आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

जलभराव : जिसकी न फटी बिवाई, वो का जाने पीर पराई

Etawah

Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
इटावा। मानसून आने से किसानों के चेहरे भले ही खिले हों, लेकिन शहर के उन मुहल्लों के बाशिंदे खौफ में हैं, जिनके लिए यह बरसात जीते-जी नरक के समान है। चार महीने जलभराव रहने से मकान के ढहने का खौफ, बीमारियों के पनपने और जमी हुई काई में फिसलकर चुटहिल होने का दर्द, घर में कैद रहने, सांप-बिच्छू जैसे जहरीले कीड़ों का दंश, बच्चों की फिक्र और नाली का पानी घर में घुसने की पीड़ा न जाने कितने चेहरों पर साफ झलकने लगती है। बच्चों के खेल के मैदान तलैया बन जाएंगे। ड्रेस खराब होने पर स्कूल में मैडम की डांट खानी पड़ेगी। अमर उजाला ने जलभराव वाले क्षेत्रों में घूमकर लोगों से उनकी तकलीफ जानी तो भयावह तस्वीर जेहन में उभर कर्र आई। लोगों की बातें सुनकर ऐसा लगा कि वाकई वो शख्स यहां की तकलीफ क्या जानें जिन्होंने कभी इस दर्द को झेला नहीं। शहर के जनप्रतिनिधि और अफसरान के लिए आंखें खोलने वाली हकीकत बयां करती हमारी रिपोर्ट।
तस्वीर-1
लाइनपार का क्षेत्र गांधीनगर।
बरसात के दिनों में चार महीनों तक साक्षात नरक यहां देखा जा सकता है। करीब एक दशक से यहां के बाशिंदे जलभराव से जूझ रहे हैं। लोग बरसात आते ही दलदलनुमा सड़क की सोच कर खौफजदां हो उठते हैं। मुहल्ले के वीरपाल बताते हैं कि चार माह के लिए घर से निकलना दूभर हो जाता है। सड़क दलदल में बदल जाती है। करीब एक से डेढ़ फुट पानी भरा रहता है। नाला बना है मगर कामयाब नहीं है। घर की गृहस्थी सड़ जाती है। पानी रिस रिस कर घर के अंदर पहुंचता है।

तस्वीर- 2
शहर के पूर्व में जय भारत कालोनी।
करीब डेढ़ दशक से अस्तित्व में आई कालोनी में जलभराव की समस्या नासूर है। यहां नाला न होने से जल निकासी नहीं हो पाती। नतीजतन नालियां बजबजाती हैं। बरसात में हालत और भी खराब हो जाती है। पानी भरा रहने से कई मकानों में दरार तक आ चुकी हैं। यहां के बाशिंदे राघवेंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि उनके नए बने मकान का लेंटर चटक गया। अब लाखों रुपए हों तो नए सिरे से लेंटर डलवाएं। सिर्फ राघवेंद्र ही नहीं कई लोग इस समस्या से पीड़ित हैं। अब तो यहां से कहीं और बसने का मन करता है।

तस्वीर-3
लाइन पार का रामनगर मुहल्ला।
कमोवेश सभी गलियों में जलभराव की समस्या है। वजह भी साफ है कि नालियों का पानी निकलने का कोई सुगम रास्ता नहीं है। एक तलैया है, गर्मी में पानी सूख गया तो नालियों का पानी निकल जाता है। बरसात में इसी तलैया उफनाई तो गंदा पानी घरों में घुसता है। केके मिश्रा जैसे तमाम लोग बताते हैं कि हर साल का रोना है। बरसात के दिनों में घर तक पहुंचना किसी जंग से कम नहीं होता। बच्चों को घर से निकलने नहीं देते। कई बार हादसे हो चुके हैं। सांप और अन्य जहरीले कीड़े घरों में डेरा जमा लेते हैं।

तस्वीर-4
लाइनपार की बंगाली कालोनी।
हालात बदतर हैं। गरीबों की इस बस्ती में सिर्फ समस्याएं ही समस्याएं हैं। कहने को पार्क भी है लेकिन पूरी कालोनी का गंदा पानी इसमें जमा रहता है। आरबी सिंह बताते हैं कि नाली को पार्क या सुलभ शौचालय में न खोला जाए तो गर्मी के दिनों में ही एक फुट पानी सड़क पर भर जाता है। बरसात के हालात पर खुद अंदाजा लगा सकते हैं। बारिश के मौसम में हर घर में दो तीन लोग बीमारी से चारपाई पर लेटे होते हैं। बच्चों के शरीर फोड़े-फुंसी से सड़ जाते हैं। गंदे जलभराव की वजह से बीमारियां फैलती हैं।

तस्वीर- 5
जिला अस्पताल से सटी हुई मोतीझील कालोनी।
इस कालोनी के बीचोबीच तलैया है। बरसात के दिनों में यह तलैया जब ओवर फ्लो होती है तो आसपास रहने वालों के लिए मुसीबत का कारण बन जाती है। घराें में पानी घुस जाता है। हर साल पंप लगाकर तलैया से पानी निकाला जाता है। यहां के राजेंद्र कुमार बताते हैं कि नाला न होने से समस्या है। बरसात में पूरी कालोनी ही तलैया का रूप ले लेती है। कच्चे मकान भरभराकर गिरने लगते हैं और पक्के मकानों में पानी अंदर रिसने लगता है। यह समस्या बारिश के दिनों की हर साल की है।

12 करोड़ रुपए के प्रस्ताव भेजे गए
शहर में जहां भी जलभराव की समस्या है। वह क्षेत्र सदर विधान सभा क्षेत्र में आता है। 12 करोड़ रुपए के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। स्वीकृति मिलने के बाद हर सड़क और गली में काम होगा। नाली-नाला से जलनिकासी पर ध्यान दिया जाएगा। गांधी नगर का नाला दोबारा बनाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो और प्रस्ताव भेजे जाएंगे-रघुराज शाक्य, सदर विधायक

जल निकासी के लिए बनाईं चार टीमें
जल भराव से निजात के लिए चीफ सफाई निरीक्षक राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में चार टीमें बना दी गई हैं। कुछ इलाकों में समस्या से निजात के कदम उठाए जा रहे हैं। मसलन मोतीझील कालोनी में पानी भरने की दिक्कत को देखते हुए नाला बना कर खेल स्टेडियम से जोड़ा जा रहा है। कहीं भी जलभराव है तो उसे पंप के जरिए निकाला जा रहा है-जनार्दन राय, नगर पालिका ईओ

करोड़ों खर्च पर निजात नहीं मिली
जलभराव से निपटने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने विगत पांच वर्षों में करोड़ों रुपए खर्च किए। यह प्रयास आज के हालात देखते हुए नाकाफी हैं। सड़कें और नालियां बनीं लेकिन नालियों का पानी कहां जाएगा इस पर ध्यान नहीं दिया गया। पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद बताते हैं कि पांच वर्षाें में उन्होंने जलभराव की समस्या से निबटने के लिए करीब तीन करोड़ रुपए सड़कों और नालियों के निर्माण पर खर्च किए। लाइनपार के गांधीनगर, अशोक नगर के अलावा शहर के नए इलाकों व पक्का बाग आदि क्षेत्रों में कार्य कराए। नई बस्ती, आजाद नगर की जल निकासी की समस्या सड़क बना कर दूर कर दी गई।

जलभराव हो तो फोन करें
मुख्य सफाई निरीक्षक नगर पालिका
9411435341

अमर उजाला को बताएं
यदि आपके क्षेत्र में जलभराव या किसी अन्य तरह की समस्या है। समस्या वर्षों से जस की तस है तो हमें बताएं। अमर उजाला आपकी समस्या को शहर के अफसरों तक पहुंचाएगा। समस्या ऐसी बताएं जिसके समाधान से ज्यादा लोगों को राहत मिले। इसके अलावा कोई सुझाव, या फिर कोई बात साझा करना चाहते हैं तो हमें इस नंबर पर फोन करें- 08954886438
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

pir parai

स्पॉटलाइट

जानें क्या कहता है आपके आईलाइनर लगाने का अंदाज

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

रात में लाइट जलाकर सोते हैं तो हो जाएं सावधान

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

गीता बाली से शादी के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी में हुआ था ये चमत्कार, रातोंरात बन गए थे सुपरस्टार

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

अगर आप हैं ऑयली स्किन से परेशान तो जरूर आपनाएं ये घरेलू उपाय

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

54 वर्ष की उम्र में भी झलक रही है श्रीदेवी की खूबसूरती, देखें तस्वीरें

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

Most Read

AAP को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दफ्तर खाली करने का LG का आदेश रद्द

Delhi LG order that cancelled office allotment to AAP office set aside by Delhi High court
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

अरुण जेटली मानहानि केसः दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल को भेजा नोटिस

Delhi High court issues notice to Kejriwal for giving false information in affidavit
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

मां-बाप ने डांटा तो घर से भाग न‌िकले नाबाल‌िग भाई-बहन, होटल पहुंचे तो...

minor brothers and sisters run from house after Parents scolded  
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

राबड़ी देवी के समर्थन में उतरे सुशील मोदी, बीजेपी के कई नेता हैरान

Sushil Modi in support of Rabri Devi, many BJP leaders surprised
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

शिक्षाम‌ित्रों के हक में अखिलेश ने किया ट्वीट, निशाने पर सीएम योगी

akhilesh yadav tweets in favour of shikshamitra
  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

जानिए तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोला दारुल उलूम?

Darul Uloom from Deoband said on the divorce decision of three ...
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!