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साढ़े तीन हजार से ज्यादा टीचरों के पद खाली पड़े

Fatehpur

Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
फतेहपुर। अनिवार्य शिक्षा अधिनियम का सच: जिले भर के परिषदीय स्कूलों में 3901 शिक्षकों के पद खाली हैं। इनमें प्राथमिक स्कूलों में 3266 टीचरों की कमी है। टीचरों की कमी के कारण जिले में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम की धज्जियां उड़ रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के चाहते हुए भी अधिनियम का पालन करना मुनासिब नहीं हो पा रहा है। शहर और प्रमुख कस्बों में तो वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मांटेसरी स्कूल हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की हालत बहुत ही दयनीय है, क्योंकि यहां पर नौनिहालों की पढ़ाई के लिए सिर्फ परिषदीय स्कूलों का ही सहारा है। उधर, प्रदेश में 72 हजार शिक्षकों की भर्ती से जनपदवासियों पर आशा की किरण चमकी है। अगर रिक्तियों के अनुरूप पचास फीसदी शिक्षक भर्ती करने का अधिकार जिले में मिल जाता है, तो बहुत कुछ समस्या का निदान हो सकता है।
जिलेभर में 1669 प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने के लिए 5020 सहायक अध्यापकों की आवश्यकता है, जबकि इसके विपरीत बेसिक शिक्षा विभाग के पास 2224 सहायकों की व्यवस्था है। इसी तरह इन्हीं स्कूलों में 1669 हेडमास्टरों की जरूरत है, जबकि विभाग के पास 1199 हेडमास्टरों की व्यवस्था है। साफ है कि विभाग को प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने के लिए 2796 सहायक और 470 हेडमास्टरों की जरूरत है। इसी प्रकार जिलेभर के कुल 686 उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1741 सहायक अध्यापकों के पद सृजित हैं, जिसके विपरीत 1316 की नियुक्ति है। इसी तरह इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए कुल 686 हेडमास्टरों की जरूरत है, जबकि इसके विपरीत 476 ही नियुक्त हैं। इस तरह से उच्च प्राथमिक स्कूलों में 425 सहायक और 476 हेडमास्टरों के पद लंबे समय के खाली चल रहे हैं। ऐसी हालत में ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों की पठन पाठन व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त पड़ी है। प्रदेश में भर्ती होने वाले 72 शिक्षकों की भर्ती में अगर जिले को पचास फीसदी शिक्षकों की भर्ती करने का जिम्मा मिलता है, तो स्थिति में बहुत कुछ सुधार हो सकता है। अगर आधी रिक्तियों के बराबर शिक्षक भर्ती करने का जिला बेसिक शिक्षा विभाग को अधिकार मिलता है, तो आने वाले समय में भले ही छात्र संख्या के अनुरू प शिक्षकों की नियुक्ति स्कूलों में न हो पाए, लेकिन जिले में कोई भी स्कूल बंद या फिर एकल नहीं रह पाएगा।

इंसेट
जैसे-तैसे चला रहे काम-बीएसए
फतेहपुर। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों से जिले की बेसिक शिक्षा सुचारू रूप से संचालित करने की भरसक कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि जिले में कुछ गिनेचुने स्कूल शिक्षक विहीन हैं, लेकिन अभी तक एकल शिक्षक वाले स्कूल अधिक हैं।
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