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30 फीसदी तक ही पहुंची मंडल की धान खरीद

Faizabad

Updated Mon, 20 Jan 2014 05:45 AM IST
फैजाबाद। मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से चल रही धान खरीद जैसे-तैसे मंडल में 30 फीसदी तक पहुंच गई है। चावल भंडारण में एफसीआई के मानकों से उपजी समस्या के कारण जिलों में अब धान तो नहीं खरीदा जा रहा, लेकिन अप्रत्याशित तरीके से मंडल के बाराबंकी व अमेठी में आंकड़े जरूर बढ़ते जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन दोनों जिलों में खरीद चल रही। यह बात अलग है कि विभाग में चर्चा सुनी जा सकती है कि अन्य जिलों की तरह यहां भी किसान धान बेंचने को परेशान हैं। ऐसे में खरीद के आंकड़े बढ़ना संदेहास्पद भी है। उधर, खरीद की मंद रफ्तार से अब सरकारी लक्ष्य पूरा हो पाना मुनासिब नहीं लग रहा। हालांकि अधिकारी धान खरीद चालू होने की बात कह कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं।
खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 में किसानों से सरकारी धान खरीद बीते एक अक्टूबर से ही शुरू है। पहले किसानों की फसल पककर तैयार न होने से खरीद नहीं बढ़ रही थी। जब फसल पकी और सेंटरों पर आवक तेज हुई, तो एफसीआई ने चावल भंडारण में अड़ंगा लगा दिया। इसके बाद सैंपलिंग हुई, धान से चावल की रिकवरी जांची गई और चावल डैमेज प्रतिशत तीन से चार किया गया। इसके बाद माना जा रहा था कि अब भंडारण की समस्या निपटेगी और गति तेज होगी। बावजूद इसके निगम में अवैध वसूली व हीलाहवाली से रफ्तार नहीं बढ़ पा रही। स्थिति यह है कि अभी भी राइस मिलरों का चावल जैसे-तैसे ना-नुकुर के साथ लिया जा रहा। इसी वजह से क्रय केंद्रों पर किसानों से धान भी नहीं खरीदा जा रहा। बताते हैं कि धान खरीद लेने के बाद सरकारी चावल फंस जाने के डर से सेंटर प्रभारी धान नहीं खरीदना चाह रहे। इसी कारण सेंटरों पर धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को तमाम बहाने कर वापस लौटाया जा रहा। मजबूर किसान अपना धान आढ़तियों को बेच रहे हैं।
उधर, खरीद की सुस्त रफ्तार से अब तक साढ़े तीन माह में मंडल में लक्ष्य 2,80,000 के सापेक्ष महज 85,513.67 टन धान ही खरीदा गया है। जो लक्ष्य के एक चौथाई से थोड़ा ही अधिक है। जबकि इसी समयावधि में पिछले साल 1,14,034 टन धान खरीदा जा चुका था। ऐसे में इस साल मंडल में सरकारी लक्ष्य पूरा हो पाने के आसार दूर-दूर तक नहीं नजर आ रहे। अलबत्ता, अधिकारी खरीद चालू होने का दावा कर कुछ कहने से बच रहे। दूसरी ओर मंडल के बाराबंकी व अमेठी में अन्य जिलों के मुकाबले काफी धान खरीदा गया है। बाराबंकी में सर्वाधिक लक्ष्य 65,000 के सापेक्ष 33,131.49 टन, अमेठी में लक्ष्य 55,000 के सापेक्ष 23,807.87 टन, फैजाबाद में लक्ष्य 46,000 के सापेक्ष 13,487.28 टन, सुल्तानपुर में लक्ष्य 40,000 के मुकाबले 9,071.03 टन तथा अंबेडकरनगर में लक्ष्य 74,000 के सापेक्ष 6,016.00 टन धान खरीदा गया है।
क्रय एजेंसियों में विपणन शाखा ही अव्वल
फैजाबाद। अब तक की खरीद के मामले में सरकारी एजेंसी विपणन शाखा ही मंडल में अव्वल है। निजी एजेंसियों में यूपीएसएस व कर्मचारी कल्याण निगम की खरीद लक्ष्य के सापेक्ष बेहतर है जबकि सबसे अधिक सेंटर खोलने वाला पीसीएफ फिसड्डी बना है। मंडल में विपणन शाखा ने लक्ष्य 1,01,000 के सापेक्ष 48,769.45 टन, पीसीएफ ने लक्ष्य 98,000 के मुकाबले 16047.28 टन, यूपीएग्रो ने लक्ष्य 18,000 के सापेक्ष 5,214.90 टन, यूपीएसएस ने लक्ष्य 22,500 के सापेक्ष 7,103.22 टन, कर्मचारी कल्याण निगम ने लक्ष्य 16,500 के मुकाबले 6,560.22 टन, एनसीसीएफ ने लक्ष्य 12,000 के सापेक्ष 1,139.76 टन तथा एफसीआई ने लक्ष्य 12,000 के सापेक्ष 678.84 टन धान खरीदा है।
जिम्मेदार अधिकारी मौन
फैजाबाद। जिलों में सरकारी सेंटर खुले होने का दावा किया जा रहा, लेकिन धान नहीं खरीदा जा रहा है। किसान अपना धान बेचने को परेशान हैं। वह मजबूरन औने-पौने दामों में व्यापारियों के हाथों धान बेच रहे हैं। इससे उन्हें सरकारी मूल्य भी नहीं मिल रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी खरीद चालू होने का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत में कहीं धान नहीं खरीदा जा रहा। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे हैं। जबकि खरीद पर निगहबानी के लिए न केवल एडीएम प्रशासन बतौर जिला खरीद अधिकारी नामित किए गए हैं, बल्कि तहसीलों में एसडीएम व जिलास्तर पर डीएम और मंडलस्तर पर कमिश्नर के जिम्मे पूरे सत्रभर खरीद सुचारु रखने की जिम्मेदारी है।
सभी जिलों के डिप्टी आरएमओ को धान खरीद के साथ चावल भंडारित कराने का निर्देश दिया गया है। सेंटरों पर धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को लौटाने की शिकायतें कहीं से नहीं मिली है। अगर कहीं कोई समस्या होती है, तो उसे अतिशीघ्र निपटाने का प्रयास होता है। विपणन शाखा के सेंटरों पर कहीं धान खरीद बंद नहीं है। भंडारण धीमा होने से थोड़ी दिक्कत जरूर आ रही है।- राजीव कुमार मिश्र, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी, फैजाबाद संभाग
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