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आय-जाति प्रमाणपत्र में भारी अनियमितता

Chitrakoot

Updated Sat, 04 Aug 2012 12:00 PM IST
चित्रकूट। तहसील परिसर में आय प्रमाणपत्र को लेकर भारी अनियमितता है। सप्ताह भर में आय प्रमाणपत्र बनाने का दावा करने वाला तहसील प्रशासन दो सप्ताह बाद भी अभ्यर्थियोें को आय प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। जिन लोगों के प्रमाणपत्र मिले भी हैं, उनमें भी किसी के पिता का नाम गलत है तो किसी के गांव का। प्रमाणपत्र बांटने के लिए जहां काउंटर बनाया गया है, वहां पानी भर गया है। इससे जो दिक्कत हो रही सो अलग।
कर्वी तहसील परिसर में आय और जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के तहत आय प्रमाणपत्र के लिए 20 दिन की अवधि निर्धारित है लेकिन तहकीकात के दौरान दो लोग ऐसे मिले, जिन्होंने 13 जुलाई को प्रमाणपत्र के लिए प्रार्थनापत्र दिया है लेकिन आज तक प्रमाणपत्र नहीं मिला। चकौंध के राहुल पुत्र देवेंद्र तिवारी ने बताया कि आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 13 जुलाई को आवेदन किया था लेकिन अभी प्रमाणपत्र नहीं मिला। तरौंहा की राजकु मारी पत्नी दिलीप ने बताया कि उसने 24 जुलाई को आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था, उसे दो अगस्त को प्रमाण पत्र नहीं मिला और कल उसकी पर्ची भी खो गई। अब क्लर्क कह रहे हैं कि पर्चाी लाओ नहीं तो प्रमाणपत्र भी नहीं मिलेगा। रसीद नंबर 23171 से आवेदन करने वाली रुचि पांडे का नाम ही बदल कर रूबी कर दिया गया है। इसी तरह 23 जुलाई को आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले कालूपुर निवासी छोटेलाल पुत्र राजकु मार के आय प्रमाणपत्र में पिता के नाम की जगह रामकुमार कर दिया है। भारतेंदु पुत्र रामनरेश ने बताया कि उनकी पर्ची पर जमा फार्म ही खो गए हैं। खरसेड़ा के संदीप पुत्र महेंद्र प्रसाद की जगह महेंद्र प्रताप सिंह कर दिया गया। गलत प्रमाणपत्र लेकर ये लोग टहल रहा हैं लेकिन कोई सुनने को ही तैयार नहीं। बछौड़ा की नान बिट्टी के आय प्रमाणपत्र में पिता के नाम की जगह सधुवा की सजुवा हो गया है, वह भी करेक्शन कराने के लिए इधर-उधर भटक रहा है।
गलत प्रमाणपत्रों के बारे में तहसीलदार कर्वी बीडी गुप्ता ने बताया कि ज्यादा प्रमाणपत्र बनाने की वजह से ऐसी दिक्कत हो रही है। अभी काफी शिकायतें मिलने के बाद वह इसी मसले पर कर्मचारियों से बात कर रहे हैं। उन्हें ध्यान से सही प्रमाणपत्र निर्गत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हाेंने बताया कि अभी एक सप्ताह तक ऐसी ही भीड़ रहेगी।
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