आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

धान के बीज का संकट

Fatehpur

Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। खरीफ की तैयारियों में जुटे किसानों के लिए बीज किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कृषि विभाग के वितरण केंद्रों में बीज की उपलब्धता न होने से किसान इधर-उधर भटक रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या धान के बीज को लेकर आ रही है। बाजार में मौजूद खुले बीज की अपेक्षा कृषि विभाग के बीज केंद्र से मिलने वाला बीज प्रमाणित होने के चलते किसानों के बीच विश्वसनीय रहता है।
धान की नर्सरी डालने के लिए यह पीक सीजन चल रहा है, लेकिन बीज की किल्लत की वजह से नर्सरी का काम पिछड़ रहा है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नर्सरी डालने का सबसे अच्छा समय एक से पंद्रह जून तक माना जाता है। विभागीय बीज भंडार ग्रहों में बीज की समुचित उपलब्धता न होने से किसानों को खुले बाजार की ओर रुख करना पड़ रहा है। जहां बीज का मूल्य निर्धारण और गुणवत्ता की प्रमाणिकता दोनो संदेह के घेरे में है। जानकारी के मुताबिक विभाग में अभी तक चार सौ क्विंटल धान का बीज ही आया है जिसका वितरण विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को किया जा चुका है। ऐसे में अब जो किसान आ रहे हैं उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है।
हरिहरगंज स्थित केंद्र पर धान का बीज लेने के लिए आए रमवा-पंथुआ के किसान शिवकुमार, प्रेमनंदन, चौथकियापुर के मनोहर आदि ने बताया कि पिछले कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं लेकिन धान का बीज उपलब्ध नहीं हो पाया है। बीज को लेकर इसी प्रकार की समस्या अन्य विभागीय सेंटरों पर है।
उधर, उप निदेशक कृषि प्रसार टीपी चौधरी ने बताया कि विभागीय बिक्री केंद्रों पर धान के बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। जितना बीज उपलब्ध हुआ है उसका वितरण नियमानुसार कराया जा रहा है। बता दें कि विभाग द्वारा नरेंद्र पंत मंसूरी जैसी उन्नतशील प्रजातियों के अलावा शंकर प्रजाति के बीज भी वितरित किए जा रहे हैं। जिनमें सात सौ रुपये प्रति क्विंटल तक का अनुदान किसानों को दिया जा रहा है। अनुदान की राशि नकद न देकर उसका समायोजन धान के मूल्य पर किए जाने की व्यवस्था है। धान के अलावा तिल, उर्द, मूंग, मूंगफली आदि जिंसों के बीज भी किसानों को उपलब्धत कराने के निर्देश है। खरीफ में सर्वाधिक आच्छादन धान का किया जाना है जिसका क्षेत्रफल पौने दो लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

paddy seed crisis

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top