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गोर्रा में डूब रहे लोगों के अरमान, कई घर विलीन

Deoria

Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
रुद्रपुर। बड़े अरमानों से आशियाना बनाए कुछ लोगों के साथ प्रकृति क्रूर खेल कर रही है। हम बात कर रहे हैं गोर्रा नदी के किनारे बसे नरायनपुर और बहोरादलपतपुर गांव के लोगों की। यह लोग हर साल अपना आशियाना तिल तिलकर डूबते देख रहे हैं। बेबसी ऐसी कि न तो घर छोड़ते बन रहा है और न ही घर में रहा जा सकता है। बीते कुछ सालों में इन गांवों में करीब दो दर्जन पक्के मकान नदी में विलीन हो गए हैं। पथराई आंखों से यह लोग नदी की धार को निहारते रहते हैं। इस पर शासन प्रशासन की लापरवाही घाव पर नमक का काम कर रही है। इस साल भी प्रशासन ने इन गांवों को बचाने के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं।
गोर्रा नदी का हर साल उफनाकर मकानों को अपने आगोश में ले रही है। प्रशासन इस विनाशलीला को हर साल देख कर अफसोस जाहिर करने के अलावा कुछ नहीं करता। लाखों के मकान कटने के एवज में दस पांच हजार मुआवजा देकर मौन हो जा रहे प्रशासन के पास बचाव की कोई ठोस योजना नहीं है। वैसे तो बाढ़ प्रभावित इलाके में बंधों की सुरक्षा को सिंचाई विभाग शासन को लगभग 32 करोड़ की परियोजना भेज कर धन का इंतजार कर रहा है पर तटवर्ती गांवों में कटान रोकने को कोई परियोजना शासन को क्यों नहीं गई, यह लोगों के समझ में नहीं आ रहा है। नरायनपुर गांव में तूफानी, अमेरिका, शेसई, कोमल साहनी, हेमराज साहनी, दीनानाथ, रामउग्रह, सुखराज, राजकुमार सिंह, जयंत सिंह, रामकिशुन सहित दो दर्जन लोगों के मकान नदी में विलीन हो चुके हैं। बहोरा में रमेश मिश्र के तीन मकान कट कर गोर्रा की धारा में बह गए। इस साल कौशल किशोर, संजय सिंह, जालिम सिंह, नगीना यादव, रंगराज यादव, रविंद्र दूबे, हनुमान मिश्र, चंद्रशेखर दूबे और राधेश्याम मिश्र के मकान पर खतरा है।
नदियां उफनाईं, रेनकट से स्थिति हुई गंभीर
भाटपाररानी। बारिश होने से नदियों के तटबंधों की हालत दयनीय हो गई है। इस वर्ष रेनकट से जगह-जगह तटबंध संकरे और कमजोर हो गए हैं। यदि बाढ़ आती है तो इनके टूटने की आशंका है। इसके चलते ग्रामीण भयभीत हैं। क्षेत्र में छोटी गंडक नदी, खनुआ नदी और हाहा नाला के किनारे बने तटबंधों की स्थिति इस समय जर्जर है। छोटी गंडक नदी के किनारे स्थित बनकटा शंभू-मालीबारी, मालीबारी-बड़का गांव, बड़का गांव-बनकटा मिश्र और बनकटा मिश्र-जिरासो तटबंध हैं। इनमें बनकटा शंभू-मालीबारी में देई माई के स्थान पर मालीबारी बड़का गांव तटबांध में रामघाट और रेलवे लाइन के बगल में, बड़का गांव और बनकटा मिश्र में दूबे जी के बागीचे के पास तथा मठ दनउर व भवनटोला के पास तटबंध रेनकट के चलते काफी कमजोर हो गए हैं। मठ दनउर, भवनटोला और रामघाट पर छोटी गंडक नदी बिल्कुल तटबंध के सटे बह रही है। पानी का दबाव बढ़ने पर स्थिति भयावह होने की पूरी आशंका है। खनुआ नदी के किनारे स्थित बनकटा शंभू-सरया, सरया-कुकुरघांटी, खैराट-बांसघाटी और रायबारी तटबांध में भी केहुनिया, धरमखोर करन, सरया, धरमखोर बाबू, खैराट एवं बांसघाटी के पास रेनकट के चलते जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। खनुआ नदी में उफान आने पर इन जगहों पर कहीं भी तटबंध टूटकर भारी तबाही मचा सकते हैं। बड़का गांव के अजय दूबे, मालीबारी के दयानंद, बनकटा शंभू के राधा यादव, प्रेमशंकर, केहुनिया के रामप्रवेश, कैलाश, धरमखोर करन के सुदामा प्रसाद, लालचंद्र के सुदिष्ट सिंह आदि ने तटबंधों के मरम्मत की मांग की है। एसडीएम डा. आरडी पांडेय ने कहा कि लेखपालों से इन तटबंधों की जांच कराकर समुचित उपाय किया जाएगा।
सिर्फ बंधों के सुरक्षा की है जिम्मेदार
सिंचाई विभाग के एक्सईएन डीएन राम ने कहा कि विभाग सिर्फ तटबंधों की सुरक्षा का इंतजाम करता है। दोनों गांव नदी और बंधों के बीच बसे हैं, बचाने के लिए जनप्रतिनिधियों को प्रयास करना होगा।
मदद करेगा प्रशासन : एसडीएम
उपजिलाधिकारी रामानुज सिंह ने कहा कि कटान में मकान गंवा चुके लोगों की प्रशासन हर संभव मदद करने को तैयार है। मकान गंवा चुके लोगों को इंदिरा आवास और मुआवजा आदि दिया जाता है।

कटान प्रभावित गांवों का निरीक्षण
बरहज। समाजवादी पार्टी के जिला पदाधिकारियों ने बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ मंगलवार को तहसील क्षेत्र के कटान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। सपाइयों ने कहा कि कूरह परसिया में हो रही कटान से सीएम को अवगत कराया जाएगा। नेताओं ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही बचाव कार्य शुरू कराया जायेगा। सीएम के निर्देश पर सपा जिला पदाधिकारियों की टीम ऐतिहासिक रामजानकी मार्ग मेहियवां पहुंची। ग्रामीणों से कटान के बचाव के बारे में जानकारी ली। इसकेे बाद कूरह परसिया व कपरवार संगम तट, गौरा, कटइलवा में घाघरा की कटान को देखा। गांव के रमायन तिवारी, सुरेश तिवारी, रविंद्र यादव, सोनू ने बताया कि पूर्व की सरकार ने गांव की तरफ ध्यान नहीं दिया। जिसका नतीजा रहा कि 85 रिहायशी मकान नदी की भेंट चढ़ गए। कपरवार संगम तट पर भीषण जारी कटान को देख टीम के लोगों के राेंगटे खड़े हो गए। टीम के उमेश नारायण शाही, बजरंग बहादुर सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विजय रावत, कृपाशंकर उपाध्याय, व्यास यादव ने बताया कि सीएम के निर्देश पर कटान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वर्तमान हालात से अवगत कराया जायेगा।
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