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बाढ़ शरणालय, बाढ़ चौकियों की बनने लगी सूची

Farrukhabad

Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
बाढ़ से निपटने के लिए तहसील प्रशासन ने तैयारियंा की शुरू
तहसील के 135 गांव रहते है बाढ़ की चपेट में
कायमगंज। बाढ़ की बिभीषिका से निपटने के लिए तहसील प्रशासन ने बाढ़ शरणालय, बाढ़ चौकियों की सूची बना ली है उपलब्ध 10 नावें भी अधिग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ के पानी से हर साल तहसील के 135 गांव चपेट में रहते हैं।
बरसात के दिनों में गंगा में बाढ़ की समस्या तहसील क्षेत्र के गावों मेें प्रत्येक वर्ष होती है। जिससे निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। तहसील क्षेत्र के कंपिल, कायमगंज व शमसाबाद के ऐसे 135 गांव है जो बाढ़ से ग्रस्त रहते है। जिसमे लगभग 31 गांव ऐसे है जो बाढ़ के पानी से सर्वाधिक प्रभावित होते है। जबकि 39 गांव मध्यम प्रभावित एवं 65 गांव ऐसे है जो कम प्रभावित होते है। बाढ़ से बचाव के लिए पिछली बार 14 बाढ़ चौकियां बनायी गयी थी इस बार एक और चौकी बढ़ा कर 15 कर दी गयी है पहले तीन बाढ़ शरणालय चालू एवं तीन अतिरिक्त में रखे गये थे लेकिन इस बार बाढ़ शरणालयों को अतिरिक्त में नहीं रखा गया है इस बार छह बाढ़ शरणालय खोले जाएंगे। अभी उपलब्ध 10 नावों को अधिग्रहण करने के निर्देश दिये गये है। वही बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, एएनएम, रोजगार सेवक, सफाई कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां रहेंगी। उनकी भी ड्यूटी लगायी जा रही है।

तीस जून तक हो जाएगा बंधा निर्माण
कायमगंज। बाढ़ की विभीषिका को याद कर गंगा के किनारे बसे गांव के लोग सहम जाते है बाढ़ आने का समय फिर आ रहा है लेकिन इस बार गंगा के किनारे बंधा ठोकरे निर्माणाधीन होने से ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरे कम हुई है। इधर सिचाई विभाग का कहना है कि 30 जून तक बंधे व ठोकरे का कार्य पूरा कर लिया जायेगा।
बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि उन्हे इस बार बंधा व ठोकरे तबाह होने से बचा सकती। हालांकि सिचाई विभाग द्वारा अभी तक बंधा व ठोकरे बनने का कार्य जारी है। विभाग के जेई सीपी सिंह ने बताया कि सिनौली व महमदीपुर में दो बंधे बनाने का कार्य कर लिया गया है जबकि गण्डुआ के पूर्वी तरफ बन रहे दो बंधे में कार्य हो रहा है। लगभग 80 फीसदी तक कार्य हो गया है। उन्होने बताया कि साधौसराय मे चार ठोकरे बनाने का कार्य जारी है। तीस जून तक कार्य पूरा कर लिया जायेगा।


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