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सुप्रीम कोर्ट ने मांगी मैला ढोने वालों की सूचना

Farrukhabad

Updated Sat, 30 Jun 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। शासन ने जिले के निकायों से शुष्क शौचालयों की सूचना मांगी है। इससे खलबली मच गई है। यह सूचना उच्चतम न्यायालय में दाखिल याचिका को लेकर तलब की गई है। सूचना के साथ ही निकाय के शुष्क शौचालय विहीन होने का शपथ पत्र भी दिया जाना है।
उच्च न्यायालय में सफाई कर्मचारी आंदोलन व अन्य बनाम यूनियन आफ इंडिया याचिका दायर की गई थी। इनमें सूबे के 42 जिलों में 34921 शौचालय व 5530 मलश्रमिक होने की जानकारी दी गई। शुष्क शौचालय में फर्रुखाबाद भी शामिल है। गौरतलब है कि शुष्क शौचालय व मल ढोने के काम को गैरकानूनी माना गया है।
इस याचिका को लेकर प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार ने जिले से शौचालयों की बावत सूचना तलब कर ली है। इसे पंद्रह दिन में भेजे जाने की हिदायत दी गई है। एडीएम कमलेश कुमार ने परियोजना अधिकारी व सभी निकायों के अधिशासी अधिकारियों से यह सूचना मांगी है। इन्हें नवीनतम सर्वे अधिनियम के तहत शुष्क शौचालयों के ध्वस्तीकरण व नए निर्माण रोकने के लिए भी कहा गया है। इसी के साथ दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई का भी फरमान जारी हुआ है।
सूचना में जिले के निकायों को शुष्क शौचालय विहीन होने का शपथ पत्र भी दिया जाना है। सभी निकायों में यह गोरखधंधा चल रहा है। इतने कम समय में चल रहे शुष्क शौचालयों को ध्वस्त कर पाना भी कर्मचारियों के लिए मुश्किल है। एडीएम कमलेश कुमार ने निकायों को एक सप्ताह में सूचना देने के लिए कहा है।
इधर, सफाई कर्मचारी आंदोलन 1996 से सूबे में मैला प्रथा मुक्ति केे लिए काम कर रहा है। कार्यकर्ताओं ने 2003 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल कर रखी है। संस्था के जिला प्रतिनिधि कृष्ण गोपाल ने बताया कि जिले से भेजी गई रिपोर्ट केे आधार पर राज्य सरकार मैला प्रथा न होने का दावा कर रही है। हकीकत जुदा है। सभी निकायों में यह शौचालय चल रहे हैं। डीएम को दिए गए ज्ञापन में जिले के निकायों में चिन्हित किए गए मल श्रमिकों, शुष्क शौचालयों की सूची भी संलग्न की गई है। कृष्ण गोपाल ने बताया कि जिले के निकायों व देहात में बडे़ पैमाने पर शौचालय चल रहे हैं। इस काम में 2809 मल श्रमिक लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिले को शुष्क शौचालयों से विहीन कर मल श्रमिक ों के पुनर्वास का इंतजाम किया जाए। संस्था के कार्यकर्ताओं के अनुसार कायमगंज में 380, कमालगंज में 180, राजेपुर में 200 व शहर पालिका में 200 से भी ज्यादा शौचालय चल रहे हैं।


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