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सारे गोदाम फुल, एफसीआई ने गेहूं लेने से मना किया

Fatehpur

Updated Thu, 31 May 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। भारतीय खाद्य निगम के सारे गोदाम फुल हो गए हैं। ऐसे में सरकारी गेहूं के भंडारण को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। एफसीआई के अधिकारियों ने गोदाम फुल होने के बाद आ रहे गेहूं को लेने ने मना कर दिया है, जिससे एफसीआई के स्टेट वेयर हाउस के बाहर खड़ी करीब तीन सौ ट्रकों को खाली कराने की दिक्कत आ गई है। जिला प्रबंधक ने महकमे के बड़े अफसरों को चिट्ठी लिखकर स्थिति से अवगत कराते हुए लोड गाड़ियों को कानपुर या किसी अन्य जिले में स्थानांतरित कराने की सिफारिश की है। उधर, अन्य एजेंसियों के गोदामों में भंडारण की अभी तक कोई रणनीति नहीं बन पायी है।
एफसीआई के गोदामों में पहले से ही सरकारी गेहूं और चावल आदि डंप है। अब सरकारी खरीद का गेहूं तेजी से भंडारण के लिए एफसीआई गोदामों में भेजा जा रहा है, जिससे गेहूं के भंडारण की समस्या खड़ी हो गई है। स्थिति यह है कि भारतीय खाद्य निगम को गेहूं की लाट लेने से इंकार करना पड़ रहा है। बताते हैं कि एफसीआई के पास सिर्फ दो वेयर हाउस है। शहर स्थित वेयर हाउस की क्षमता 57,622 मीट्रिक टन है, जबकि जहानाबाद स्थित वेयर हाउस की भंडारण क्षमता 10455 मीट्रिक टन है। जहानाबाद एक सप्ताह पहले फुल हो गया है, वहीं सदर में बमुश्किल थोड़ी ही जगह बची है, जबकि गेहूं की आवक केंद्रों में लगातार बनी है। हाल यह है कि अनुमानित तीन सौ ट्रक अनाज अनलोडिंग के लिए एफसीआई गोदाम के बाहर पड़ा हुआ है। इन ट्रकों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। इस बारे में एफसीआई के अफसरों का कहना है कि समुचित जगह नहीं है तो किस आधार पर गाड़ियों को प्रवेश दिया जाए।
उधर, एफसीआई के जिला प्रबंधक डीपी सिंह कहते हैं कि गोदाम फुल हो गए है। ऐसे में नई लाट ले पाना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि क्षेत्रीय प्रबंधक को फैक्स भेजकर सारी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। तीन सौ गाड़ियां बाहर खड़ी है जिन्हें कानपुर या आसपास के किसी अन्य जिले में भंडारित कराने की सिफारिश की गई है, जिससे खाद्यान्न सुरक्षित रखा जा सके।
जिलाधिकारी कंचन वर्मा का इस बाबत कहना है कि गेहूं के भंडारण में आ रही दिक्कत के बारे में जानकारी मिली है। भारतीय खाद्य निगम को कुछ स्थान बताए गए हैं। भंडारण के लिए उपयुक्त स्थान एफसीआई को चयनित करना है। एफसीआई जो भी स्थान चयनित करती है। प्रशासन समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि भंडारण के लिए जगह की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
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