आपका शहर Close

बदरा बरसे तो शुरू हो गई रोपाई

Fatehpur

Updated Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश का असर दिखने लगा है। किसान खेत पर ही दिखाई दे रहे हैं। रोपाई का काम तेज हो गया है। किसान माइनर और नलकूप के सहारे भी खेतों में पानी भर रहे हैं। किसानों को आगे और अच्छी बारिश की आस है। सोमवार को भी दोपहर के बाद कुछ बारिश हुई है। हालांकि किसानों का कहना है कि अभी इतनी बारिश नहीं हो पा रही जिससे खेतों में जरूरत का पानी भर सकता।
बीते कुछ दिनों से छिटपुट बारिश हो रही है जिससे खेतों में नमी आई और उसका फायदा उठाते हुए किसानों ने तेजी से अपने खेतों में जुताई की। जुताई के बाद अब धान की बेड़ की रोपाई की तैयारी शुरू हो गई है। भिटौरा रोड में नहर से निकले रजबहों में पानी होने से सोमवार को बिसौली के आगे सड़क किनारे खेतों में पानी भरकर किसान धान की बेड़ रोपाई में जुट गया था। कई जगह बेड़ की रोपाई शुरू थी। यहां पर बारिश के साथ रजबहों ने किसानों की मदद की है जिनके जरिए खेतों को किसानों ने पानी से लबालब कर दिया है। धान पट्टी वाले असोथर ब्लाक क्षेत्र में नहर किनारे के किसान तो नहर से पानी खेतों में ले जाकर बेड़ की रोपाई शुरू कर दी है किंतु जो इलाके नहर से दूर हैं वहां पर अभी एक बीघा भी धान नहीं रोपा जा सका है। असोथर प्रतिनिधि के अनुसार जरौली पंप कैनाल से चल रही नहर में पानी भी उतना नहीं है जिसे नहर से दूर गांव तक ले जाया जा सके। उधर हथगाम विकास खंड की बात करें तो जुताई के लिए खेतों में नमी तो बारिश से आ गई किंतु बेड़ रोपाई के लिए खेत नहीं भर पाए। अब किसान खेतों में नलकूपों से पहला पानी लगाकर बेड़ रोपाई की तैयारी में हैं ताकि समय से बेड़ की रोपाई हो सके।
जिनके पास सिंचाई के खुद के संसाधन हैं वह किसान अब खुद के नलकूपों से खेतों को भरने लगे हैं लेकिन जिन्हें दूसरों के नलकूप से पानी लेकर बेड़ रोपनी है वह अपनी जेब टटोलते हुए भारी बारिश के इंतजार में हैं। निजी नलकूपों से सिंचाई के लिए जिले में अलग-अलग रेट हैं। गंगा एवं यमुना के मध्य भाग में जहां 110 रुपए प्रति घंटे की सिंचाई है वहीं यमुना कटरी क्षेत्र में नलकूप से सिंचाई 200 रुपए प्रति घंटे तक है जो किसानों को काफी महंगी पड़ रही है। जनपद में पौने दो लाख हेक्टेयर में धान का आच्छादन किया जाना है। विभागीय दावों पर विश्वास करें तो अभी तक लक्ष्य का दस फीसदी आच्छादन हुआ है। उप निदेशक कृषि प्रसार टीपी चौधरी कहते हैं कि धान की रोपाई के लिए समुचित पानी हो गया है। सोमवार को दोपहर बाद हुई बारिश से खरीफ की अन्य फसलों को भी फायदा पहुंचेगा।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

सलमान खान के लिए असली 'कटप्पा' हैं शेरा, एक इशारे पर कार के आगे 8 km तक दौड़ गए थे

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

भूलकर भी न करें छठ पूजा में ये 6 गलतियां, पड़ सकती है भारी

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

बदलते मौसम में डाइट में शामिल करेंगे ये खास चीज तो फौलाद बन जाएंगी हड्डियां

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

यहां की महिलाओं का ऐसा अजीब फैशन, पूछने पर देती हैं ये अजीब तर्क

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफल: इन 5 राशि वालों के लिए आने वाला समय रहेगा फायदेमंद

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

छात्र नेता ने सीएम को बोले अपशब्द, अखिलेश बोले, मैं उसके शब्द वापस लेता हूं

ex cm akhilesh yadav press conference in lucknow
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

ऐसी सजा देंगे कि पीढ़ियां भूल जाएंगी नौकरी करनाः सीएम योगी

Give punishment that generations will forgetto do job
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

राहुल के पैराशूट से ठियोग में उतरे राठौर, इनकी कहानी है रोचक

himachal assembly election 2017 theog seat deepak rathore
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

पापा दिल्ली नहीं गए, मम्मी और अंकल ने उन्हें मार दिया

Papa did not go to Delhi, mummy and Uncle killed them
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

हिमाचल विस चुनाव: चुनाव मैदान में 'गुरुओं' को ‘चेलों’ की चुनौती

himachal assembly election 2017 pramod sharma and rajinder rana
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

भाजपा और कांग्रेस के लिए बागी बने चुनौती, उतारने पड़े शांतिदूत

himachal assembly election 2017 rebellion in bjp and congress
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!