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नौ पशु अस्पताल पांच साल से बंद

Farrukhabad

Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। राज्य में पशुधन विकास के लिए ढेर सारी कवायद की जा रही है, लेकिन जिले के नौ चिकित्सालयों में पांच साल से ताले लटक रहे हैं। इन चिकित्सालयों में चिकित्सक न होने से पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जब तक वे इलाज के लिए मुख्यालय पहुंचते हैं तब तक पशु दम तोड़ देते हैं।
जिले में कुल 27 पशु स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें से भरखा, अमृतपुर, संकिसा, नवाबगंज चिकित्सालय को डाक्टरों को संबद्ध कर काम चलाया जा रहा है। ये चारों चिकित्सालय सप्ताह मेें सिर्फ तीन दिन खुलते हैं। बाकी दिन चिकित्सक अपने मूल तैनाती वाले अस्पताल में रहते हैं। इस वजह से पशु पालकाें को सप्ताह में महज तीन दिन ही सेवाएं मिल पाती हैं। कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों का भी ऐसा ही हाल है। फर्रुखाबाद व मोहम्मदाबाद में भी नियमित डाक्टरों की तैनाती नहीं हो पाई है। यह भी खुलते बंद होते रहते हैं।

ये अस्पताल हैं पूरी तरह बंद
जिले के नगला बाग, इकलहरा, अचरा, बराकेशव, अमैयापुर, पिथनापुर, जगदीशानंद कुटी, करनपुर व उलियापुर में पशु स्वास्थ्य केंद्र खोले गए थे। यहां चिकित्सक नहीं हैं। इस वजह से इनमें तालाबंद रहता है।

पशुपालकों की नहीं हुई सुनवाई
इलाके के पशुपालकों का कहना है कि वे डाक्टर की तैनाती की कई बार मांग कर चुके हैं। जिलाधिकारी से मिलकर भी बात की। जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजने का दावा किया। इसके बाद भी नतीजा सिफर रहा। पशु पालक रमेश चंद्र, वीर सिंह, हरेंद्र प्रताप, मुकेश कुमार का कहना है कि शासन की लापरवाही का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ रहा है। पशुओं के बीमार हो जाने पर इलाज के लिए भटकना पड़ जाता है। समय से इलाज न मिलने के कारण पशु दम तोड़ देते हैं।

दूसरे स्टाफ की भी कमी
फर्रुखाबाद। महकमे में स्टाफ की खासी किल्लत है। जिले में 26 चिकित्सक होने चाहिए। इनमें से 13 की ही तैनाती है। 16 पदों के सापेक्ष 8 वेटनरी फार्मासिस्ट तैनात हैं। चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की भी कमी है। इनके 40 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 19 पद और 2 पद स्वीपरों के खाली हैं।

झोलाछाप डाक्टरों का सहारा पड़ता महंगा
फर्रुखाबाद। चिकित्सालयों में डाक्टरों की कमी से पशु पालकों को बिना डिग्री के कथित डाक्टरों से इलाज कराना पड़ता है। यह इन्हें मंहगा पड़ जाता है। कभी कभी गलत इलाज से पशुओं की जान भी चली जाती है।

वर्जन
अभी कुछ दिन पहले ही चार्ज लिया है। समस्याएं जानकारी में आई हैं। शासन से चिकित्सकों की मांग की जाएगी।-पुष्प कुमार , जिला पशु चिकित्साधिकारी
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