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और जानें जाएं क्या तब हटेंगे जर्जर तार

Fatehpur

Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। अमर उजाला ने पहले ही अंदेशा जताया था, पर प्रशासन नहीं चेता और मंगलवार को हाईटेंशन लाइन से एक दर्जन लोगों की जान चली गई। लोगों का कहना है कि प्रशासन और बिजली विभाग को शायद अभी और मौतों का इंतजार है, तभी जर्जर लाइनें बदली जाएंगी और घरों के ऊपर से गुजर रहे तार हटाए जाएंगे।
अमर उजाला ने 4 सितंबर को विस्तार से खबर प्रकाशित कर एचटी लाइनों की जर्जर स्थिति के बारे में सचेत किया था लेकिन विभाग की नींद नहीं टूटी। शहर व ग्रामीण इलाकों के तमाम घरों से एचटी लाइन गुजरी है जिससे इन घराें में रहने वाले लोगाें पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। जर्जर और ढीले हो चुके एचटी लाइन के तार कब मौत का कारण न बन जाएं, यह डर हमेशा बना रहता है। शहर क्षेत्र में तो एक तिहाई आबादी एचटी लाइन की चपेट में है। इन मकानों को खरीदने वाला भी कोई नहीं है।
शहर क्षेत्र के लोग कई बार शासन-प्रशासन व विद्युत विभाग के अफसरों से शिकायतें भी कर चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। शहर क्षेत्र के खलील नगर के लोगों के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। घराें के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकली है। कई मकान तो ऐसे है जहां पर हवा के झोकों से तार छज्जे में टकराते हैं। खास कर बरसात के दिनाें में रहने वाले लोग खतरों के बीच रहते हैं। शहर की घनी आबादी वाले मुराइन टोला के लोग भी एचटी लाइन के खौफ में जीवन जीने को मजबूर है। सबसे पुराने इस इलाके में पावर हाउस भी है। कई बार एचटी लाइन को हटाए जाने की कवायद भी हुई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
सिविल लाइंस इलाका भी एचटी लाइन से प्रभावित है। महिला डिग्री कालेज इलाके में तो कई मकान के ऊपर से ही तार निकले हैं। राधानगर नई बस्ती तो पूरी तरह से हाईटेंशन लाइन की चपेट में है। लोगों ने यहां मकान भी इस उम्मीद के साथ बनवा लिए कि लाइन हट जायेगी। लेकिन हादसे हो रहे हैं और तार हटाए नहीं जा रहे हैं।

वर्जन इंसेट---

मकानों के बनने के पहले ही एचटी लाइन खींची गई है। लोगों ने लाइन के नीचे मकान बनवा लिए। इस संबंध में प्रशासन व लोगों को संजीदा होना पड़ेगा। रही बात विभाग की तो समय-समय पर तारों को दुरुस्त किया जाता है। एचटी लाइनें हटाने के बारे में ऊपर के अधिकारी निर्णय ले सकते हैं। जिला स्तर पर ऐसा मुश्किल है।
अधिशासी अभियंता आर. आर. सिंह
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