आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

धान की खेती करने के मूड में नहीं हैं किसान

Fatehpur

Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। भूगर्भ जलस्तर तेजी से घटने से जिले के चार ब्लाक अमौली, हथगाम, हसवा व मलवां में शासन से किसी भी तरह की नलकूप की बोरिंग पर रोक लगाने से किसानों के सामने सिंचाई की समस्या गहराने लगी है। सबसे ज्यादा समस्या धान की पैदावार करने वाले किसानों को है। जिले में बाकी जगह धान की फसल की तैयारी हो रही है, वहीं बोरिंग पर रोक वाले चारों ब्लाकों में धान की पैदावार करने वाले किसान अभी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। कुछ किसान तो अबकी धान की फसल से किनारा करने के मूड में दिख रहे हैं। इन किसानों का कहना है कि सिंचाई की समुचित व्यवस्था न होने से धान की फसल में नुकसान होने का संभावना ज्यादा दिख रही है।
भूगर्भ जलस्तर तेजी से घटने की वजह से शासन ने जिले के अमौली, हथगाम, हसवा और मलवां ब्लाकों में किसी भी प्रकार की नलकूप बोरिंग पर रोक लगा रखी है। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए है कि जो नलकूप संचालित हैं, उनसे पानी का दोहन कम से कम किया जाए। ऐसी स्थिति में किसानों के सामने सिंचाई को लेकर समस्या खड़ी हो गई है, जिसका असर खरीफ सत्र में धान की खेती पर पड़ता दिखाई दे रहा है। दुविधा में फंसे किसान यह नहीं तय कर पा रहे हैं कि धान की फसल उगाएं या नहीं।
गौरतलब है कि पर्याप्त बरसात न होने से यहां के किसान सिंचाई के लिए नलकूपों पर ही निर्भर हैं। ऐसे में जिस प्रकार नलकूप के संचालन एवं नए नलकूप लगाने पर प्रतिबंध लगा है उससे मुश्किलें बढ़ना तय है। इस समय नर्सरी डालने का काम अन्य ब्लाकों में तेजी से चल रहा है वहीं दूसरी ओर प्रतिबंधित किए गए ब्लाकों में धान की तैयारियां सुस्त है। हसवा क्षेत्र के किसान अजमेर सिंह, रामकुमार, पूरन आदि का कहना है कि धान की फसल बगैर पानी के संभव नहीं है। सिंचाई के अभाव में फसल सूख जाए तो किसान कहीं का नहीं रहेगा। ऐसे में इस बार धान की फसल उगाना जोखिम भरा है। मलवां क्षेत्र के किसान सूरजदीन, विंदा प्रसाद व राम कुमार का भी कमोवेश यही कहना है कि जिस तरह की स्थितियां हैं उसमें खेती का कार्य बेहद ही जटिल एवं जोखिम भरा हो गया है। मालूम हो कि जिले में धान की खेती व्यापक स्तर पर की जाती है, जिसमें हसवा एवं मलवां प्रमुख धान पट्टियों में है। यहां जनपद में कुल उत्पादित धान का करीब बारह फीसदी धान पैदा किया जाता है। नलकूपों की बोरिंग पर प्रतिबंध के बारे में सहायक अभियंता लघु़ सिंचाई एके सिन्हा का कहना है कि शासन से जो निर्देश मिले हैं, उन्हीं का अनुपालन कराया जा रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

paddy farmers

स्पॉटलाइट

OMG: इस सुपरस्टार की किसी भी मूवी में नहीं रहा ऐसा क्लाईमेक्स, डायरेक्टर डरते थे कहीं बवाल ना हो जाए

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

दीपिका पादुकोण को मिला ये खास सम्मान

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

लेक्सस ने भारत में लॉन्च की एक साथ तीन कार

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

'अंगूरी भाभी' का आरोप, प्रोड्यूसर के पति ने की छेड़छाड़

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

आपके बिजनेस को नुकसान से बचाएगा यह उपाय, आजमाकर देखें

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

Most Read

सीएम बनते ही याेगी ने लिया बड़ा फैसला, हांफने लगी यूपी की पुलिस

cm yogi adityanath first decision for up police
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही सुपर एक्शन में योगी, युवाओं के लिए कर दिया ये बड़ा एेलान

cm yogi adityanath first action for youth
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

कर्जमाफी की आस लगाए बैठे किसानों को लगा ‘जोर का झटका’

farmers are disturb after bank action
  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

CM योगी का नया फरमान, अब नहीं खा पाएंगे ड्यूटी पर गुटखा-पान

latest news related to cm adityanath in lucknow
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top