आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

भुगतान पूरा, फिर भी पुताई कार्य अधूरा

Faizabad

Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
फैजाबाद। दिसंबर से शुरू हुआ अवध विश्वविद्यालय भवनों की पुताई का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका, जबकि यह कार्य गत वित्तीय वर्ष के अंत तक हो जाना चाहिए था। बावजूद इसके कमेटियों की अनुशंसा पर विवि ने कार्यदायी संस्था को भुगतान कर दिया है। इसके उलट पुताई का कार्य विवि परिसर के कुछ कक्षों तथा कुछ अध्यापकों के आवासों में होना अभी भी शेष है। जबकि इसकी हकीकत परखने के लिए दो-दो बार शिक्षक व अभियंता से लैस जांच टीम गठित की गई। सूत्रों के मुताबिक एक ने तो पुताई की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया और दो कोट पुताई न होने की बात इशारों में कही। काबिलेगौर है कि सरकारी संस्था को विवि प्रशासन ने पूरे परिसर में पुताई कार्य का जिम्मा सौंपा था। यह कार्य एक आयोजन के मद्देनजर बीते वर्ष दिसंबर माह में शुरू हुआ। सूत्रों के अनुसार तकरीबन 90 प्रतिशत धनराशि का भुगतान शुरू में कर दिया गया। पुताई सहित अन्य कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विवि प्रशासन काफी सख्त रहा, फिर भी कुछ शैक्षणिक भवनों को देखने पर पुताई की हकीकत खुद-ब-खुद सामने आ जाती है। यहीं नहीं विवि प्रशासन द्वारा पूर्व में गठित शिक्षकों की एक जांच टीम ने उल्लेख किया कि कई भवनों में दो कोट पुताई प्रतीत नहीं होती। इस पर विवि ने दोबारा जांच टीम बनाई और उसे निरीक्षण का दायित्व सौंपा। चर्चा है कि इसकी रिपोर्ट के बाद ही विवि प्रशासन ने संस्था को भुगतान संबंधी शेष प्रक्रिया पूरी की। जबकि कुछ ेशिक्षकों के आवासों के साथ ही विवि के कई कक्ष में पुताई कार्य नहीं हुआ। विवि प्रशासन से जुड़े लोगों की दलील है कि यह कार्य सरकारी संस्था ने किया है और नियम के मुताबिक। निर्माण कार्य से जुड़े एक अधिकारी ने माना कि कुछ भवन पुताई से वंचित हैं। दलील है कि सरकारी संस्था डिपाजिट वर्क के रूप में कार्य करती है, इसलिए भुगतान कर दिया गया। बरसात के बाद इसमें पुताई कार्य सम्पन्न कराया जाएगा। कार्य के एवज में समूचे भुगतान को भी सरकारी फरमान बताया जा रहा है। चर्चा है कि राज्य सरकार ने विवि के लिए तकरीबन 50 लाख रुपये दिए थे, इसी में से कुछ हिस्सा पुताई कार्य में लगाया गया। लोगों का डर है कि अगर सरकारी संस्था पुताई पुन: शुरू करेगी, तो पिछले तमाम निर्माण कार्यों के अनुसार कहीं स्टीमेट ही बदल न दे और कुछ अतिरिक्त धनराशि की मांग न करे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

अपने जमाने में खूब हिट रहे थे ये चाइल्ड आर्टिस्ट, अब दिखते हैं ऐसे

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

रिश्ते में कभी-कभी झूठ बोलना होता है जरूरी, जानिए क्यों

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

अब ऐसा दिखने लगा है शाहरुख-काजोल का 'बेटा', ये काम कर कमा रहा पैसे

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

'तीन तलाक' ने उजाड़ दी थी मीना कुमारी की जिंदगी, ऐसा हो गया था उनका हाल

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

लगातार हिट देता है साउथ का ये सुपरस्टार, एक फिल्म की लेता है इतनी फीस

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

Most Read

मां-बाप ने डांटा तो घर से भाग न‌िकले नाबाल‌िग भाई-बहन, होटल पहुंचे तो...

minor brothers and sisters run from house after Parents scolded  
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

राबड़ी देवी के समर्थन में उतरे सुशील मोदी, बीजेपी के कई नेता हैरान

Sushil Modi in support of Rabri Devi, many BJP leaders surprised
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

औरैया रेल हादसाः यहां देखें कैंसल और रूट डायवर्ट ट्रेनों की पूरी लिस्ट

List of cancell and root divert trains
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

जानिए तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोला दारुल उलूम?

Darul Uloom from Deoband said on the divorce decision of three ...
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

शिक्षाम‌ित्रों के हक में अखिलेश ने किया ट्वीट, निशाने पर सीएम योगी

akhilesh yadav tweets in favour of shikshamitra
  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

बरसाती नाले में पलटी स्कूली बच्चों से भरी बस, अंदर सवार थे 15 बच्चे

school bus accident in river
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!