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मतदान से वंचित दलितों को 50 हजार का मुआवजा

Farrukhabad

Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। निकाय चुनाव में दलित को किसी से डरने की जरुरत नहीं है, अगर कोई धमकाकर मतदान के अधिकार का प्रयोग करने से रोकता है, तो उस पर कार्रवाई करने के लिए शासन से दलित को राहत धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पचास हजार रुपए तक की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य उत्पीड़न के अपराधों में मिलने वाली धनराशि को बढा़ दिया गया है। इसका शासनादेश 14 मई को जारी कर दिया गया।
नगरीय निकाय निर्वाचन के दौरान दलित को लालच और धमका कर मतदान के अधिकार से रोकता है, अगर दलित इसकी कानूनी कार्रवाई करता है, तो दलित को शासन से राहत धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह राहत धनराशि बीस हजार से बढ़ाकर पचास हजार रुपए कर दी गई। इसका भुगतान मुकदमे की रुपरेखा के अनुसार किया जाएगा। इस संबंध में समाज कल्याण अनुभाग 3 के शासनादेश संख्या 827/26-3-2012-4(256)/94 बीती 14 मई को जारी कर दिया गया था। इसके अलावा दलित के साथ होने वाले अन्य उत्पीड़न में मिलने वाली राहत धनराशि भी बड़ा दी गई है। किसी से अपमानित होकर दलित जहरीला पदार्थ खा लेता है, तो इस तरह के मुकदमे में पहले पचीस हजार रुपए राहत राशि थी, जो अब साठ हजार रुपए हो गई है। भूमि पर अवैध कब्जा होने की स्थिति में पचीस से साठ हजार रुपए कर दी गई। बेगार, बालश्रम, बंधुआ मजदूरी अपराधों में पचीस हजार रुपए मिलने वाली राहत राशि अब साठ हजार रुपए हो गई। लज्जा भंग और दुष्कर्म से पीड़ित दलित महिला को अभी तक पचास हजार रुपए की राहत शासन से मिलती थी, अब यह राशि एक लाख बीस हजार रुपए हो गई है। दलितो के पीने वाले पानी को दूषित करने के अपराध में एक लाख के स्थान पर अब 2.50 लाख रुपए दिए जाएगे। इसी तरह मार्ग अबरुद्ध के प्रकरण की राशि एक लाख से दो लाख पचास हजार रुपए कर दी गई है। दलित परिवार में कमाने वाले की हत्या होने पर उसके परिवार को अभी तक एक लाख रुपए मिलते थे, अब दो लाख पचास हजार रुपए मिलेगे। अगर मृतक कमाने वाला था, तो यह धनराशि पांच लाख हो जाएगी। किसी के घर डकैती, नरसंहार होता है, तो उस परिवार के एक सदस्क को हर माह तीन हजार रुपए राहत धनराशि, एक सदस्य को रोजगार और भूमि दिए जाने की व्यवस्था की गई है। मिथ्या साक्ष्य देने के प्रकरण में एक लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपए धनराशि कर दी गई। मकान को जलाने या पूर्णतया नष्ट होने पर सरकारी खर्चे पर मकान का निर्माण कराए जाने की शासनादेश में व्यवस्था की गई है।
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