आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कल के जानी दुश्मन जेल में बने जिगरी दोस्त

Deoria

Updated Mon, 30 Jul 2012 12:00 PM IST
देवरिया। यह कोई फिल्मी पटकथा नहीं बल्कि हकीकत है। कल के जानी दुश्मन देवरिया जेल में अब 10 साल से एक ही बैरक में निरुद्ध रहते हुए जिगरी दोस्त बन गए हैं। पहले तो कुछ माह दोनों की नजरें आपस में मिलीं भी तो तलवार और ढाल की तरह लेकिन सलाखों में जवानी बीत गई तो दोनों खूब पछताए। दोनों के घरों में कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है। बची हैं तो सिर्फ विधवाएं। एक बार दोनों से उनके घरों की महिलाएं मिलने आईं और इसी बात का तकाजा देते हुए ऐसी दुश्मनी को लानत भेजीं। उसके बाद दोनों वापस बैरक में गए तो दोनों की आंखों से आंसुओं को जो धारा फूटी कि दुश्मनी उसमें बह-सी गई। इन्हें पता ही नहीं कब ये सुबकते हुए आपस में गले लिपटे और सारे गिले - शिकवे भुलाकर दोस्त बन बैठे।
इनमें से एक का नाम पारस नाथ सिंह है जबकि दूसरे का शेषनाथ सिंह उर्फ दुद्धन है। दोनों कुशीनगर जनपद के हाटा कोतवाली क्षेत्र के झांगा बाजार निवासी हैं। दोनों परिवारों में पोखरे को लेकर विवाद था। वर्ष 1994 में 25 जून को दोनों परिवारों के लोगों इसी विवाद में एक - दूसरे के परिवार का समूल नाश करने के इरादे से आमने - सामने भिड़े। दोनों पक्षोें से बम बरसे और बंदूकें गरजीं। पलक झपकते ही दोनों परिवार के चार लोग (पारस की ओर से सीताराम सिंह, जय गोविंद सिंह और पप्पू जबकि शेषनाथ की ओर से तूफानी सिंह) ढेर हो गए। एकबारगी हाहाकार मच गया और दोनों पक्ष से कुल 14 लोगों हवालात गए। देवरिया कोर्ट ने 11 जून 2002 को इन्हें फांसी की सजा सुनाई तो दोनों परिवार सदमे में आ गए। दोनों पक्ष सुप्रीम कोर्ट तक गए । वहां इन्हें राहत मिली और फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया गया। इस बीच पारस के पक्ष के सजायाफ्ता बिचारी सिंह और गोपाल दूबे चल बसे।
इस घटना ने दोनों परिवारों को भीतर से झकझोर दिया। कारण घटना के बाद से सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने तक दोनों परिवारों की मोटी रकम खर्च हो चुकी थी। इसने दोनों परिवार को नए सिरे आत्ममंथन को विवश किया। जिला जेल में एक ही बैरक में निरुद्ध दोनों जानी दुश्मन इस बात पर खूब पछताए कि जिस पोखरे के लिए खून बहा वह अब भी जस का तस है। इसके बाद अब ये ऐसे दोस्त बने हैं कि जरूरत पड़ने पर दोनों एक-दूसरे का कपड़ा साफ करते हैं, साथ पांत न बैठें तो निवाला हलक से नीचे नहीं उतरता और साथ ना रहें तो रात को बैरक में नींद नहीं आती।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

prison enemies

स्पॉटलाइट

'नो एंट्री' के सीक्वल में सलमान खान का डबल धमाका

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

कैसे बढ़ाएं स्मार्टफोन के बैटरी की लाइफ ?

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

कपल ने शेयर की वेकेशन की फोटोज, पर पीछे का नजारा दिखा कुछ ऐसा

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

मेष राशि वालों को इस सप्ताह होगा अपनी गलतियों का अहसास, जानें अपना प्रेम राशिफल

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

ऑफिस में महिलाएं इस काम में करती हैं सबसे ज्यादा समय बर्बाद

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

योगी की चेतावनी- 9 से 6 ऑफिस में ही दिखें, कभी भी बज सकता है फोन

press con of minister shrikant sharma
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

शहीद की मां का दर्द,‘प्रधानमंत्री से कुछ नहीं होता तो मैं ही कर दूंगी आतंकवादियों का खात्मा’

martyr ayush mother says about pm modi
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन आयुष के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

JEE Main 2017 : टॉपर कल्पित ने बताया अपनी सफलता के पीछे का राज

JEE Main 2017 Interview: topper kalpit was also a 10/10 CGPA scorer in class 10th
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के पिता का बड़ा बयान, कहा-'केंद्र सरकार की खराब पॉलिसी की वजह से मरा मेरा बेटा'

big statement of father martyr captain ayush yadav
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top