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नई समायोजन सूची से भरे जाएंगे एकल विद्यालय

Fatehpur

Updated Tue, 31 Jul 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की किल्लत दूर करने के लिए विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। नई समायोजन सूची तैयार की गई है। अब एकल विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित कराई जाएगी ताकि विद्यालयों में शिक्षक की कमी से ताला बंदी न हो सके। दरअसल जिले में तीस छात्र पर एक शिक्षक का मानक फेल है। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां एकल शिक्षक की तैनाती है। नतीजा विद्यालयों में पठन-पाठन का माहौल नहीं बन पा रहा है। इन परिषदीय विद्यालयों में पूरा दारोमदार शिक्षामित्रों पर टिका है।
नए शिक्षा सत्र में भी शिक्षकों की कमी से परिषदीय विद्यालय उबर नहीं पा रहे हैं। हंसवा विकास खंड की बात करें तो एक दर्जन विद्यालय एकल शिक्षक के सहारे हैं। मलवां व देवमई में भी एक-एक दर्जन विद्यालय एकल शिक्षक के सहारे चल रहे हैं या फिर बंद है। अन्य ब्लाकों में यह संख्या करीब आधा सैकड़ा के आसपास है। इन विद्यालयों की समायोजन सूची तैयार की गई है। बताते हैं कि अगले दो-चार दिन में समयोजन सूची जारी कर दी जाएगी, जिसके आधार पर शिक्षकों की तैनाती संबंधित विद्यालयों में की जाएगी। शिक्षकों की कमी में बीते सत्र में हुए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण ने और भी समस्या खड़ी कर दी है। एक सौ ग्यारह शिक्षिकाएं अपने गृह जनपद ट्रांसफर कराकर चली गई हैं, जबकि बाहर से अभी तक एक भी शिक्षिकाएं जनपद में ट्रांसफर कराकर नहीं आई हैं। अंतर्जनपदीय ट्रांसफर से सबसे ज्यादा प्रभावित विकास खंड भिटौरा तथा देवमई हुए हैं। शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई का जो माहौल बनना चाहिए वह नहीं बन पा रहा है। हालात यह है कि ज्यादातर कक्षाएं शोरगुल का शिकार बनी रहती हैं। समायोजन के तहत जहां पर दो से अधिक शिक्षक हैं वहां से उन्हें एक विद्यालयों में तैनात किया जाएगा। मालूम हो कि जिले में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय साढ़े सत्रह हजार हैं जबकि जूनियर विद्यालय पौने सात सौ हैं। शासनादेश के मुताबिक जूनियर विद्यालयों में तीन शिक्षक से कम नहीं होने चाहिए।
वर्जन:
शिक्षकों की बेहद कमी है। औसतन एक विद्यालय में डेढ़ शिक्षक ही है, तमाम विद्यालय एकल हैं। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के तहत एक सौ ग्यारह शिक्षक यहां से ट्रांसफर कराकर चले गए, जबकि हमें मिला कुछ नहीं। इसका भी प्रभाव पड़ा है। एकल स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- राजेंद्र यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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