आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बीहड़ांचल पहुंचा अमर उजाला चौपाल का कारवां

Etawah

Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
चकरनगर (इटावा)। अमर उजाला चौपाल का कारवां शनिवार को बीहड़ांचल पहुंचा। दशकों तक यूपी और एमपी के दुर्दांत डाकुओं की धमाचौकड़ी के गवाह रहे इस क्षेत्र में अमर उजाला की इस पहल को जनता ने सिर आंखों पर बैठाया। दुर्गम क्षेत्र में रहने वाली यहां की जनता की हमेशा से आवाज रहे अमर उजाला ने उन्हें अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद का सीधा मौका दिया। इटावा के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी समाचार पत्र की ओर से जनता को अपने अफसरों और जनप्रतिनिधियों से सीधे रूबरू होने का मौका मिला। जनता भी कहां चूकने वाली थी। चौपाल में उसने यहां की समस्याओं को जोरदार ढंग से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखा। अफसरों और नेताओं ने भी उन्हें निराश नहीं किया। ऐसी भी समस्याओं का मौके पर निस्तारण कराया जो तत्काल संभव नहीं थीं। सभी के मुंह से यही निकला कि थाना दिवस और तहसील दिवस से ज्यादा कारगर तरीके से यहां समाधान हुआ।
----
साहब! सेंचुरी नहीं क्षेत्र के लिए शनीचरी कहिए
अमर उजाला चौपाल में क्षेत्र की सबसे अहम समस्या सेंचुरी क्षेत्र रहा। लोग चंबल यमुना के कारण इस क्षेत्र क ो सेंचुरी क्षेत्र घोषित किए जाने को अभिशाप मानते हैं। वह कहते हैं कि साहब यह सेंचुरी नहीं शनीचरी है। वरिष्ठ नेता अशोक तिवारी बताते हैं कि यमुना-चंबल नदियाें को सेंचुरी क्षेत्र में घोषित किया जाए। यहां तो कछार क्षेत्र को भी सेंचुरी क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। लोग खेती नहीं कर पा रहे है। विकास कार्य अवरुद्ध हो गए हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुंवर जसवंत सिंह बताते हैं कि सेंचुरी क्षेत्र की बरीकेडिंग होनी चाहिए। सुरक्षा के लिए फोर्स होना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। किसी ने पेड़ लगाना चाहा तो उसे रोक दिया गया। कोई निर्माण कार्य तो करा ही नहीं सकते। पूर्व ब्लाक प्रमुख पूरनमल दिवाकर कहते हैं कि सेंचुरी क्षेत्र के नियम कायदे कानून के चलते क्षेत्र के लोग बर्बाद हो जाएंगे। महाकालेश्वर महापंचायत के अध्यक्ष बापू सहेल सिंह बताते हैं कि सेंचुरी क्षेत्र विकास में सबसे बड़ी बाधा है। तमाम गांवों की सड़कें इसलिए नहीं बन सकीं क्योंकि सेंचुरी क्षेत्र के नियम कानून आड़े आ जाते हैं। सपा के जिला कार्य समिति के सदस्य राजेश यादव उर्फ झब्बू भी सेंचुरी क्षेत्र को क्षेत्र की जनता के लिए अभिशाप मानते हैं।
समाधान: क्षेत्र की इस समस्या का समाधान प्रशासन के बस में नहीं है। राज्य सरकार भी सिर्फ प्रयास कर सकती है। सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि ब्लाक स्तर पर या ग्राम पंचायत स्तर पर इस बाबत शासन को पत्र भेजे जाएंगे। मौके पर वन दरोगा आदेश कुमार गुप्ता भी मौजूद थे लेकिन वह भी कहते रहे कि वह तो अपने बड़े अफसरों के आदेशों का पालन करते है। इस परिप्रेक्ष्य में वह कुछ भी नहीं कर सकते। ब्लाक प्रमुख महिपाल सिंह ने भरोसा दिलाया कि शासन स्तर पर यह बात पहुंचाई जाएगी। अमर उजाला से इस पूरे मसले पर सहयोग की अपेक्षा है।
---
आठ वर्ष से पैसा जमा, पर कनेक्शन नहीं
चकरनगर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि वर्ष 2004 में ट्यूबवेल के कनेक्शन के लिए शुल्क जमा किया था। स्टीमेट भी बन गया लेकिन आज तक सामान नहीं मिला और न ही कनेक्शन हुआ। बिजली का बिल लगातार आ रहा है। विभागीय अफसरों की चौखट पर दस्तक दी। तहसील दिवस में गुहार लगाई मगर कहीं सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट से नोटिस भी दिलाया उसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
समाधान: एसडीओ विद्युत आरबी चौधरी ने उनके कागजात देखे। मौके पर जमा शुल्क की रसीद मांगी गई। दूसरे जो स्टीमेट की प्रति है उसमें एसडीओ के हस्ताक्षर भी नहीं थे। ऐसे में एसडीओ ने सभी कागजात दिखाने की बात कहते हुए उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। वे बोले, यह किसी बड़ी भूल की वजह से हो सकता है। बिल भेजे जाने के संबंध में उनका कहना रहा कि इस बारे में जांच कराएंगे और स्थल पर लाकर लोगों से इसकी जानकारी करेंगे।
---
जमुनापारी बकरी केंद्र बदहाल है
क्षेत्र के बुजुर्ग डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी क हा कि यह क्षेत्र जमुना पारी बकरी के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इस प्रजाति की बकरी के संरक्षण के लिए चकरनगर में प्रजनन केंद्र खुलवाया। उन्होंने अपनी भूमि दान में दी। 70 के दशक तक व्यवस्थाएं काफी अच्छी रहीं। उसके बाद ध्यान नहीं दिया गया। आज प्रजनन केंद्र बदहाल है। न तो जमुना पारी बकरे हैं और न बकरियां। भवन जीर्णशीर्ण हो रहा है। किसी भी अधिकारी की नियुक्ति नहीं है। उन्होंने इस प्रजनन केंद्र को बचाने की गुहार लगाई।
समाधान: ब्लाक प्रमुख महिपाल सिंह यादव ने कहा कि यह सही है कि जमुना पारी बकरी प्रजनन केंद्र की स्थिति काफी खराब है। इस संबंध में उन्होंने डीएलओ से बात भी की थी। उन्होंने स्टाफ की भारी कमी की समस्या रखी थी। दोबारा से डीएलओ से इस संबंध में बात की जाएगी और इसकी व्यवस्था सुधारे जाने का प्रयास किया जाएगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

36 की उम्र में FIR की 'चंद्रमुखी चौटाला' कर रही हैं शादी, किसी को नहीं किया आमंत्रित

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

सफेद दाग की वजह से रहते हैं परेशान? ये उपाय दिलाएंगे राहत

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

एबी ने कहा, सिर्फ दक्षिण अफ्रीका और भारत के लिए खेलूंगा क्रिकेट

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

विन डीजल के बच्चे की मां बनना चाहती हैं दीपिका पादुकोण, रण्‍ावीर क्‍याें चुप हैं?

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

इस हफ्ते क‌िसे म‌िलेगा प्रेमी से उपहार, क‌िसे प्रेमी से म‌िलेगा इंकार

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

Most Read

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 लोगों की मौत, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

कभी भी हो सकता है सपा-कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान, गुलाम नबी ने की पुष्ट‌ि

ghulam nabi confirms congress alliance with sp
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top