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दूसरे दिन भी आंदोलन, धरना-प्रदर्शन

Etawah

Updated Fri, 07 Sep 2012 12:00 PM IST
इटावा। पदोन्नति में आरक्षण संबंधी बिल लाने के विरोध में लामबंद सरकारी कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। कचहरी में धरना देते हुए केंद्र सरकार को जमकर कोसा। मनमोहन सिंह व सोनिया गांधी मुर्दाबाद के नारे भी बीच-बीच में गूंजते रहे। कर्मचारी नेताओं ने केंद्र सरकार को आगाह किया कि वह ऐसे प्रयास न करे जिससे उसे मुुंह की खानी पड़े।
धरना सभा की अध्यक्षता करते हुए अभियंता वेद प्रकाश ने कहा कि यदि संगठन पूरे मन से खड़ा हो जाए तो किसी सरकार की ताकत नहीं है कि वह इस तरह का निर्णय थोप सके। राजनीतिक दलों की महत्वाकांक्षा असीमित है वह कुर्सी के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
कार्णिक संघ के अध्यक्ष इंद्र नारायण बाजपेई ने कहा कि आरक्षण बिल 78 प्रतिशत अधिकारियों व कर्मचारियों के भविष्य की आधार शिला को क्षत विक्षत करने का कुचक्र है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य कर्मचारी महासंघ के महामंत्री राकेश सक्सेना ने कहा कि आजादी के बाद से आज तक निरंतर अन्याय पूर्ण फैसलों से समाज की एकता को छिन्नभिन्न करने का प्रयास किया जाता रहा है।
संयुक्त परिषद के उपाध्यक्ष अशोक दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार का संविधान संशोधन का प्रयास अंग्रेजों की फूट डालो राज करो की नीति का हिस्सा है। इंजीनियर राकेश तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसे प्रयास न करे कि उसे मुंह की खानी पड़े।
सिंचाई विभाग के प्रदीप सक्सेना ने कहा कि बढ़ती महंगाई व घोटालों से घिरी सरकार कोई न कोई विवादास्पद मुद्दा उठाकर जनता का ध्यान बांटना चाहती है। महामंत्री रामराज सिंह भदौरिया ने कहा कि इस सब के पीछे केंद्र सरकार कुर्सी का खेल रच रही है। उसका यह सपना कभी भी पूरा नहीं होगा। कर्मचारी जाग चुका है। धर्मवीर सिंह यादव ने कहा कि अब पीछे हटने की जरूरत नहीं है। विजय कर्मचारियों की ही होगी।
इस दौरान रामदास यादव, केके सिंह चौहान, उमाकांत कुलश्रेष्ठ, आलोक चौहान, नेम सिंह यादव, विशाल श्रीवास्तव, जबर सिंह शाक्य, रमन श्रीवास्तव, अरुण जैन, दलवीर सिंह यादव, पीआर चौरसिया, सोमेश अवस्थी, एई राजेंद्र बहादुर, आरके तिवारी, जेई रामप्रकाश पाल, नीतू, बीना मिश्रा, राकेश, उपेंद्र, उदयभान, रमेश, उर्मिला देवी, अशर्फी देवी, ऊषा, कालका प्रसाद, रामबाबू, ब्रम्हानंद आदि ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। संचालन विजय बहादुर सिंह तोमर ने किया।

ब्लाक कर्मचारी भी रहे कार्य से विरत
भरथना (इटावा)। विकास खंड कार्यालय में भी कर्मचारियों ने कार्य विरत रह कर प्रमोशन में आरक्षण बिल का विरोध किया। यहां ब्लाक अध्यक्ष सुरेश बाबू कुशवाहा, गजेंद्र सिंह यादव, प्रमोद कुमार गुप्ता, सूरज सिंह यादव, भुवनेश कुमार शाक्य, धर्मवीर सिंह यादव, पंकज पाल, नाहर सिंह यादव, विनोद चौबे, आदित्य देव सिंह, रघुराज सिंह शाक्य, अमर सिंह राठौर, देशराज शाक्य, जयहिंद चतुर्वेदी प्रमोशन की खिलाफत की।

संसद से सड़क तक संघर्ष होगा-बाबू दर्शन सिंह
इटावा। सपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य बाबू दर्शन सिंह यादव ने कहा कि सरकारी नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन बिल को किसी भी सूरत में पास नहीं होने दिया जाएगा। राज्यसभा में हम इसका मुखर विरोध करके सरकार को बिल वापस लेने के लिए मजबूर करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब बिल को राज्यसभा में लाया गया तो उन्होंने तीव्र विरोध व्यक्त किया। बिल में सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता की बजाय कांग्रेस की सियासी चालाकियां अधिक नजर आती हैं। श्री यादव ने कहा कि वह और उनकी पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई के खिलाफ नहीं है लेकिन प्रमोशन में आरक्षण की कोशिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इससे लाखों कर्मचारियों का हित प्रभावित होगा। जरूरत पड़ी तो संसद से सड़क तक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोयला घोेटाला, महंगाई व भ्रष्टाचार को लेकर देशवासियों का ध्यान बंटाने के लिए कांग्रेस ने यह नई चाल चली है। सपा जनता के प्रति दायित्वाें से पीछे हटने वाली नहीं है।

कर्मचारी अंजान रहे कि आज भी हैं प्रदर्शन
इटावा। तमाम सरकारी कर्मचारियों को पता ही नहीं था कि गुरुवार को भी विरोध-प्रदर्शन होगा। लिहाजा करीब डेढ़ घंटा तक सरकारी दफ्तर खुले रहे। जब कर्मचारी नेता कार्यालयों में गए तब आंदोलन ने गति पकड़ी। उसके बाद ही कचहरी में धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ।
विकास भवन स्थित सरकारी दफ्तर गुरुवार को अन्य कामकाजी दिनों की तरह खुले। कचहरी वटवृक्ष के नीचे कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेता रामराज सिंह भदौरिया व अशोक दुबे आदि अन्य आकर बैठ गए। दरी पल्ली भी बिछी हुई थी। लेकिन उन पर बैठने वाले लोग नहीं थे। कर्मचारी नेताओं को पता चला कि अन्य कर्मचारियों को धरना-प्रदर्शन के बारे में जानकारी नहीं है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी नेता राकेश सक्सेना विभाग के अन्य कर्मचारियों के साथ विकास भवन पहुंचे। इसके बाद दफ्तर बंद होने लगे। कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया। 11:00 बजे विकास भवन में सन्नाटा पसर गया। गुरुवार को इस विरोध प्रदर्शन में सिंचाई विभाग के कर्मचारी रामनाथ यादव आदि भी शामिल हुए।
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