बेहाल हो गया। मकान पानी से घिर गये। घर से बाहर कदम रखते ही चहुंओर पानी ही पानी दिखाई देता है। यह हाल करीब आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों का है। हर बार पालिका की ओर से जल निकासी को ट्राली लगाई जाती थी लेकिन इस बार नहीं लगाई गई। कई मकान गिरासू हालत में पहुंच गए।
बारिश नई आबादी के वाशिंदों के लिए मुसीबत बन गई हैं। कच्ची गलियां होने के कारण पहले ही राह निकलना मुश्किल था लेकिन अब तो मकान भी पानी से घिर गए। किशन नगर निवासी राजू का मकान पानी से घिरा होने के कारण चटक गया। यह मकान कभी भी गिर सकता है। उसका कहना है कि इसी तरह की हालत कई मकानों की हो गई है। हबीबगंज में दीवाल जलभराव के कारण ही गिर गई। दुर्गेश नगर, राठौर नगर, लालपुर हजीरा के हालत काफी खराब है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि प्रतिवर्ष पालिका की ओर से जल निकासी के लिए माता प्रसाद स्कूल के पास ट्राली लगाई जाती रही है लेकिन इस बार कोई इंतजाम नहीं किया गया। यही कारण है कि बारिश का पानी अब घरों की ओर बढ़ने लगा है। पानी से मकानों के चहुंओर से घिरे होने के कारण यहां के वाशिंदे परेशान हैं। उन्होंने पालिका के अधिकारियों से मांग की है कि ट्राली लगाकर जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाए। अन्यथा खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को विवश होना पड़ेगा।

जान जाने के बाद नहीं जागी पालिका
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। बारिश के मौसम में जर्जर एंव गिरासू भवन भले ही लोगों की जान का खतरा बन जाए लेकिन पालिका ऐसे भवनों का चिन्हांकन तक नहीं कराती। जबकि पालिका की यह जिम्मेदारी है कि वह गिरासू भवनों का चिन्हांकन करके उन्हें नोटिस जारी करे। पालिका अधिकारी स्टाफ अभाव की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। अग्रवाल धर्मशाला के समीप जर्जर भवन के गिरने के कारण एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी। खिड़की के समीप काफी पुरानी बिल्डिंग की दीवार ढह गई थी। इसी प्रकार नगर में दर्जनों भवन ऐसे हैं जो गिरासू हालत में खड़े हैं लेकिन पालिका उन्हें न तो नोटिस दे रही है न ही चिन्हांकन किया जा रहा है। कर अधीक्षक हरगोविंद सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी निर्माण विभाग की है। निर्माण विभाग के लिपिक जेपी बघेल का कहना है कि स्टाफ अभाव के कारण कोई चिन्हांकन नहीं किया गया।
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