आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

गांधी का खादी आंदोलन ‘वेंटीलेटर’ पर

Farrukhabad

Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
फर्रुखाबाद। अपने ही गढ़ में खादी आंदोलन ‘वेंटीलेटर’ पर पहुंच गया है। कर्ज न चुका पाने से फर्रुखाबाद व कन्नौज के क्षेत्रीय श्री गांधी खादी आश्रम में तालाबंदी की नौबत है। करीब 10 साल पहले ढाई करोड़ से ऊपर के सालाना टर्न ओवर वाली संस्था अब डूबती नजर आ रही है। शाखाओं पर माल न होने से बोहनी भी नहीं हो रही है। बुनकरों की रोजी चली गई है। चरखा चलाने वाली कत्तिनें नया काम तलाश रही हैं।
महात्मा गांधी के खादी आंदोलन को ऊंचाई देने के लिए क्षेत्रीय श्री गांधी खादी आश्रम खोेल गए। फर्रुखाबाद में नौ एवं कन्नौज में सात सेंटर हैं। मुख्यालय फर्रुखाबाद के मदारबाड़ी में है। सभी सेंटरों पर कुल 44 कर्मचारी हैं। यहां माल तैयार करने के साथ ही बिक्री भी की जाती रही है। वर्ष 2010 के बाद हालात बिगड़ने लगे। खादी आयोग ने रुई देना बंद कर दिया। इससे कपडे़ बुनना बंद हो गए और उत्पादन ठप पड़ गया। गुरबत के दिनों में दूसरी संस्थाओं ने भी बिक्री के लिए कपडे़ देने से मुंह फेर लिया। ऐसे में आश्रम बचे हुए सामान से वेतन व अन्य खर्च निकालने लगे। धीरे-धीरे कर्ज चढ़ता गया। मुख्य संस्था ने पंजाब नेशनल बैंक से 1 करोड़ 14 लाख का लोन लिया। इसके बाद काम आगे बढ़ा, लेकिन टिकाऊपन नहीं आया। हालात यह हो गए कि यह लोन भी नहीं चुक पाया।
यह मिलता था खादी आश्रम पर
खादी आश्रमों पर खादी के थान, शर्ट, पैंट, साड़ी, शाल, लिहाफ, दरी, गलीचे, ऊन का सामान बिका करता था। 2 अक्टूबर को छूट के बाद आश्रमों पर खरीद के लिए मेला लगा करता था। इस दौरान हर सेंटर रोज लाख रुपए की कमाई करता था।
ये हुए बेरोजगार
करीब 50 गांवों की 10 हजार कत्तिनें खाली हाथ हो गईं। तीन दर्जन बुनकरों को दो वक्त की रोटी के लिए मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। कर्मचारियों को सात महीने से वेतन नहीं मिला है। आगे मिलेगा, इसकी उम्मीद नहीं है। परिवार को भुखमरी के कगार पर पहुंचता देख ये कर्मचारी अब दूसरे काम धंधे तलाश रहे हैं। गांधी जयंती पर सरकार ने खादी वस्त्रों पर 25 फीसदी की छूट दे रखी है। आश्रमों ने इसके बोर्ड भी लगा दिए हैं, लेकिन आश्रमों में माल ही नहीं है।
कई देनदारियां, फंड भी फंसा
बैंक के अलावा भी कई सारी देनदारियां संस्थाओं को देनी हैं। सभी केंद्रों का सामान बेचने के बाद भी यह देनदारियां चुका पाना आसान नहीं है। आश्रम के मंत्री अभिमन्यु सिंह का कहना है कि संस्था को पटरी पर लाने की कोशिशें की जा रही हैं। काम मुश्किल है, लेकिन प्रयास जारी है।
खादी आश्रमों के क र्मचारियों का फंड कटता रहा है । यह किसी भी अभिलेख में दर्ज नहीं है। इन्हें इससे भी महरूम रह जाना पडे़गा। इससे इन्हें भविष्य भी अंधेरे में लग रहा है।


गांवों में अब चरखों की यादें, हथकरघे भी खामोश
कनासी, सैंथरा, ज्योना, अचरा, सिरौली, अमलैया, रोशनाबाद, शमशाबाद व मंझना में चरखों के शोर के साथ लोक गीत गूंजा करते थे। कत्तिनें सूत कात कर साल भर के कपड़ों का गुजारा कर लेती थीं। यह कत्तिनें जरदोजी, बीड़ी के साथ मजदूरी करने लगी हैं। कत्तिन श्यामली, राधा, सुलक्षणा क कहना है कि पहले सूत कताई से साल भर के कपडे़ का इंतजाम हो जाता था।
खादी आश्रम मेें वस्त्र बुनाई के लिए कमालगंज, काजीहार, कायमगंज व कन्नौज के मकरंदनगर के बुनकर पंजीकृत थे। कच्चा माल न होने से इनके हथकरघे बंद पडे़ हैं। मुरब्बत का कहना है कि पहले सालभर बुनाई चलती रहती थी। गृहस्थी कायदे से चलती थी। मुख्य केंद्र सहित 16 सेंटरों पर बिक्री के साथ ही उत्पादन का भी काम होता था। इन पर साल में 10 हजार किलो रुई खप जाती थी।

राष्ट्रपति से मांग चुके इच्छा मृत्यु
वेतनभोगी कर्मचारी रोजी के संकट से बेहाल हैं। इन्हें परिवार चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। कर्मचारी अनिल, सुनील उपाध्याय, अशोक कुमार ने बताया कि पिछले साल दिसंबर में 33 कर्मचारी इच्छा मृत्यु की मांग का पत्र राष्ट्रपति को भेज चुके हैं। इनके वेतन का पांच लाख बकाया है।

सरकारों ने भी भुला दिया
खादी पर केंद्र सरकार सालाना 25 व सूबे की सरकार 10 लाख की रिबेट देती है। यही मिलती रहती तो आंदोलन अनदेखी की मौत नहीं मरता। संस्था को यह रिबेट सालों से नहीं मिल रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

ऐसा क्या हुआ जो रियलिटी शो में इमोशनल हो गई आशा भोसले

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

जानें क्यों सपने में औरत का अपहरण होते हुए दिखना होता है अशुभ

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

कुछ लोगों को क्यों होती है ज्यादा गुदगुदी, जानें रोचक फैक्ट्स

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

VIRAL VIDEO: जन्मों का प्यासा ये कोबरा जब पीने लगा पानी तो कम पड़ गईं बोतलें

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

अब 10वीं और 12वीं के समकक्ष माना जाएगा 'ITI' सर्टिफिकेट, बनेगा अलग बोर्ड

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

Most Read

देवबंद से दारुल उलूम ने सूर्य नमस्कार और नमाज पर मुख्यमंत्री योगी के बयान पर कहा...

Darul Uloom said to Sun Salutation and Deoband on Namaz ...
  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

योगी सरकार का बड़ा ऐक्शन, 54 केन्द्रों की परीक्षा रद्द

yogi goverment action against copy gang exams at 54 centres cancelled
  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

महाकौशल ट्रेन हादसाः CM योगी बोले- घायलों का होगा इलाज, मिलेगा ₹50 हजार का मुआवजा

mahoba mahakaushal express train accident railway alerts
  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

योगी सरकार के इस ऑर्डर ने उड़ाये ‘गुरुओं के होश’

yogi government orders surprised teacher
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

छात्रा बनकर थाने पहुंचीं सीओ ने दी तहरीर, मुंशी ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट    

CO Vandana Sharma
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top