आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कैसे संवरे भविष्य, गुरुजी और न ही सुविधाएं

Faizabad

Updated Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
फैजाबाद। जिले की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को लकवा मार गया है। सरकारी विद्यालयों में छात्रों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। राजकीय विद्यालयों में कक्षाओं में गंदगी और अंधेरा है। श्यामपट्ट ऐसा कि लिखावट दिखाई नहीं देती। खेल मैदान सरकारी कार्यक्रम स्थल बन कर रह गए हैं। पीने के पानी के नाम पर हैंडपंप सहारा हैं। शौचालय हैं लेकिन सफाई नहीं होती। कुल मिलाकर सरकारी व्यवस्था के सहारे चलने वाले स्कूलों में शिक्षा का आदर्श माहौल नहीं दिखता। सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में जिले में कनोसा कानवेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज, एसएसएसवी इंटर कॉलेज आदर्श हैं। इन विद्यालयों में निजी स्रोतों के इस्तेमाल से विद्यालय शिक्षा के मंदिर के रूप में दिखते है। यह अलग बात है कि यहां भी व्यवस्था संचालन को लेकर आर्थिक दुश्वारियां हैं।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। वर्तमान सत्र में इस विद्यालय में 1450 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। दो सत्र पहले इसी विद्यालय की छात्रा संख्या ढाई हजार से अधिक थी। विद्यालय में खेल मैदान के रखरखाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। 1450 छात्राएं एक शिक्षक के सहारे हैं। पुस्कालय है पर नई किताबाें का अभाव है। छात्राओं की मानें तो किताबें पढ़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। शौचालय है, लेकिन साफ-सफाई नहीं रहती। प्रधानाचार्या सुमनलता विद्यालय में एमडीएम और सरकारी कार्यक्रम को शिक्षा के स्तर में गिरावट का कारण बताती हैं। उनका कहना है कि दो पाली में विद्यालय चलता है। इसमें 12 बजे जो छात्राएं पढ़ने आती हैं उनके लिए भोजन बनाने की व्यवस्था में तीन शिक्षिकाएं लग जाती हैं। विद्यालय के शिक्षिकाओं पर विभागीय कार्याें का बोझ है। राजकीय इंटर कॉलेज में 2300 छात्रों को पढ़ाने के लिए कुल 60 शिक्षक तैनात हैं। यह अलग बात है कि इनमें कई शिक्षकाें को विभागीय कार्यों के लिए समय-समय पर शिक्षा विभाग में संबद्ध कर लिया जाता है। प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। छात्राें की मानें तो कक्षा के श्यामपट्ट पर लिखावट दिखाई नहीं देती। बोरिंग है लेकिन मोटर नहीं चलती। पुस्तकालय है पर छात्रों के लिए नहीं खुलता। विद्यालय का खेल मैदान प्रदर्शनी और प्रशासन के प्रयोग में रहता है। मैदान के रखरखाव की व्यवस्था नहीं है। राजकरण इंटर कॉलेज सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय है। विद्यालय में पुस्तकें हैं, लेकिन छात्रों के पढ़ने के लिए व्यवस्था नहीं है। खेल के मैदान के नाम पर एक छोटा प्रांगण है। इसी में खेल की औपचारिकता होती है। यह अलग बात है कि खेल अध्यापक दूसरे मैदान पर छात्रों को अभ्यास करा कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करा रहे हैं। कनोसा कानवेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज सहायता प्राप्त विद्यालय है। कनोसा माध्यमिक शिक्षा में जिले में एक आदर्श विद्यालय के रूप में गिना जाता है। यह अलग बात है कि यह सभी उपलब्धियां सरकारी तंत्र की सहायता के भरोसे हासिल नहीं हुई हैं। इस विद्यालय में कुल दस शिक्षकों के पद हैं। विद्यालय प्रबंधन अपने स्रोत से 30 शिक्षकाें को नियुक्त कर काम ले रहा है। अब शिक्षकाें का वेतन विद्यालय के लिए समस्या है। विभाग ने शिक्षकों के पांच पद विद्यालय को देने की संस्तुति की है, पर 10 वर्ष बाद भी पद नहीं मिले। कनोसा कानवेंट की प्रधानाचार्या सिस्टर कीलथ ग्रेस कहती हैं कि माध्यमिक शिक्षा के लिए ठोस निर्णय लेने हाेंगे। सरकार सुविधा दे नहीं रही है और शुल्क पर रोक लगा दी है। ऐसे में निजी स्रोत से शिक्षकों की नियुक्ति व उनको सम्मानजनक वेतन देना चुनौती है। मेधावी पैदा करने के लिए योग्य शिक्षक और शिक्षा का माहौल देना ही प्राथमिकता होनी चाहिए। एसएसएसवी इंटर कॉलेज बालकों की शिक्षा का आदर्श विद्यालय बन कर उभरा है। विद्यालय ने निजी स्रोत से दस सालों में व्यवस्था में सुधार किया है। इस विद्यालय में 25 अध्यापक वेतन पा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने 14 शिक्षकों को निजी स्रोत से रखा है। प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी कक्षा 6 से 8 तक छात्राें का शुल्क माफ करने की व्यवस्था से नाराज हैं। वह एमडीएम को भी शिक्षा के हित में नहीं मानते। त्रिपाठी की मानें तो सरकारी तंत्र शिक्षा के साथ राजनीति कर रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

future guruji

स्पॉटलाइट

सलमान-कैटरीना की नजदीकियों से भड़के यूलिया वंतूर के फैंस, किए भद्दे कमेंट

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

'NEET-2017' मामले की 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

क्या सोते समय मुंह से बहती है लार? छुटकारा दिलाएंगे ये उपाय

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

एएचओ के साथ हौंडा एविएटर लॉन्च, जानें खूबियां

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

लगातार फ्लॉप के बाद लापता हुई ये एक्ट्रेस, अब संभाल रही 600 करोड़ की कंपनी

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

Most Read

सीएम बनते ही याेगी ने लिया बड़ा फैसला, हांफने लगी यूपी की पुलिस

cm yogi adityanath first decision for up police
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही सुपर एक्शन में योगी, युवाओं के लिए कर दिया ये बड़ा एेलान

cm yogi adityanath first action for youth
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

CM योगी का नया फरमान, अब नहीं खा पाएंगे ड्यूटी पर गुटखा-पान

latest news related to cm adityanath in lucknow
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

बलिया में सौहार्द की मिशाल, निकाह के निमंत्रण पत्र पर श्री गणेशाय नम:

lord ganesha was printed on muslim marriage card
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

जानें, यूपी में कहां और कितने हैं बूचड़खाने और योगी सरकार को होने वाला ‘नफा-नुकसान’

benefit or loss of yogi government from ban slaughterhouses
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top