आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

असरहीन साबित हो रहा एंटी रैबिज इंजेक्शन

Deoria

Updated Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
रुद्रपुर। पागल सियार और कुत्ते के काटने पर लगने वाली सुई (वैक्सीन) असरहीन साबित हो रही है। एकौना थाना क्षेत्र के ईश्वरपुरा गावं में पागल सियार के काटने पर घायल दो लोगों को एंटी रैबिज लगने के बाद भी उनकी मौत हो गई। इस घटना से गांव के लोग दहशतजदा हैं।
गांव में करीब एक साल पहले एक पागल सियार ने 16 लोगों को काट लिया था। सियार के काटने से घायल सभी मरीजों को रुद्रपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रैबिज की सुई लगाई गई। इनमें से चार माह पहले दो की मौत हो गई। इनकी मौत रैबिज के कारण हुई। गांव के अब्दुल लतीफ और सैनब खातून को सुई लगवाने के छह माह के अंदर रैबिज हो गया। दोनों के मुंह से लार टपकने और पानी देखने पर कंपकंपी उठने पर परिजन जिला अस्पताल ने गए। जिला अस्पताल जाने के बाद चिकित्सकों ने रैबिज का लक्षण बताकर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। मेडिकल कालेज में दो दिन इलाज चलने के बाद दोनों को पीजीआई रेफर कर दिया गया, पर गरीबी इन्हें इलाज को पीजीआई जाने से रोक दी। गोरखपुर के किसी निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान इनकी मौत हो गई। रैबिज प्रभावित दोनों मरीजों के मौत के बाद गांव में छह माह से मातम का माहौल है। सियार के काटने के बाद एंटी रैबीज ले चुके लोग अब घुट-घुट कर जी रहे हैं। इसरार अहमद, गुलाम हुसैन, अकबर अंसारी, सलमान, साबरा खातुन, हुसैन, विंध्याचलपासवान, अनीस अंसारी, सबरुन निशा, हफिजन और पकालू खान की जिंदगी दहशत में कट रही है। इन लोगों को इस बात कि चिंता सता रही है कि वही इंजेक्शन इनको भी लगा है, कहीं इनके शरीर में भी रैबीज प्रभावी न हो जाए।
उचित रखरखाव की व्यवस्था नहीं
रुद्रपुर। रैबिज के इंजेक्शन का रखरखाव इसके प्रभावी और निष्प्रभावी होने पर खासा असर डालता है। कुत्ता और सियार काटने में लगने वाली सुई को दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेड पर रखना चाहिए। अधिक तापमान में सुई बेअसर हो जाती। जबकि अस्पताल में रखरखाव बुरी तरह प्रभावित है। दवाओं को रखने के लिए लगे फ्रीज केवल बिजली रहने पर ही काम करते हैं। वैसे भी रुद्रपुर में मुश्किल से छह से आठ घंटे बिजली रहती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल मे ंकिसी भी वैक्सीन या दवा का तापमान मेंटेन नहीं रहता।
कैसे और कितना देना चाहिए एंटी रैबिज
रुद्रपुर। एंटी रैबीज के असरहीन होने में अनियमित डोज भी महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में लापरवाही के कारण मरीजों को मानक के अनुसार डोज नहीं दिया जाता है। डा. ताजुद्दीन अंसारी के अनुसार एंटी रैबीज के दो तरह के डोज होते है। पहल प्री एक्सपोजर और दूसरा पोस्ट एक्सपोजर। प्री एक्सपोजर एहतियात के तौर पर शून्य, तीन और सात दिनों के अंतर पर लगवाया जाता है। ऐसा तब किया जाता, जब किसी व्यक्ति को ऐसे क्षेत्र में जाना होता है, जहां कुत्ता या रैबीज की बीमारी पैदा करने वाले जानवरों के काटने का डर बना रहता है। पोस्ट एक्सपोजर कुत्ता या सियार के काटने के बाद लगता है। इसमें मरीज को पांच सूईयां देनी होती हैं। एंटी रैबीज की सुई शून्य, तीन, सात और 21 दिनों के अंतर पर लगाई जाती है। रैबीज की एक एमएल की सुई बांह के चौड़े हिस्से में लगानी होती है। लेकिन सरकारी अस्पतालों में अक्सर मरीजों को सब क्यूटिनियस डोज चमड़ी में दवा का दो बूंद लगा दिया जाता है। यानी एक एमएल की सुई में कई मरीजों को निपटा देने से दवा असरहीन हो जाती है।
मरीजों को दिया जाता समुचित डोज: अधीक्षक
रुद्रपुर। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. एसएन शर्मा ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को रैबीज का समुचित डोज देने का निर्देश है। दवा के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अपवाद स्वरुप किसी किसी मरीज में रैबीज प्रभावी होता है। अधिकांश मरीजों को दवा का भरपुर लाभ मिल रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

ऋतिक की पार्टी में पहुंची एक्स वाइफ सुजैन, 'काबिल' देखकर पति को भर लिया बाहों में

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

हर लड़के के लिए ये 6 काम है जरूरी, तभी खुश रहेगी गर्लफ्रेंड

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

काबिल ऋतिक की 8 नाकाबिल फिल्में, हो गई थी फ्लॉप

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अमिताभ नहीं अब ये हीरो करेगा 'केबीसी' को होस्ट

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

वीवो का V5 प्लस भारत में लॉन्च, फ्रंट में लगे हैं दो कैमरे

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top