आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

जिंदगी हर कदम एक नई जंग है

Fatehpur

Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। किसी ने सच ही कहा है- साहस व धैर्य की पूंजी बड़ी से बड़ी मुश्किल को आसान करती है। अमर उजाला एक ऐसे हिम्मती युवक से मुखातिब हुआ जिसने मौत को भी शिकस्त दे दिया। जिला मुख्यालय से पंद्रह किलोमीटर बसा भिटौरा ब्लाक का एक गांव। इसी गांव में एड्स से लड़ाई लड़ने वाला परदेसी बाबू मौजूद है। जो न अब जिंदगी की जंग लड़ते हंसने लगा है बल्कि पहले की तरह भाग दौड़ कर मौत को मात दे रहा है। बीते पलों को याद करते हुए पीड़ित युवक बताता है कि दशक भर पहले उसने जीने की तमन्ना छोड़ दी थी। लेकिन ऐसे वक्त काम आए घरवाले।
वर्ष 2000 में गांव के ही पड़ोसी युवक के साथ मुंबई कमाने गया था। मुंबई के नलबाजार में दो हजार रुपया महीना की किराए की खोली में रहता था। दो वर्षों के बाद वह गांव लौट आया, दो माह बाद वापस मुंबई चला गया। बस इसी के बाद से उसकी सेहत को एचआईवी संक्रमण की नजर लग गई। मुंबई में जांच कराई तो उसे एचआईवी पाजिटिव था। धीरे-धीरे वह कमजोर होता चला गया। हालत बिगड़ने पर उसे गांव आना पड़ा। जांच रिपोर्ट के आधार पर चार साल तक लगातार कानपुर में इलाज कराया। अब उसे सदर अस्पताल के लिंक एआरटी सेंटर से ही एचआईवी/ एड्स की दवाएं उपलब्ध हो रही है। इस एचआईवी संक्रमित युवक ने खुद को मौत के मुहाने से जिंदगी के द्वार तक लाने के बाद अब एचआईवी को लेकर दूसरों को भी राह दिखानी शुरू कर दी है। एचआईवी संक्रमित परदेशी बाबू की हालत में सुधार यकीनन उसके हौसले का परिणाम है। लेकिन यह भी साफ है कि उसे ऐसी स्थिति में इतना ताकतवर बनाने का काम अपनों ने ही किया। सीडी-आर जांच जो कभी 63 रही अब वह बढ़कर 960 तक जा पहुंची है।

इंसेट
साथ मिले तो हर मुसीबत पार
फतेहपुर। हसवां ब्लाक का एक गांव। इस गांव का एक अनाथ अब किशोर हो चुका है। पिता की मौत एड्स से हो चुकी है। मां भी कुछ दिन बाद चल बसी। अनाथ बच्चे की चाचा ने जांच कराई तो वह भी एचआईवी संक्रमित निकला। लेकिन न तो चाचा ने भतीजा को ठुकराया, न चाची और न बूढ़ी दादी ने। सभी लोग किशोर को जिंदगी से नजदीक लाने में जुटे हैं।



साल दर साल बढ़ते जा रहे एड्स रोगी
- आईसीटीसी एंड एलकेसी सेंटर का पांच साल का सच
- 3 613 हुईं जांचों में 157 एचआईवी पाजटिव निकले
फतेहपुर। जानलेवा एड्स। लोगों में जागरूकता बढ़ी है। बीमारी पर लगाम लगाने के लिए सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर जारी प्रयास भी बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं। बावजूद इसके तथ्यों पर गौर करें तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जिला स्तर पर सदर अस्पताल से उपलब्ध अंकों के मुताबिक पांच वर्षों के दौरान हर साल एचआईवी पॉजटिव की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि सुखद पहलू यह है कि किसी न किसी तरह से संक्रमण के जरिए इसकी गिरफ्त में आए लोगों ने जिंदगी को जंग की तरह लिया और जानलेवा मर्ज को शिकस्त देेने की ठान ली है। वे आज नियमित इलाज व बचाव के साथ खुशहाली में जिंदगी बसर कर रहे हैं।
सदर अस्पताल में खुले आईसीटीसी (इंटरगेटेड काउसिंग एंड टेस्टिंग सेंटर ) व एलकेसी (लिंक एआरटी सेंटर) के आंकड़े जिले के हालात की जुबानी बने हैं। अगर पांच साल के आंकड़ों पर जाए तो यह एचआईवी पाजिटिव साल-दर-साल बढ़ते जा रहे हैं। मसलन वित्तीय वर्ष 2008-2009 में 1734 लोग एचआईवी की जांच को आगे आए। जिनमें 23 पाजिटिव निकले। हां वित्तीय वर्ष 2009-2010 में 2682 जांच हुईं जिनमें महज 17 को एचआईवी ग्रसित पाया गया। लेकिन इसके बाद एड्स रोगी बढ़ते ही गए। वर्ष 2010-2011 में भी 2682 जांचें हुईं, जिसमें से 35 मामले एड्स रोगी के रूप में सामने आए। वर्ष 2011-12 में 2633 जांचें हुईं जिसमें से 44 एचआईवी ग्रसित निकले। रहा सवाल चालू वित्तीय वर्ष 2012-13 का तो अप्रैल से अक्टूबर के ही बीच 3613 जांच हुईं। इनमें से 38 एचआईवी रोगी मिले हैं। ऐसे में मौजूदा वित्तीय वर्ष बीते सालों सामने आए एड्स रोगियों को भी मात दे सकता है। सदर अस्पताल स्थिति लिंक एआरटी सेंटर में फिलहाल तीस मरीज दवाएं ले रहे हैं। बाकी कानपुर से लाइफ टाइम दवाएं लेते हैं। नेहरू युवा संगठन टीसी के अध्यक्ष राजेेंद्र साहू कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग को गांव की आशा बहू व एएनएम को एड्स की रोकथाम के लिए जानकारियों से लैस किया जाना चाहिए।

इंसेट
लड़ी जा रही जागरूकता से लड़ाई
फतेहपुर। आरएम श्रीवास्तव कहते है एचआईवी/ एड्स का खतरा जागरूकता से टाला जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए अभियान चलाता है। आशा बहू व एएनएम जैसी स्वास्थ्य कड़ी से एचआईवी/ एड्स की जानकारी संबंधित एमओआईसी प्राप्त करते हैं। बचाव ही एक उपाय पर बोलते हुए कहा जनता अब मुंह चुराने के बजाए इस खतरे को लेकर बेबाक होने लगी है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

एक ही फिल्‍म कर गुमनाम हुई ये 'गांव की छोरी', अब विदेश में खड़ा किया अरबों का साम्राज्य

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

#Menstrual hygiene day: पीरियड्स में रखें इन बातों का ख्याल, वरना हो सकती हैं ये दिक्कतें

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

कई फिल्मों में काम कर चुकीं इस पॉपुलर एक्ट्रेस के साथ बेटे ने किया कुछ ऐसा, फूट-फूट कर रोईं

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

'मि. इंडिया' से स्टार बनी थी नन्ही 'टीना', अब कर रही है ये काम

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

रमजान से जुड़ी इन बातों को नहीं जानते होंगे आप

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

Most Read

पाक ने की फिर की गोलीबारी, 2 पोर्टरों की मौत

pakistan voilates ceasefire on Loc two porters killed
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

J&K: आज फिर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, एक आतंकी ढेर

intruder killed on Loc in poonch of jammu and kashmir
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

नीतीश के PM मोदी के साथ लंच पर तेजस्वी का तंज, कहा- चटनी पॉलिटिक्स

cm Nitish kumar will attend pm Modi's banquet
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, मायावती बोलीं- भीम आर्मी से कोई संबंध नहीं

mayawati pc on dalits saharanpur violence
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

CM के दौरे से पहले दलितों को बांटे गए साबुन-शैंपू-सेंट, कहा- ये लगाकर ही पास जाना

Before visit of CM Yogi Adityanath to Kushinagar's 'Mushar Basti' , Dalits asked to use soaps, scent
  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

इसी महीने आ जाएगा मानसून, यूपी में कब हैं बारिश के आसार जानें

monsoon will reach to uttar pradesh after mid june
  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top