आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

गांवों में हालत अभी भी दयनीय

Chitrakoot

Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
शहर और कस्बों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त
सरैंया(चित्रकूट)। शहर-कसबों में बिजली दुरुस्त करने के बाद आपूर्ति बढ़ाकर बिजली विभाग अपनी पीठ खुद ठोंक रहा है वहीं गांवों की हालत अभी भी दयनीय है। कहीं आपूर्ति फाल्ट के नाम पर ठप है तो कहीं ऊपर से कम बिजली मिलने के नाम पर गांवों को बिजली से वंचित किया जा रहा है।
रैपुरा के ग्रामीण इलाकों में बिजली की काफी दिक्कत है। ग्रामीण कहते हैं कि गांवों में तो मोबाइल चार्ज करने भर को बिजली भी नहीं मिल रही है। लोगोें को अपने मोबाइल बाजार में ले जाकर इंवर्टर से चार्ज कराना पड़ता है। बिजली न मिलने से गांव में चल रहे कृषि कार्य में भी बाधा पड़ती है। धान, बरहट, सिंहपुर, अहिरा, बांधा के निवासी बिजली न आने से काफी परेशान हैं। धान के प्रधान ने बताया कि उनके गांव में बिजली एक माह से नहीं आ रही है। इस वजह से घरों के विद्युत के उपकरण बेकार पड़े हैं। गांव के लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए आसपास की बाजार में जाना पड़ता है, जिन दुकानों में जनरेटर होता है वहां पैसे देकर मोबाइल चार्ज कराते हैं। सिंहपुर के ग्राम प्रधान कुरील यादव ने बताया कि उनके गांव में शाम को सात बजे से रात दस बजे तक बारह बजे रात से सुबह छ: बजे तक की विद्युत कटौती होती है। बरहट निवासी मुन्ना सिंह व छेदी लाल ने बताया कि उनके घरों में भी बिजली से कोई लाभ नहीं मिलता है। बिजली की कमी से लोग काफी बेहाल हो जाते हैं, रात में सोना तक मुहाल है।
बांधा के प्रधान बद्री विशाल ने बताया कि उनके गांव में भी बिजली की काफी दिक्कत है। गांव में लोगों के घरों में लगे पंखे, कूलर, टीवी आदि उपकरण बेकार पड़े रहते हैं। अहिरा गांव के डा. हरिओम, संतोष, डा पिंटू श्रीवास्तव ने बताया कि उनके गांव में बिजली की सप्लाई गनीवां से आती है। बिजली की दिक्कत इतनी है कि लोगोें की रात को नींद भी पूरी नहीं हो पाती है। लोगों ने बताया कि गनीवां के अवर अभियंता सुनील पटेल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस व्यवस्था के तहत बारह घंटे विद्युत सप्लाई का प्राविधान है। उधर, शहर से जुड़े बेड़ी पुलिया तक के इलाके को ग्रामीण क्षेत्र होने के नाम पर यहां भी आएदिन बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। गौरतलब है कि रात में बिजली काटने से हाईवे होने की वजह से अक्सर लोग चुटहिल होते हैं और बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। रात और दिन में यहां बिजली काटने पर अवर अभियंता राजेंद्र राजपूत का एक ही जवाब रहता है, जितनी बिजली ऊपर से मिल रही है उतनी दी जा रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

चुंबन की 5 खासियतें, नहीं जानते तो अब जान लीजिए

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

बुधवार के दिन करें यह पांच काम, सुख-समृद्धि से भर जाएगी जिंदगी

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'टॉयलेटः एक प्रेम कथा' का पहला लुक, दुल्हनिया संग नजर आए अक्षय

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

VIRAL VIDEO: जिसे कुत्ता समझ रही थी लड़की वो निकला कुछ और, फिर क्या हुआ...

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'जॉली एलएलबी 2' ने कमाए 100 करोड़, 'द गाजी अटैक' की भी अच्छी शुरुआत

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

Most Read

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

मायावती: धर्म के नाम पर घट‌िया राजनीत‌ि कर रहे हैं नरेंद्र मोदी

mayawati lashes out on modi
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

भितरघात की चिंगारी से झुलसती सपा

spark of sabotage scorched SP
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

भाजपा के बड़े नेता ने कार्यकर्ताओं को दी है ये बड़ी नसीहत, जानें क्या कहा?

bjp big leader gives intructions to its supporters and workers
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top